मेरे जीजाजी की सेक्सी कहावते और उनकी कहानì
दोस्तों में सबसे पहले जीजाजी की कही हुई एक कहावत और वोह कहावत क्यों बनी उस कहानी से शुरू करती हु ये मुझे पसंद आई थी आशा हे आपको भी पसंद आएगी और इस थ्रीड में कभी कहावते कभी जीजाजी के कहे हुए सेक्सी चुटकुले और कभी उनके द्वारा कही गई उनकी आपबीती चलेगी इसलिए इसमें कान्तिन्युती नहीं रहेगी जो याद आएगी में वो पोस्ट कर दूंगी कृपया आप उस बात का ध्यान रखे प्लीज
तो सबसे पहले में उनके द्वारा एक कहावत और वो कहावत केसे बनी उस स्टोरी को बता रही हु ..

कहावत हे "अरे तुम क्यूँ अपनी माँ चुदवा रहे हो"
अब में बताती हु ये कहावत केसे बनी...
एक गाँव में एक परिवार रहता था उसमे एक माँ बाप और उनके दो बेटे थे बड़े बेटे की शादी हो चुकी थी और वो भी पत्नी के साथ रहता था !उनका मकान छोटा ही था बस एक के ऊपर एक तीन कमरे बने हुए थे! नीचे के कमरे में उनके माता पिता सोते थे बीच वाले में बड़ा बेटा और उसकी बहु और सबसे ऊपर वाले कमरे में उनका छोटा बेटा!
फिर एक दिन उस छोटे वाले लड़के की शादी हो गई और वो अपनी सुहागरात मनाने की तेयारी में अपनी पत्नी को अपने कमरे में यानि तीसरी मंजिल के कमरे में ले गया !अब आपको तो पता ही हे जब चारपाई पर सेक्स चलता हे तो उसकी आवाज नीचे कमरे में रहने वाले तक तो आती हे चारपाई के पाए की चूं चूं की आवज आई जब वो अपनी पत्नी के ऊपर चढ़ के धक्के लगा रहा था तो उसका बड़ा भाई अपनी पत्नी से बोला छोटे वाला सेक्स कर रहा हे चलो हम भी कर लेते हे !
और वो भी चुदाई में मशगुल हो गए जाहिर हे उनकी चारपाई की चूं चूं नीचे वाले कमरे में जहा उनके माता पिता सो रहे थे वहा जाएगी ही तो वो आवज सुनकर बुड्ढे का मन भी मचल गया और उसने अपनी पत्नी को कहा अपने बेटे चुदाई कर रहे चलो आज हम भी कर लेते हे और वो भी शुरू हो गए !यानि तीनो बाप बेटो ने अपना राउंड पूरा कर लिया थोड़ी देर की शांति के बाद सुहागरात वाला लड़का फिर शुरू हो गया चुदाई में उसकी चूं चूं सुनकर उसका भाई भी अपनी बीवी को पेलने लगा और उनके चारपाई के चरमराने की आवज सुन कर उसका बुड्ढा बाप भी बड़ी मुश्किल से अपनी और अपनी पत्नी सांसे व्यवस्थित कर अपनी बुधिया को पेलने लगा और उन्होंने बड़ी मुश्किल से अपना राउंड पूरा किया बुढिया दो बार की चुदाई में बुरी तरह थक चुकी थी पर छोटा वाला तो तीसरे राउंड में फिर शुरू हो गया बड़ा भाई भी शुरू हो गया और जब उनकी चारपाई की आवज फिर बुड्ढे के कानो में पड़ी तो उसके गुस्से की सीमा नहीं रही वो अपने कमरे से बहार आया और ऊपर वाले कमरों की जो खिडकिय खुलती हे वहा जाकर चिल्लाया "अरे तुम क्यूँ अपनी माँ चुदवा रहे हो" अब रुक क्यों नहीं जाते तुम्हारी वजह से नीचे तुम्हारी माँ चुद रही हे !हा हा हा हा मुझे तो ये कहावत अच्छी लगी आपको केसी लगी प्लीज रिप्लाई
"गारंटी गधी की चूत में घुस जाएगी "
कोई कहता की इस बात की मेरी गारंटी हे तो दूसरा कहता की गारंटी गधी की चूत में गुस जाएगी गारंतिया वारंटिया मत ले ये कुछ ऐसा हुआ की एक बार एक मतवाला गधा एक गधी के पीछे पद गया उसे चोदने के लिए गधी का मूड नहीं था इसलिए वो बार बार उसपर दुलत्ती चला रही थी इधर से उधर भाग रही थी पर गधा था की अपने २.५-३ फुट के लंड को उठाये बार बार उस पर चढ़ने की कोशिश कर रहा था उस गधी के तो घास चरना भी हरम हो गया था और वो इधर से उधर भागती फिर रही थी ! तभी एक चिड़िया उसे मिली और और उस चिड़िया ने उसे पूछा क्या हुआ उसने अपनी परेशानी बताई की मेरे गधा पीछे पड़ा हुआ हे चिड़िया अपना सीना निकाल कर बोली अब गधा तुम्हे नहीं चोद सकेगा ये मेरी गारंटी हे तुम आराम से यहाँ घास चरो गधी ने भी चिड़िया की गारंटी का विश्वास कर आराम से घास चरने लगी तभी गधा भागता वहा आया अपना लंड निकाले चिड़िया ने उस गधे को गधी की चूत में लंड डालने से रोकने के लिए अपने पंख फेलाए और गधी की चूत के ऊपर बेठ गई की गधे को इस गधी को चोदने नहीं देना गारंटी ली हुई हे पर गधा जो काफी समय से उस गधी को चोदने के लिए बहुत उत्तेजित था और गधे ने अपने लंड को फचाक से गधी की चूत में डाला और लंड के टोपे से वो छोटी सी चिड़िया भी गधी की चूत में समां गई थी ! तब से ये कहते हे गारंटी मत ले गारंटी गधी की चूत में घुस जाएगी और ये कहानी उस कहावत पर भी फिट हो सकती हे भलमान्सहत गधी की चूत में घुस जाएगी ! ओके आपको ये कहावत और इसकी स्टोरी केसी लगी प्लीज रिप्लाई कमला.......!
एक कहावत आपने सुनी होगी हम किसी आदमी को जो पहले से ही कोई काम कर रहा हो और उसे और कोई अन्य काम का कहते हे तो वो झल्ला कर कहता हे "पहले से ही मेरे गले तक आई हुई पड़ी हे अब मेरे से ये और काम नहीं होगा " या "पहले से ही ये काम मेरे गले तक आ गया हे "या "मेरे तो वेसे भी गले तक आई हुई हे "ऐसा ही कुछ लोग कहते हे आज में आपको बताती हु ये कहावत केसे बनी ...!
इसकी कहानी कुछ यूँ हे आप इसे मनोरंजन के तोर पर ही लेना अन्यथा मत लेना क्यूंकि ये थ्रीड मेने आपकी मनोरंजन और मेरे जो मन में आई हे या मेने सुना हे उसे बयां करने के लिए ही बनाया हे आप भी कोई कहावत और उससे जुडी कहानी लिख सकते हे खेर ...में कहानी पर आती हु
एक बार एक शेर की शेरनी और एक गधे की गधी पीहर चली जाती हे और कई दिनों तक आती नहीं हे गधा और शेर दोनों चुदाई करने के लिए मारे मारे फिर रहे हे कोई दूसरी सेटिंग उनके हुई नहीं और फिर दोनों मिले उनके दिल का दर्द जबान पर आया और दोनों ने कहा क्या करे किसी को नहीं चोदा और अपना पानी नहीं निकला तो लंड फट जायेगा !
आखिर दोनों ने तय किया की दोनों आपस में एक दुसरे की गांड मार लेते हे ताकि दोनों का पानी निकल जाये चुदाई के लिए दोनों मार रहे थे लिहाजा दोनों में जल्दी ही सहमती बन गई !
शेर चूँकि जंगल का तजा था इसलिए उसने गधे से कहा ठीक हे पर में पहले तेरी गांड मरूँगा गधा भला कहा एतराज कर सकता था इसलिए वो शेर की तरफ अपनी गांड करके खड़ा हो गया और बोला आइये महाराज और मार लीजिये ! शेर ने कहा तुम बेठ जाओ में तेरे पीछे बेठ कर गांड मारूंगा हमारी यही स्टाइल हे गधा उसके कहे अनुसार अपनी गांड उठा कर बेठ गया शेर भी फटाफट गधे के पीछे लग गया उसकी गांड मारने लगा आपको तो पता ही हे शेर का लंड छोटा ही होता हे और जल्दी झर भी जाता हे शेर को गांड मरते मरते आनंद आया और वो गधे से बोला गधे भाई अपना मुह पीछे करो में चुम्बन देना चाहता हु तुम्हारी गांड मारते मारते!
गधे ने आराम से अपना मुह पीछे गुम लिया जिसे शेर ने कई बार चूमा उसकी गांड मारते मारते और फिर वो झर गया !
गधा बोला शेर भाई अब आपकी बारी गांड मराने की! आप फटाफट मेरी तरफ गांड करके खड़े हो जाओ शेर खड़ा हो गया अब गधे ने अपनी १० सेल की बेटरी यानि ३ फुट का लंड शेर की गांड में सरकने लगा शेर की आँखे बहार की तरफ उबलने लगी पर मुस्किल से खड़ा रहा और गधे के लंड को झड तक अन्दर गुसने तक हिम्मत राखी जब उस गधे का लंड पूरा अन्दर चला गया उसके अंडे शेर की गांड तक टकराए तब शेर को लगा की उसका लंड मेरे गले तक पहुँच गया हे पर क्या करता उसे जब तक गधे का पानी नहीं निकल जाये तब तक झेलना ही था !
गधे की भी गांड मारते मारते मस्ती चरम सीमा पर थी उसे भी शेर की टाईट गांड में बहुत आनंद आ रहा था और वो शेर से बोला "शेर भाई जरा अपना मुह पीछे करो न मुझे भी आपके मुह पर चुम्बन देने हे "
जब शेर ने गधे की ये डिमांड सुनी तो वो झल्ला कर बोला "अरे यार ये पहले से ही मेरे गले तक आया हुआ हे में अब कुछ नहीं कर सकता मेरी गर्दन भी जब तक तुम्हारा लंड मेरे अन्दर हे नहीं मुड सकती" हा हा हा हा यानि आपका काम पहले से ही इतना कठिन हे की में अब आपका दूसरा काम नहीं कर सकता बड़ी मुश्किल से ये आपका पहले वाला काम कर रहा हु ! आशा हे दोस्तों आपको ये कहावत समझ में आ गई होगी ये हमारे राजस्थान की कहावते आप थोडा समझ लेना और केसी लगी उसकी रिप्लाई देना ओके आपने समय निकल कर मेरी इतनी बकवास पढ़ी उसके लिए आपको कोटि कोटि धन्यवाद् !........कमला!
दोस्तों हमारे इधर एक कहावत हे की उसकी "जमीन फोरी {कमजोर }आयगी "!यानि किसी बहादुर या किसी ने कभी न दबने वाले या न हारने वाले की किसी कमजोर से हर हो जाये तो यही कहा जाता की आज उसकी जमीन कमजोर आ गई ! वर्ना वो उससे हारने वाला नहीं था !जेसे एक कहावत जो इससे मिलती जुलती ही हे की 'बहादुर को मौत किसी गांडू के हाथ ही होती हे ' वो जब होती हे जब उसके सितारे गर्दिश में आजाये या दुसरे शब्दों में उसके कदमो के नीचे जमीन कमजोर आ जाये अब इसकी कहानी पर आती हु .....
एक जंगल में एक गुफा में एक शेरनी और उसके दो छोटे छोटे बच्चे रहते थे शेरनी दिन को शिकार करने के लिए जाती थी तब उसके बच्चे उस गुफा में अकेले ही रहते थे !एक दिन उधर से एक सियार निकला और उसने उन शेरनी के बच्चो को देखा और चुहल करनी की सोची और उनसे पूछा !
सियार :-"तुम्हारी मम्मी कहाँ हे ?"
बच्चे "- "वो शिकार पर गई हे आपको क्या काम हे?"
सियार :- "मुझे उसे चोदना हे "
बच्चों ने अपनी माँ को ये बात बताई जब वो उनके लिए ताजा ताजा शिकारले कर आई!
शेरनी को सियार पर गुस्सा तो बहुत आया पर वो अपना गुस्सा पी गई पर सियार ने ये रोज का काम बना लिया वो रोज उस गुफा से निकालता और उन बच्चो से ये बात कहता !
आखिर शेरनी ने उसे सबक सिखाने का निश्चय किया और एक दिन वो शिकार पर नहीं जाकर उस गुफा में ही छुपी रही ! सियार निश्चित समय पर आया और उसके बच्चो से वाही बात की की तुम्हारी मम्मी कहा हे उसे मुझे चोदना हे !
शेरनी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया और उसने गुस्से से दहाड़ मरी और गुफा से निकली शेरनी को देखते ही सियार तो दुम दबा कर भागा ! शेरनी भी उसके पीछे पीछे भागी भागते भागते एक जगह दो पेड़ आये जो साथ साथ बड़े हुए थे और उनके तने पास पास थे सियार तो छोटा और दुबला पतला था उनके बीचे से निकल गया पर शेरनी उससे बड़ी और मोटी थी वो उन तनो के बीच में फंस गई उसके कुल्हे मोटे थे वो उन तनो से नहीं निकले और उसका मुह पेड़ो के इस तरफ और कुल्हे उस तरफ रह गए ! सियार को ये पता चला की अब शेरनी इतनी जल्दी नही निकल सकती और उसे भी अब जान का खतरा नहीं हे तो वो वापिस आया शेरनी के पीछे गया और आराम से उसे चोदने लगा ! बड़ी मस्ती और इत्मिनान से उसे चोद और अपना पानी उसकी चूत में उड़ेल कर उसके मुह की तरफ जाकर बोला देखो जब जमीन कमजोर आ जाती हे तो शेरनी को सियार चोद कर चला जाता हे जिसकी उसके सामने एक झापड़ की हेसियत होती हे और शेरनी अपनी मज़बूरी में कसमसा कर रह गई उसे वहा से निकलने में आधा घंटा लगा तब तक सियार वहा कहा था !
तो ये हे जमीन कमजोर होने की कहानी या सितारे गर्दिस में आने की कहानी ! केसी लगी आपको प्लीज रिप्लाई आपको समझ में आ रही हे या नहीं और आनंद आ रहा हे या नहीं हो सकता हे ये आपके पहले से सुनी हुई हो क्यूंकि ये कहावते और कहानिया तो बरसों से चल रही हे .........कमला....!
एक कहानी जो मुझे जीजाजी ने सुनाई थी जो मुझे काफी अच्छी लगी थी वो में आपको सुनाती हु .....
एक बार एक फौजी की शादी हुई फौजी बहुत होशियार था उसे पता था की साल में छुट्टी तो दो महीने ही मिलती हे और १० महीने बीबी अकेली रहेगी तो उसे कोई दूसरा ना चोद पाए इसका इलाज करना हे ! काफी सोच विचार कर उसने एक प्लान बनाया और अपनी पत्नी को सुहागरात मनाने अपने घर में ले गया वहा पास पास दो कमरे में थे बीबी बिलकुल सुहागरात और सेक्स से अनजान थी उसे उसने एक कमरे में बिठा दिया और कहा अब हम सुहाग रत मनाते हे और सेक्स करेंगे बीबी कुछ नया होने का इन्तजार करने लगी !
थोड़ी देर में फौजी ने उसे आवाज देकर दुसरे कमरे में बुलाया और उसके हाथ में एक तलवार देकर कहा की में उस कमरे में जा रहा हु और तू इस तलवार को घुमाते हुए आना और कहना "मार डालूंगी काट डालूंगी" इस तरह बोलते बोलते उस कमरे में आ ! बीबी बहुत मासूम और भोली थी उसने उसके कहे अनुसार किया और उस दुसरे कमरे में मोजूद फौजी ने उसके हाथ से तलवार लेकर नीचे रख दी और उसे पलंग पर लिटा कर सुहागरात मना ली ! अब १५-२० दिन जितने दिन फौजी वहा रुका उसने यही प्रक्रिया दोहराई!यानि पत्नी का हाथ में तलवार लेकर मार डालूंगी काट डालूंगी बोलते हुए आना और फौजी द्वारा उससे तलवार लेकर आले में रख देना फिर पलंग पर सुला कर चोद देना !उसकी पत्नी जो पहले बार सेक्स करा रही थी उसके दिमाग में ये प्रक्रिया फिक्स हो गई !और फिर फौजी अपनी पत्नी को किसी दुसरे से ना चुदवाने की हिदायत दे कर अपनी ड्यूटी पर चला गया !अब वो फिर से अपनी पत्नी के पास १०-११ महीने में ही आना था !
अब बीबी अपने पति के बिना कई महीनो तक तो अपने सेक्स को कंट्रोल कर मन को दबा के रही पर शारीर की आग तो बढती ही जा रही थी और उसे उस फौजी ने ही प्रजल्ल्वित की थी !आखिर उसने अपने देह की अग्नि को बुझाने के लिए फौजी की सलाह को भूलना चाहा और उसकी गाँव में नज़र घुमने लगी की किस्से चुदवाऊ!
अब गाँव के स्कुल के मास्टर जी बस फोजियो की बीबियो को छोड़ने की फ़िराक में ही रहते थे और जब उन्हें थोडा इस फौजी की बीबी से ग्रीन सिग्नल मिला तो उनके वारे न्यारे हो गए और एक दिन उसके पास चाय पिने चले गए और फोजी की बीबी ने भी उनको चोदने की दावत दे डाली और उन्हें रात को अपने घर पर बुला लिया मास्टर जी चुपके से रात को वहा पहुँच गए !फौजी की बीबी ने उन्हें एक कमरे में बुलाया और पलंग पर बेठने को कहा और वो खुद दुसरे कमरे में गई मास्टर जी ने सोचा अपने सेक्सी कपडे पहन के आएगी शायद !पर ये क्या?फौजन तो हाथ में तलवार लेकर बड़े ही रोद्र रूप में मार डालूंगी काट डालूंगी - मार डालूंगी काट डालूंगी कहती कहती आई और मास्टर जी के डर के मरे छक्के छुट गए उन्होंने सोचा की ये फौजन तो बड़ी शरीफ औरत हे और मेने उसे जो छेड़ा हे ये उसके बदले में मुझे मार डालेगी और ऐसा सोच कर वो सर पर पांव रख कर भाग खड़ा हुआ ! फौजन को पता ही नहीं चला की ये चोदने आये मास्टर जी अचानक भाग क्यों खड़े हुए?
अब दुसरे दिन जब मास्टर जी ये घटना गाँव के बाहर बस अड्डे के चाय की होटल में अपने दोस्त को बता रहे थे की उसी दिन गाँव आया फौजी उस होटल में चाय पी रहा था उसने ये बात सुन ली !उसने सोचा साली मेरे इतने समझाने के बाद भी चुदवाने के लिए मास्टर को बुला लिया ये तो भला हुआ मेरी तलवार वाली तरकीब काम कर गई और मेरी बीबी को पराये मर्दों से चुदने से बचा लिया! शाम को वो जब अपने घर गया अपनी पत्नी को कमरे में बुलाया और उसे सुलाकर उसकी चूत पर अपना कान धरा और बोला " क्या कहा चुदवाने के लिए मास्टर को बुलाया ? अच्छा और क्या हुआ ? कई दिन से चुदने की फ़िराक में थी हाँ में समझ गया !" ऐसा बोल कर वो बीबी से बोला मुझे तू जो भी मेरी पीठ पीछे करती हे ये मुझे सब बता देती हे!याद रखना अब किसी को बुलाया तो ये मुझे बता देगी और में तुझे मार डालूँगा ! ऐसा कह कर वो पास वाले कमरे में गया फौजी की पत्नी ने सोचा वास्तव में ये चूत मेरे पति को सब बातें बता देती हे और ऐसा सोच कर उसने अपनी चूत को एक चांटा मारा फौजी ने चांटे की आवाज़ सुन ली और फिर से वापिस आया और चूत के कान लगा कर बोला अच्छा इसने तुझे मारा ! और अपनी पत्नी से बोला तू इसको मारेगी या कुछ भी करेगी तो ये मुझे बता देगी अब मत मारना ! भोली पत्नी ने सोचा वास्तव में ये इसे बता देती हे और ऐसा सोच कर उसने अपने पति ड्यूटी पर जाने के बाद भी जिंदगी भर दुसरे से नहीं चुदवाया ! ये कहानी केसी लगी प्लीज रिप्लाई .....आपको कई दिन इन्तजार करना पड़ा उसके लिए सोरी .....कमला.....!


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