हसीन कामुक पल
पहले प्यार के साथ हसीन कामुक पल

हैलो दोस्तो, मेरा नाम सिद्धार्थ है और मैं 20 साल का दिल्ली का रहने वाला हूँ। मेरा कद 5 फुट 10 इंच है और रंग गोरा है। मैं एक छात्र हूँ और दिखने में किसी मॉडल से कम नहीं लगता हूँ। मेरे लंड का लम्बाई तो औसत है.. परन्तु मोटाई काफ़ी अधिक है जो चूत में जाने के बाद काफ़ी मज़ा दिलाती है.. मतलब यह कि मेरा लंड किसी भी महिला की चूत को संतुष्ट करने के लिए काफ़ी है।

यह कहानी मेरी ओर मेरी गर्लफ्रेंड प्रिया की है। जब वो मेरी गर्लफ्रेंड बनी थी तो हम लोग काफ़ी जगह घूमने जाया करते थे।
अब तक मैंने उसे किस भी नहीं किया था और ना ही उससे पहले किसी भी लड़की को कुछ भी किया था।


प्रिया के बारे में आपको बता दूँ कि वो एक 19 वर्ष की नवयौवना है.. उसका फिगर 34-26-34 है। वो बिल्कुल एक मस्त आइटम गर्ल की तरह लगती थी।

एक बार हम दोनों मूवी देखने गए। जिसमें हमें सबसे ऊपर की सीट मिली.. वो भी कॉर्नर वाली और उस दिन मूवी हॉल में ज़्यादा लोग भी नहीं थे।

प्रथम चुम्बन
मूवी में कुछ गर्म दृश्य चल रहे थे.. जिसे देख कर वो गर्म होने लगी तो उसने मेरे हाथ को अपने हाथ से पकड़ लिया। उसने मेरे कान में कहा- मैं तुम्हें किस करना चाहती हूँ।

उसकी बात को सुन कर अभी मैंने उसकी तरफ़ मुँह घुमाया ही था कि उसने अपने होंठ मेरे होंठों से चिपका दिए और मेरे होंठ चूसने लगी। मैंने भी उसके होंठों को चूसना स्टार्ट कर दिया।

उसने मुझे किस करते हुए मेरे लंड पर अपना हाथ रख दिया जो कि अब तक खड़ा हो चुका था। वो जीन्स के ऊपर से ही मेरे लंड को रगड़ने लगी।

मैं उसके टॉप के ऊपर से ही उसके चूचों को मसलने लगा.. जिससे उसकी सिसकारी निकलने लगी थी।

मैंने हिंदी सेक्स स्टोरीज में पढ़ा था कि लड़की की गर्दन पर चूमने से उसे सेक्स चढ़ता है। तो मैंने उसकी गर्दन पर चूमना शुरू कर दिया। मैं चूमते-चूमते उसकी गर्दन पर जीभ से चाट भी रहा था और बीच-बीच में उसके कान कि लौ पर भी हल्के से काट रहा था।

इससे उसकी उत्तेजना बढ़ती जा रही थी। उसने जिप खोल कर मेरा लंड बाहर निकाल लिया था और उसे ऊपर-नीचे कर रही थी। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था।

जैसा कि मैंने आपको बताया कि हॉल में ज़्यादा लोग नहीं थे और ऊपर की सीटें खाली पड़ी हुई थीं। मैंने नीचे की तरफ़ देखा तो हॉल में सिर्फ़ कुछ लोग ही थे और वो भी जोड़े थे.. जो कि आपस में लगे हुए थे।

फिर मैंने बगल वाली सीट के हत्थे को ऊपर की तरफ़ कर दिया.. जिससे वो सीट हमारी सीट से जुड़ गई।

मैंने प्रिया को वहाँ पर लिटा दिया और उसका टॉप ऊपर को कर दिया। उसने काले रंग की ब्रा पहनी हुई थी। मैंने उसकी ब्रा के ऊपर से ही उसके चूचे चूसने शुरू कर दिए। उसके मुँह से सिसकारियां निकली जा रही थीं ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’
फिर मैंने उसकी ब्रा को साइड में करके दोनों चूचे बाहर निकाल कर चूसने शुरू दिए।

मैं एक हाथ से उसका एक चूचा पकड़ कर दबा रहा था और दूसरे चूचे को चूस रहा था। मैं उसके निप्पल के चारों तरफ जीभ से चाट रहा था और उसके निप्पल को चाट रहा था, वो बेचैन सी हुई जा रही थी।

फिर मैंने उसके निप्पल को चूसना शुरू किया.. अभी मैं बिल्कुल हल्के-हल्के से उसके निप्पल को चूस रहा था.. जिससे उसकी उत्तेजना बढ़ती जा रही थी।

मैं बारी-बारी से दोनों निप्पलों के साथ ऐसा ही कर रहा था। वो अपने हाथों से मेरा सिर अपने चूचों पर दबा रही थी। उसकी ‘आहें..’ बता रही थीं कि उसको कितना मज़ा आ रहा था।


मुझे उस वक़्त ऐसा लग रहा था कि अगर कहीं जन्नत है.. तो वो यही है। फिर मैंने उसके चूचों से नीचे आते हुए उसकी नाभि के छेद को चाटना शुरू किया, मैं उसकी नाभि के छेद में जीभ डाल रहा था, वो नीचे से अपनी कमर ऊपर को उठाने लगी थी।

चूत में उंगली
अब वो बहुत ज़्यादा उत्तेजित हो गई थी, मैंने उसकी जीन्स का बटन खोल कर एक हाथ उसकी पेंटी के अन्दर डाल दिया और उसकी चूत के ऊपर फिराने लगा, मैं उसके दाने को सहला रहा था, उसकी चूत बहुत गीली हो चुकी थी।

मैंने उसकी चूत को सहलाते हुए ही अपने होंठ ऊपर लाकर उसके होंठ चूसने लगा, उसकी आँखें बंद थीं।
अचानक मैंने अपनी एक उंगली उसकी चूत में झटके से डाल दी.. जिससे उसकी एक ‘आह..’ सी निकल गई।

मैंने उसको किस करते करते हुए वो उंगली उसकी चूत में अन्दर-बाहर करनी शुरू कर दी, बीच-बीच में मैं उसके चूचे भी चूस रहा था। अचानक उसका बदन अकड़ने सा लगा और मुझे ऐसा लगा जैसे उसकी चूत ने मेरी उंगली को कस कर जकड़ लिया हो।

मैं समझ गया कि वो झड़ रही है, मैंने और तेज उंगली अन्दर-बाहर करनी शुरू कर दी। उसने कसके मुझे पकड़ लिया और उसी पल उसकी चूत से बहुत सारा पानी निकला।

उसके चेहरे की मुस्कुराहट बता रही थी कि वो चरमानंद प्राप्त कर चुकी थी। कुछ पल वो यूँ ही पड़ी रही।

फिर उसने उठ कर मेरे लंड को हिलाना शुरू किया और मेरा भी पानी निकलवा दिया। मैंने रुमाल से अपना लंड ओर उसकी चूत साफ की। हम चाहते तो सेक्स कर सकते थे.. लेकिन कन्डोम ना होने की वजह से चुदाई नहीं कर सके।

जब मूवी खत्म हुई.. तो वो काफ़ी खुश नज़र आ रही थी।

उसी शाम को उसका फोन आया कि उसकी कंपनी उसको मुंबई भेज रही है और उसे दो दिन बाद ही जाना है। जिसे सुनकर मुझे खुशी भी हुई और दुख भी हुआ। खुशी इसलिए.. क्योंकि उसे बढ़िया पोस्ट मिल गई थी और दुख़ इसलिए कि मेरा प्यार मुझसे दूर जा रहा था।

प्रिया के बाद मैंने कभी किसी लड़की के साथ कुछ नहीं किया और ना ही कोई रिश्ता बनाया।
 


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