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लंड का चूत से पहला मिलन
06-01-2017, 03:55 AM
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लंड का चूत से पहला मिलन
लंड का चूत से पहला मिलन

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम हिमांशु है और में छत्तीसगढ़ के दुर्ग शहर का रहने वाला हूँ Antarvasna दोस्तों आज में आप सभी कामुकता डॉट कॉम पर इसकी सेक्सी सेक्सी कहानियों को पढ़कर मज़े लेने वालों कोअपने जीवन की सबसे अनोखी चुदाई की घटना बताने जा रहा हूँजिसमें मैंने अपने साथ पढने वाली लड़की को उसी के घर पर बहुत जमकर मज़े लेकर चोदा। में उम्मीद करूंगा कि मेरी यह सच्ची कहानी आप सभी को जरुर पसंद आएगी।

दोस्तों यह बात तब की है जब में 12th में पढ़ रहा था तब मेरी क्लास में एक बहुत सुंदर लड़की थी, जिससे में उस समय बहुत प्यार करता था उस लड़की का नाम सीमा था, लेकिन वो हमेशा मुझे और मेरे प्यार को देखकर समझकर भी अनदेखा कर देती थी, क्योंकि उसकी किसी दूसरे लड़के से दोस्ती थी, लेकिन यह बात मुझे भी बहुत अच्छी तरह से पता था कि उसकी लाइफ में कोई नहीं था और उसकी उस लड़के से बस बातें हंसी मजाक ही होता था, लेकिन फिर भी मुझे उस लड़के से सीमा का हंस हंसकरबातें करना बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता था और मुझे उस लड़के पर बहुत गुस्सा आता था।

एक दिन मैंने अपने मन ही मन में निश्चय करके सीमा को स्कूल से जाते वक़्त बीच रास्ते में रोककर मैंने सीमा से बोला कि में उसको बहुत प्यार करता हूँ, लेकिन तभी उसने मेरी वो बात को सुनकर मुझे धीरे से धक्का मारा और अपने रास्ते से हटाकर वो वहां से भाग गई।फिर मैंने उसके चले जाने के बाद मन ही मन में एक विचार किया और बनाया। मेरे उस प्लान के हिसाब से में अब अपनी क्लास में चला जाता और अपनी जगह पर जाकर में चुपचाप बैठ जाता और में अपनी पढ़ाई दूसरे सभी दोस्तों से बातें हंसी मजाक करता, लेकिन में अब उसकी तरफ बिल्कुल भी नहीं देखताथा और ऐसा कई दिनों तक चलता रहा।

फिर वो मेरी इस हरकत को बहुत ध्यान से देखने लगी और एक दिन उसने थोड़ी हिम्मत करके मुझसे पूछा कि तुम आज कल मुझसे बात क्यों नहीं करते, क्या तुम उस दिन का जवाब नहीं जानना चाहते? और तब उसने मुझसे पहली बार अपने मन की सच्ची बात में तुमसे बहुत प्यार करती हूँ कहा में तो जैसे उसके मुहं से वो बात सुनकर बिल्कुल पागल हो गया और फिर क्या रोज हम किसी ना किसी बहाने से मिला करते, लेकिन यह सब हमारे घरवालों को पता नहीं था और हम हमेशा चुप चुपकर मिलने लगे।

एक दिन उसके भाई ने हम दोनों को एक दूसरे की बाहों में देख लिया, जिसको देखकर वो बहुत गुस्से में हो गया और फिर वो हमारी तरफ आया और मुझे बहुत ज्यादा घूर घूरकर देख रहाथा, लेकिन वो मुझसे कुछ भी नहीं बोला और बस उसने अपनी बहनसीमा का हाथ पकड़ा और सीमा को वो अपने साथ में ले गया और फिर कुछ दिनों तक हम दोनों एक दूसरे से नहीं मिले, लेकिन एक दिन सीमा ने मौका पाकर मुझे फोन किया और तब वो मुझसे कहने लगी कि मेरे सभी घर वाले दो तीन दिन के लिए शादी मेंजा रहे है, लेकिन में अपनी पढ़ाई का बहान बनाकर उनके साथ वहां पर उस शादी में नहीं जा रही हूँ।

दोस्तों में उसकी उस बात का मतलब अच्छी तरह से समझ गया था, जिसकी वजह से में मन ही मन बहुत खुश था और मेरी ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं था। फिर उस दिन में उसी रात को उसके कमरे की खिड़की के नीचे जाकर खड़ा हो गया था और मैंने उसको फोन किया तो उसने अपनी खिड़की से नीचे देखकर मुझसे कहा कि में पाइप कोपकड़कर उससे चड़कर ऊपर आ जाऊँ। फिर उसके कहने पर वैसे ही चड़कर ऊपर चला गया और उसके कमरे में पहुंचते ही वो तुरंत मेरे पास आकर मेरी बाहों में आकर लिपट गई और मैंने भी ज़ोर से उसको कसकर पकड़ लिया।

अब हम दोनों एक दूसरे को लगातार पागलों की तरह चूमने लगे। फिर कुछ देर बाद उसने मुझसे कहा कि आज घर पर कोई नहीं है और हम दोनों ने एक दूसरे को मन से अपना मान लिया है, क्यों ना आज हम तन से भीएक हो जाए? तब मैंने भी उसकी उस बात को सुनकर बहुत खुश होकर उसको तुरंत हाँ कर दिया, क्योंकि में भी अब यही सब चाहता था और फिर उसने मेरी धीरे धीरे मेरी शर्ट का बटन खोल दिया और वो मेरे निप्पल को काटने लगी। फिर क्या था? मुझे अब जोश आने लगा और मेरी हिम्मत बढ़ने लगी, मैंने भी उसके ऊपर का टॉप उतार दिया और मैंने देखा कि उसने उसके अंदर काले रंग की ब्रा पहनी हुई थी।

फिर मैंने उसके बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबाया और उसके निप्पल को दबाने के साथ साथ पूरी तरह जोश में आकर ज़ोर से चूसने भी लगा। मुझे ऐसा करने में बहुत मज़ा आ रहा था और मैंने ध्यान से देखा कि उसके निप्पल बिल्कुल ब्लूफिल्म की हिरोइन की तरह थे एकदम हल्के गुलाबी रंग के और ठीक वैसे ही उसने बूब्स का आकार था और वो बहुत गोलमटोल और बड़े आकार के बड़े ही मुलायम बूब्स थे। फिर करीब बीस मिनट तक लगातार मैंने उसके निप्पल चूसे और बूब्स को दबाकर उनके मज़े लिए।

मेरे साथ साथ वो भी उस समय जोश में होने के साथ साथ बहुत खुश थी और उसके विचार मुझे उसके चेहरे से साफ साफ पता चल रहे थे।फिर उसने कुछ देर बाद मज़े करते हुए मेरे लंड पर अपना एक हाथ रख दिया और जैसे ही उसने अपना हाथ रखा वैसे ही मेरा लंड उसके स्पर्श से एकदम तनकर खड़ा हो गया और उसी समय उसने पहली बार मेरे लंड को देखकर एकदम पागल होकर तुरंत अपने मुहं में ले लिया। फिर मैंने तो उसके ऐसा करने से जैसे अब जन्नत में पहुंच गया और वो किसी अनुभवी रंडी की तरह बहुत मज़े से मेरा लंड अंदर बाहर करके उस पर अपनी जीभ को घुमाकर चाट रही थी और फिर कुछ देर उसके चूसते चूसते मैंने उसके मुहं में अपना वीर्य निकाल दिया।

फिर उसने उूउह्ह्ह्हह एम्म्ममम किया और लंड को अपने मुहं से बाहरनिकालकर मुझसे कहा कि वाह इतना गरम गाड़ा वीर्य पाकर में बिल्कुल पागल हो गई और फिर उसने मुझसे कहा कि हमारी शादीहोने तक तुम मुझे हर रोज अपना यह वीर्य जरुर पिलाओगे ना प्लीज, तुम आज मुझसे यह वादा करो? अब मैंने उसको उस काम के लिए हाँ कर दिया और वो मेरा जवाब सुनकर बहुत खुश हो गई। फिर उसी समय मैंने सही मौका देखकर तुरंत उसकी जींस को उतार दिया और तब मैंने देखा कि उसकी पेंटी चूत वाले हिस्से से एकदम फूली हुई थी मैंने उससे पूछा कि यह सब क्या है? तब उसने मुझसे कहा कि इस समय मेरा पीरियड चल रहा है।

दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।दोस्तों में अगर सच कहूँ तो मैंने आज तक किसी भी लड़की को विस्पर पहने हुए नहीं देखा, इसलिए में उसकी उस उभरी हुई चूत को पेंटी के अंदर से देखकर बहुत चकित था। मेरे मन में उसको देखने की बहुत उत्सुकता थी और वैसे मैंने किसी भी लड़की की चूत से खून भी नहीं निकलते हुए देखा था,क्योंकि मैंने ऐसी बहुत सारी चुदाई को ब्लूफिल्म में देखा था, लेकिन वो सब कभी नहीं देखा जो उस दिन पहली बार देखा। अब मैंने उससे आग्रह करके कहा कि वो मुझे अपनी चूतदिखाए और तब उसने मेरे कहने पर अपनी वो पेंटी नीचे उतारीऔर फिर उसका वो विस्पर भी उसकी पेंटी में चिपका था वो भी नीचे आ गया।

मैंने देखा कि वो खून से भीगा हुआ था। अब मैंने उसकी पेंटी को उठाया और में उसको सूंघने लगा। उससे भीनी भीनी खुशबू आ रही थी। वो खुशबू ऐसी जो एकदम मदहोश कर दे। फिर उसने अपने दोनों पैरों को फैलाया और तबमैंने देखा कि उसकी चूत एकदम गुलाबी रंग की बहुत सुंदर थी और उसकी चूत एकदम साफ बिना बालों वाली बहुत चिकनी थी और उस पर एक भी बाल नहीं था। मस्त गोरी चमकीली कामुक चूत थी। अब उसने अपनी चूत को अपने एक हाथ की उँगलियों से फैलाया और वो उसमें अपनी उंगली को डालने लगी। तब मैंने देखा कि उसकी चूत से धीरे धीरे खून बाहर निकल रहा था।

दोस्तों मैंने ऐसा नज़ारा चूत से बहता हुआ खून उस दिन पहली बार देखा था और वो बड़ा ही आकर्षक द्रश्य था। फिर मैंने कुछ देर बाद उसकी चूत को एक कपड़े से साफ किया और में उसको चाटने लगा और उसके मुहं से आह्ह्ह्ह्ह उूउहहह ऊउफ़्फ़्फ़्फ़ में मर गई की आवाज़ आ रही थी और कुछ देर चूसने के बाद मैंने अपने लंड पर वेसलिन लगा लिया और थोड़ा सा उसकी चूत पर भी लगाया। फिर जैसे ही मैंने अपना लंड उसकी चूत के अंदर डाला तो वो चीख उठी, प्लीज बस करो आह्ह्हह्ह ऊउईईईईई में मर गई, मुझे बहुत दर्द हो रहा है। फिर मैंने उससे कहा कि इससे कुछ नहीं होता, तुम अब शांत रहो और मैंने ज़ोर लगाया और अपना 6 इंच का लंड उसकी चूत में डाल दिया और अब में ज़ोर से अपने लंड को उसकी चूत में लगातार आगे पीछे करने लगा।

फिर करीब बीस मिनट तक मैंने उसको अलगअलग तरह से बैठाकर कभी लेटाकर उसकी चुदाई के मज़े लिए और फिर मेरे लंड से वीर्य निकलकर उसकी चूत के अंदर चला गया और यह देखकर उसने अपनी चूत के अंदर से ऐसा धक्का मारा कि मेरा सारा वीर्य और खून बिस्तर पर निकल गया। उसके बाद हमदोनों ने एक बार फिर से अपनी चुदाई को शुरू कर दिया और अबकरीब सुबह तीन बजे तक हम दोनों सेक्स करते रहे। मैंने उसको बहुत बार जमकर चोदा, जिससे हम दोनों को बहुत मज़े आए।अब मैंने उससे कहा कि अब में चलता हूँ।

मुझे अब अपने घर पर जाना होगा नहीं तो किसी को मेरे यहाँ पर होने का पता चल जाएगा और वैसे भी अभी बहुत अंधेरा है में चुपचाप निकलजाऊंगा और आज रात को हम दोनों फिर से ऐसे ही मिलेंगे। फिर यह बात सुनकर वो मेरे होंठो को अपने होंठो से चूसने लगी और मैंने भी उसको चूमा और फिर में उसी खिड़की से नीचे उतरकर अपने घर पर चला गया। दोस्तों में रात भर अपनीगर्लफ्रेंड के साथ सेक्स करते हुए बहुत ज्यादा थक गया था और मेरे पूरे शरीर की हिम्मत अब खत्म हो गई थी और में अपने घर के पीछे के दरवाजे से अंदर चला गया और फिर में चुपचाप अपने कमरे में जाकर बेड पर लेटकर सीमा के साथ मेरी उस रात भर जमकर उसकी चुदाई के हसीन सपने देखते हुए ना जाने कब सो गया।

फिर सुबह करीब 8 बजे मेरी मम्मी मेरेकमरे में आ गई और उन्होंने मुझे नींद से उठाकर वो मुझसे पूछने लगी कि क्या हुआ, आज तुझे स्कूल नहीं जाना? तो मैंने उनसे कह दिया कि आज मेरी तबीयत कुछ ठीक नहीं है, वोबोली कि तो ठीक है तुम सो जाओ थोड़ा सा आराम करो, में जितने घर का काम कर लेती हूँ और उसके बाद जब नाश्ता बन जाएगा तब में तुम्हे आकर बता दूंगी।फिर मैंने कहा कि हाँ ठीक है माँ और फिर उस दिन में करीब शाम के 7 बजे तक सोता रहा और मैंने पूरे दिन बहुत आराम किया।

फिर शाम को पापा अपने ऑफिस से आने के बाद सीधा मेरे कमरे में आ गए और वो मुझसे पूछने लगे कि क्या हुआ तुम ठीक तो हो और तुम्हारी तबियत अब कैसी है? तब मैंने कहा कि हाँ में ठीक हूँ। वो कल बहुत रात तक में पढ़ता रहा, क्योंकि मेरे पेपर भी अब पास आ रहे है ना इसलिए। फिरपापा ने कहा कि इस पढ़ाई के चक्कर में तुम अपनी तबीयत मत बिगाड़ लेना और ठीक समय से सब काम करो, तुम्हारे लिए सब सही होगा और पापा मुझसे इतना कहकर मेरे कमरे से बाहर चलेगये।

फिर रात को खाने की टेबल पर खाना खाने के बाद मैंने पापा से कहा कि आज रात को में अपने एक दोस्त के घर पर अपनी पढ़ाई करने जाऊंगा तो उन्होंने कहा कि तुम जाओ, लेकिन अपना ख्याल रखना। फिर मैंने उनकी तरफ से हाँ सुनकर बहुत खुश होकर तुरंत अपने कमरे में जाकर सीमा को फोन किया और उसको अपने पापा का जवाब बताया और कहा कि में अब तुम्हारे पास आ रहा हूँ। फिर उसने हाँ कहा और उसके घर पर पहुंचकर मैंने उसको दोबारा फोन किया और उसने रास्ता साफ होने का मुझे इशारा किया। फिर में उसी रास्ते से उसकी खिड़की से ऊपर चला गया, तो मैंने देखा कि वो आज बिस्तर पर लेटी हुई थी और मैंने उससे पूछा कि क्या हुआ तुम्हे? तब वो हंसकर कहने लगी कि कुछ नहीं बस यह मुझे कल रात की थकान है, मैंने कहा कि कोई बात नहीं में आज तुम्हारी सारी थकान मिटा दूँगा और यह कहकर में उसकी चूत को अपनी ऊँगली से मसाज देने लगा, जिसकी वजह से उसको बड़ा मज़ा आ रहा था और फिर कुछ देर बाद मैंने तेल से उसके पूरेबदन की मालिश करना शुरू किया।

फिर क्या था? उसमे बहुत जोश आ गया और वो बोली कि आज तुम मेरी गांड मारो प्लीज, तो मैंने उसको उसी समय कुतिया की तरह बैठा दिया और उसकी गांड में वेसलिन लगाने लगा और अपने लंड पर भी मैंने वेसलिन लगा लिया, जिसकी वजह से मेरा लंड उसकी चूत एकदम चिकने हो गए और उसके बाद में अपने लंड को उसकी गांड में धीरे धीरे दबाव बनाकर अंदर डालने लगा। तब मैंने महसूस किया कि उसकी गांड बहुत टाइट थी, जिसकी वजह से उसको बहुत दर्द हो रहा था और थोड़ी देर बाद उसको भी अच्छा लगने लगा था और बड़ा मस्त मज़ा आने लगा था।

फिर बहुत देर तक उसकी गांड मारने के बाद मैंने अपना लंड उसकी गांड से बाहर निकालकर उसके मुहं में डालकर अपना पूरा वीर्य निकाल दिया। वो मस्ती से मेरे लंड को चाटने लगी और उसको लोलीपोप की तरह मज़े लेकर चूसने लगी।फिर में उसकी चूत को चूसने लगा, उसका पीरियड तब उस दिन खत्म हो चुका था। मैंने फिर से उसकी चूत को चूसना चालू किया और थोड़ी देर बाद उसकी चूत से सफेद रंग का गरम नमकीन पानी निकलने लगा और में उसका वो पानी पीने लगा।

मुझे बड़ा मज़ा आया और फिर क्या था? सारी रात हम एक दूसरे को प्यार करने लगे। फिर दूसरे दिन भी ऐसा ही चलता रहा और फिर तीसरे दिन उसके घरवाले वापस आ गये। अब हम दोनों स्कूल के बाद पढ़ाई के नाम पर मेरे एक दोस्त के होटल के कमरे में मिलते रहे और वहां पर भी हमने बहुत मज़े लेकर चुदाई के मज़े किए ।।
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