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मेरे पेटीकोट का नाडा खोल दिया
10-08-2018, 03:44 PM
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मेरे पेटीकोट का नाडा खोल दिया
मैं जयपुर में रहता हूँ। यह कहानी तब की है, जब मेरा घर पर किसी कारण से झगड़ा होने की वजह से मैं 3 साल के लिए घर से दूर एक रूम किराय पर लेकर रहता था और खर्चे के लिए काम करता था।

उस वक़्त मेरी मुलाकात एक बस ड्राईवर से हुई, जिसका नाम अनिल था।

कुछ ही दिनों में, मेरी अनिल से काफी अच्छी दोस्ती हो गई…

कुछ दिनों बाद अनिल का खलासी, किसी काम से अपने घर चला गया। अब उसे एक खलासी की ज़रूरत थी, तो उसने मुझसे बात की और कहा कि मैं उसके साथ परमानेन्ट गाड़ी पर चलूँ और उसी के साथ रहूँ।

मैंने कहा – ठीक है, पर मैं हफ्ते में एक दिन की छुट्टी करूँगा।

उसने कहा – ठीक है…

फिर मैंने कहा – एक तारीख को आ जाऊंगा।

जब मैं एक तारीख को अनिल के घर पहुँचा, तो अनिल की वाइफ ने गेट खोला और पूछा – आप कौन…??

मैंने कहा – मुझे अनिल ने बुलाया है, गाड़ी पर चलने के लिए…

फिर उसने मुझे बताया – अनिल तो किसी काम से अपने गाँव गए हुए हैं। 4-5 दिनों में आयेंगे!! लेकिन अनिल ने मुझे बताया था कि कोई आने वाला है…

यह कहकर उसने मुझे अंदर आने को कहा और मुझे अपना कमरा दिखाया और कहा नहा-धोकर खाना खाने आ जाइए।

मैंने कहा – ठीक है…

मैं फ्रेश होकर खाना खाने आ गया। खाना खाते समय मैंने पूछा – आप का नाम क्या है…??

उसने अपना नाम “राधिका” बताया…

फिर उसने मुझसे पूछा कि क्या मैं यहाँ जयपुर में अकेला ही रहता हूँ…??

तो मैंने उसे बताया – यहाँ मैं अपने परिवार के साथ रहता हूँ पर किसी कारण से अभी अकेला ही रह रहा हूँ, अलग रूम लेकर…

हमने खाना खाया और काफी सारी बातें करी। थोड़ी देर बाद मैं अपने रूम में आ गया और अपने कपड़े खोल कर सो गया।

मुझे पता ही नहीं चला मेरी आँख कब लग गई। जब आँख खुली तो देखा राधिका मेरे सामने चाय लेकर खड़ी थी…

मैं एकदम चोंक गया तो राधिका ने मुझसे कहा – कोई बात नहीं, घर पर ही तो हो। आगे से ध्यान रखना…

मैंने कहा – ठीक है… और राधिका ने मुझे चाय दी और बाहर चली गई।

फिर कुछ देर बाद राधिका ने मुझे बुलाया और कहा, मैं उसके साथ बाजार चलूँ।

मैंने कहा – ठीक है… और मैं तैयार होकर राधिका के साथ बाजार निकल गया।

बाज़ार से शोपिंग करके जब हम घर लौट रहे थे, तब बस में भीड़ होने के कारण राधिका मुझसे चिपक के खड़ी हो गई…

राधिका की गाण्ड मेरे लिंग से बिलकुल चिपकने के कारण मेरे लिंग में एक अजब सा तनाव पैदा हो गया, जो मेरे साथ पहले कभी नहीं हुआ था!!

अब मेरा लण्ड पूरा खड़ा हो चुका था जिसका शायद राधिका को भी एहसास हो रहा था। लेकिन राधिका ने मुझे कुछ नहीं कहा…

थोड़ी देर बाद हम घर पर आ गये, राधिका कपडे बदल के किचन में चली गई और में भी कपडे बदल के हॉल में टीवी देखने बैठ गया। तभी राधिका ने मुझे बुलाया – पंकज, जरा किचन में आना!!

मैं खड़ा होकर किचन में चला गया, मैंने देखा राधिका ने बिलकुल ही पतला सा नाईट गाउन पहन रखा है जिसके कारण राधिका का जिस्म मुझे बिलकुल साफ दिख रहा था!! !!!

मेरी नजर एकटक राधिका को देख रही थी तभी राधिका ने कहा – मुझे ऐसे क्या देख रहे हो…?? पहले कभी किसी औरत को नहीं देखा…??

मैं बहुत डर गया और कहा – नहीं, ऐसी कोई बात नहीं है… आज से पहले कभी इतनी खुबसूरत औरत को नहीं देखा!! ख़ास तौर पर ऐसी नाईट ड्रेस में तो किसी को नहीं…

तो राधिका ने मुझसे पूछा – ऐसा इस ड्रेस में क्या है…??

मैंने तुरंत कहा – ड्रेस में नहीं, इसे पहनने वाले में कुछ बात है!!

राधिका ने कहा – कोई तारीफ़ करना तो तुम बस वालों से सीखे… अब तारीफ करना बंद करो और मेरी कुछ मदद करो…

मैंने कहा – ठीक है, पर मुझे किचन का कम नहीं आता… इस पर राधिका ने कहा – कोई बात नहीं… मैं सीखा दूंगी!!

यह कहकर राधिका मेरे पीछे खड़ी हो गई, जिससे राधिका के बूब्स मेरी कमर में चुभने लगे, मुझे बहुत आनंद आ रहा था… तभी राधिका ने मुझसे कहा – बस में तुम क्या कर रहे थे…??

मैंने कहा – कुछ तो नहीं!! वो भीड़ होने के कारण में आप से चिपक गया था और कोई बात नहीं…

राधिका ने तिरछी नज़रों से मुझे देखते हुए कहा – चलो, ठीक है…

फिर मैं दुबारा हॉल में बैठकर टीवी देखने लग गया, राधिका ने खाना लगा कर मुझे बुलाया – पंकज, खाना तैयार है, आकर खा लो!!

मैं खाना खाने चला गया।

खाना खाने के बाद मैं टीवी देखने बैठ गया। कुछ देर राधिका ने भी मेरे साथ टीवी देखी, फिर मुझसे कहा – मैं सोने जा रही हूँ, किसी चीज़ की जरूरत हो तो मुझे बुला लेना…

मैंने कहा – ठीक है… और मैं टीवी देखने लगा तभी राधिका ने मुझे आवाज लगाई – पंकज, जरा रूम में आना!!

जब मैं रूम में गया तो मैंने देखा राधिका सिर्फ ब्रा और पेटीकोट में थी, जिसे देख कर में पागल हो गया!!

एक मन तो हुआ कि जाकर राधिका को अभी चोद दूँ, प्यार से नहीं तो जबरदस्ती!! लेकिन मैंने खुद को संभाला और बोला – हाँ जी!! क्या बात है…??

इस पर राधिका ने कहा – मेरी पीठ में बहुत दर्द हो रहा है, जरा सी बाम लगा दो…

मैंने कहा – ठीक है, आप लेट जाओ और मैंने उसकी पीठ पर बाम लगानी शुरू कर दी…

धीरे धीरे मेरी हालात खराब होने लगी, मुझे फिर से बस वाला दौरा पड़ना चालू हो गया। मेरा लिंग पूरी तरह से तन केर पेंट से बाहर आने के लिये उछलने लगा!!! !!

मालिश करते समय राधिका ने एक खेल और खेला और मुझे कहा – पंकज जरा इस ब्रा के हुक को खोल कर अच्छी तरह से मालिश कर दे…
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10-08-2018, 03:47 PM
Post: #2
RE: मेरे पेटीकोट का नाडा खोल दिया
आख़िर मैं क्यूँ मना करने लगा, मैंने ठीक वैसे ही किया!! राधिका के ब्रा का हुक खोल कर मालिश करने लगा… मालिश करते हुए धीरे धीरे मैंने अपना हाथ राधिका के बूब्स पर लगाया और मसलने लगा!!!…

थोड़ी देर के बाद मैंने अपना हाथ हटा लिया, इस पर राधिका ने कहा – क्या हुआ…??

अब मैं राधिका के बूब्स को जोर से मसलने लगा, तभी राधिका ने कहा – जरा आराम से…

थोड़ी देर दबाने के बाद, राधिका मेरे ऊपर से उठी और अपना पेटीकोट का नाडा खोल दिया!! !!!

जैसे ही राधिका का पेटीकोट नीचे गिरा, मैंने देखा की उसने नीचे कुछ भी नहीं पहना था… मैं उसे देखता ही रहा, तभी राधिका ने कहा – क्या हुआ…??

मैंने कहा – मैंने आज से पहले कभी किसी औरत को ऐसे नहीं देखा!! !!! तो राधिका ने कहा – मतलब, आज से पहले तुमने कभी सेक्स नहीं किया…??

मैंने कहा – नहीं, मगर आप चिंता ना करो मैंने ब्लू-फिल्म बहुत देखी हैं और मुठ भी बहुत मारा है!!!

अब राधिका ने कहा – हाय रे मेरी किस्मत!! मतलब मुझे ही तुम्हें सब कुछ सिखाना है…

मैंने कहा – मुझे कुछ कुछ पता हैं। जो नहीं है, वो आप बता देना… इस पर राधिका ने कहा – मगर मेरी एक शर्त है!!

मैंने कहा – मुझे आपकी सारी शर्त मंजूर है तो राधिका ने कहा – मेरी पहली शर्त है कि तुम मुझे आप नहीं बल्कि राधिका कहोगे… !!

मैंने कहा – ठीक है और दूसरी शर्त यह है कि मैं जब भी मैं कहूँ, तुम मुझे चोदोगे…

मैंने कहा – ठीक है…

तो राधिका ने कहा – चलो, अब पहले अपने सारे कपडे खोल दो और पलंग पर लेट जाओ…

मैंने बिल्कुल वैसा ही किया अपने सारे कपडे खोल के पलंग पर लेट गया!! !!!

राधिका मेरे पास आकर बैठ गई और मेरे लिंग को हाथ में लेकर हिलाने लगी और मुँह में लेकर लोलीपोप की तरह चूसने लगी… !!

मुझे बहुत मजा आ रहा था, तभी एकदम मेरे शरीर में करंट सा दौड़ गया और मेरे लिंग से कुछ निकला जो सीधा राधिका के मुँह में गिर गया…

इस पर राधिका ने कहा – कोई बात नहीं, पहली बार ऐसे ही होता है।

थोड़ी देर बाद राधिका मेरे ऊपर आकर बैठ गई और मुझे किस करने लगी… कम से कम 8-9 मिनट बाद मैंने राधिका से कहा – राधिका, कुछ नया करें!!



अब राधिका ने कहा – पंकज, तुम भी मेरी चूत को चाटो!! मैं राधिका की चूत को चाटने लगा…

जेसे ही मैंने चूत पर अपना मुख लगाया, राधिका के सिसकारियाँ भरनी शुरू कर दी। कुछ देर बाद राधिका की चूत से कुछ पानी निकला…

मैं उसे पी गया… ऐसा रस मैंने कभी नहीं पीया था!!.................!!! !!

हम काफी देर तक ऐसे ही एक दूसरे को चाटते रहे, फिर मैंने राधिका से कहा – राधिका, अब मुझे लगता है कि मेरा पानी निकलने वाला है… तभी राधिका ने मुख से मेरे लिंग को बाहर निकाला और मुझसे कहा – पंकज, अब तुम अपने लण्ड को मेरी चूत में डाल दो… लेकिन आराम से!! क्योकि तुम्हारा टोपा बड़ा है… !!

मैंने कहा – ठीक है, जब दर्द हो तो कह देना। मैं रुक जाऊंगा…

मैं खड़ा हुआ और राधिका की चूत पर अपने लिंग को लगाया तो गीलेपन के कारण फिसल गया।

इस पर राधिका ने गुस्से में कहा – अब मुझे ही बताना होगा की तेरे लण्ड को चूत में कैसे डालना है!! !!! और उसने मेरे लिंग को पकड के अपनी चूत पर लगाया और कहा – अब जोर से धक्का मार, …

मैंने वैसे ही किया, एक जोर का धक्का लगाया और इसके साथ ही मेरा टोपा राधिका की चूत में घुस गया और राधिका जोर से चिल्ला उठी और बोली – हरामी, कुत्ते… धीरे डालने के लिये कहा था ना।

मैंने कहा – सोरी, अनाड़ी हूँ तो उसने कहा – चल ठीक है, कोई बात नहीं… मैं समझ सकती हूँ, तू साला चमन चूतिया है… लेकिन किसी और के साथ ऐसे मत करना, वरना वो कहीं मर ना जाए…

मैंने कहा – तुम्हारे होते हुए मुझे क्या डर और वैसे भी तुम हो ना, मुझे सिखाने के लिए!!

इस पर राधिका ने मुझसे कहा – कभी मैं नहीं हुई तो…??

अब मैंने कहा – तो फिर तुम मुझे पूरी तरह से तैयार कर देना!! राधिका ने कहा – ठीक है, लेकिन अभी तो जो काम कहा है वो तो कर… मुझे चोदो और मेरी प्यास बुझा दो!!

मैंने कहा – हाँ हाँ, ठीक है… और एक जोर का झटका लगाया!!

मेरा पूरे का पूरा लण्ड राधिका की चूत में घुस गया और मैंने जोर ज़ोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए!!! !!

करीबन १/२ घंटे के बाद मैंने राधिका से कहा – मेरा अब पानी निकलने वाला है!

मैंने वैसे ही किया, अपना लण्ड राधिकाकी चूत me nikal दिया और थक कर राधिका के पास ही लेट गया!!

राधिका भी अब तक थक चुकी थी…

थोड़ी देर बाद राधिका ने कहा – पंकज, आज के जैसा मजा मुझे पहले कभी नहीं मिला!! !!!

राधिका ने मुझे एक जोरदार किस किया और सो गई… रात को राधिका ने मुझे जगाया और फिर से एक बार चोदने के लिए कहा!!

उस रात मैंने राधिका को कम से कम 4 बार चोदा!! … …

सुबह मेरी आँख 9 बजे खुली, जब राधिका मेरे पास चाय लेकर आई!!

उसने मुझे चाय पीकर फिर से रात का कार्यक्रम चालू करने के लिये कहा… मैं पहले ही थका हुआ था, मगर उसकी शर्त के कारण मना भी नहीं कर सकता था।

राधिका ने मुझसे अनिल के आने तक खूब चुदवाया और मुझे नये तरीके भी बताये… …
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