बस से होटल तक का सफर
एक बार की बात है। मैं एक कम्पनी में सेल्समैन की जॉब करता था । जिस में मुझे डिस्टिब्यूटर के पास जा कर उसके साथ साथ मार्केट में शॉप शॉप जा कर आर्डर लेना होता था और नए प्रोडक्ट की प्रोमोशन करनी होती थी। तो मुझे 10 डिस्टिब्यूटर दिए हुए थे तो मुझे हर एक डिस्टिब्यूटर के यहाँ 3 दिन जाना होता था। संडे ऑफ होता था।
तो इस जॉब में मुझे कई बार बस से तो कभी ट्रैन से यात्रा करनी पड़ती थी। एक बार में एक सिटी से तीसरे दिन काम खत्म कर के दूसरी सिटी जा रहा था जहाँ मुझे सुबह दूसरे डिस्टिब्यूटर के यहाँ जाना था तो मैंने रात को ही वहां पहुच रहा था तो मैंने होटल बुक किया हुआ था ।

अब आता हूं मुख्य बात पर में बस में 2 सीटर वाली साइड ओर खिड़की के सहारे से बैठा था । तो खिड़की से देखा कि एक 40 से 50 के बीच की एक महिला एक आदमी से हँस हँस कर बात कर रही थी । तो मैंने आईडिया लगया की ये हस्बैंड वाइफ तो हो नहीं सकते है क्योंकि इतना प्यार और वो भी इस उम्र में पति पत्नी में नही हो सकता।
ये जरूर कोई और रिलेशन में होंगे।

मैने मन ही मन सोचा कि काश ये औरत मेरी बगल में आ जाये।
पर सिर्फ सोचने से क्या होगा। मेरी किस्मत इतनी अच्छी कहा थी।

थोड़ी देर बाद बस की लगभग सभी सीट्स पर सवारी हो गयी । पूरी बस में नहीं सिर्फ खिड़की वाली सीट पर।

थोड़ी देर बाद वो औरत बस में चढ़ी ओर सब सीट की तरफ देख कर आगे बढ़ने लगी । शायद वो खिड़की के साइड की सीट देख रही थी। पर वो तो सब फूल थी।तो मैंने मौके का फायदा उठाते हुए उठाते हुए बोला आंटी जी इधर बैठ जाओ और में खिड़की से सरक कर दूसरी सीट पर आ गया। और वो मेरे घुटनों से अपनी पिंडली टच करती हुई घुसी । मेरी तरफ पीठ कर के अंदर की सीट पर बैठने के लिए घुसी तो उसकी भारी भरकम गांड मेरी नाक से एक इंच ही दूर रही । रही क्या मैंने अपने आपको थोड़ा और पीछे किया । अगर मैं चाहता तो उसकी हिप्स से मेरी नाक टच भी कर सकता था। पर नहीं मैंने अपनी सीट छोड़ कर उसको जो इम्प्रेशन जमाया था वो में खराब नहीं करना चाहता था।
बस स्टार्ट हो गयी ।अभी तक मेरी और कोई बात नही हुई थी उस आंटी से पर सफर लंबा था । तो कुछ लोग तो सफर को सो कर काट लेते है पर भाइयों और भाभियों जब एक गर्म औरत बगल में हो तो नींद भी कैसे आएगी। बस को चले 15 मिनट हुए थे कि बस उस सिटी के लास्ट स्टैंड पर रुकी कुछ सवारी लेने । कंडक्टर साहब अपनी मशीन से कुछ स्लिप निकल कर बुकिंग विंडो पर देने गए। तो थोड़ा सा टाइम भी लगा। अब मैंने चुप्पी को तोड़ते हुए बोलना शिरू किया । मैं अपने आप से ही बोला - पता नहीं यहाँ और कितने टाइम रुकेगी।

ये उस भाभी ने भी सुना। फिर मैंने अनजान बनते हुए उनसे पूछा - कितना टाइम लेगी ये बस यहाँ पर।

तो वो अपने गुलाबी होठों को खोल कर जब बोली - पता नहीं में भी पहली बार जा रही हूं।
मैं बोला - ठीक है मैं अभी पता कर के आता हूं। यहाँ कोई आये न मेरी सीट पर।
तो वो अपने गुलाबी होठों को खोल कर जब बोली - पता नहीं में भी पहली बार जा रही हूं।

मैं बोला - ठीक है मैं अभी पता कर के आता हूं। यहाँ कोई आये न मेरी सीट पर।

Ye bol kar main bus se niche utar gya or thodi der baad ek pani ki botal le kar aaya. Maine us aunty se pucha ki apko kuch lana hai to wo boli nhi rhne do. Itne main ek ice cream walabahar se icecream ke liye puch rha tha to maine bola bhaiya do de do.

To us se maine do icecream le li or ek us aunty ko de di wo na nikat karti hui boli nahi main nahi khati isko काट कर खाने में दांत में ठंडा लगता है। तो मैं बोला कि आप ले कर तो देखो बहुत टेस्टी है। काटना मत सिर्फ चूसना। ये मैंने बोल तो दिया पर बाद में मैन सोचा जब वो थोड़ा मुस्कराई तब। फिर बस चलने लगी और वो उसको चूस रही थी एक बार मेरी ओर उसकी नजर भी मिली तो फिर मुस्कराई। मैं तो मेरी आइस क्रीम काट काट कर खा गया। पर वो सिर्फ चाट और चूस रही थी।
आपको तो मालूम ही है icecream कितनी देर तक उस स्टिक में रह सकती hai. Pahle to wo tite thi isliye rhi thodi der main wo melt ho kar loose ho gyi or us aunty ke hath main sirf stick rha gyi or wo icecream gir kar meri pant par aayi or fir sarak kar dono kanghi ke beech aa gyi.

Agar koi cheej girti hai to har koi usko pakdne ki kisi karta hai or ye hi kaam us aunty ne bhi kiya or us haldwani main usne apna hath bina kuch soche samjhe meri us jagha par rakh diya or jab uske hath mere karvat lete nagar aaj se tairate to wo gurjar utha or us se hath lagte hi aunty ne bhi apna hath wapas khich liya. Or sorry boli

Main thoda sa khada ho kar us ice cream ke tukde ko utha kar khidki se bahar fekne diya. Usko uthane main meri ungliya san gyi. To us aunti ne apna rumal mujhe diya. Maine ungliya saaf ki or fir apna muh bhi saaf kiya . Fir aunty को वो रुमाल वापस किया और थैंक बोला और थोड़ा आंटी को खुश करते हुए ये भी बोल दिया कि बहुत अच्छी खुसबू आ रही है इस में से। तो आंटी थोड़ा है गयी। पर फिर से उस ने मुझे सॉरी बोला बोली आपका पैंट खराब कर दिया मैंने माफ करना।
मैं अपने पैंट की तरफ देख कर बोला कोई बात नहीँ है । पर मेरे पैंट पर थोड़ा धब्बा लग गया तो मैंने उस आंटी से वो रुमाल ले कर गीला कर के वो थोड़ा साफ कर लिया । बस चलती रही और हमारी बात थोड़ी देर में बंद हो गयी। शायद आंटी को नींद आ गयी। मैन उसको देखा तो उसकी आंखें बंद थी। पर मुझ कहाँ नींद आने वाली थी और आ भी जाती पर मेरे उस पर आंटी के हाथों की गर्मी अभी तक थी तो वो तो सोने वाला था नही।
में भी अपना हाथ मेरी जांघ पर इस तरह रखा कि हथेली मेरी जांघ पर थी और उंगलियां आंटी की जांघ से टच हो रही थी सिर्फ टच हो रही थी रखी नही थी। आंटी की तरफ से कोई हलचल न पा कर मैंने मेरी सब उंगली उसकी जांघ पर टिका दी।

अब aunty थोड़ी हिलडुल कर अपना सिर जो कि खिड़की की तरफ झुकाया हुआ था उसको मेरी तरफ झुक लिया जिस से उसकी मेरी जांघ से बिल्कुल टच हो गयी। और उसका सिर मेरे कंधे पर आ गया। अब मेरी हिम्मत और बढ़ी ओर अब मेरा हाथ सरक कर आगे बढ़ गया। जो हथेली मेरी जांघ पर थी वो उसकी पर पहुच गयी ।
ओर उंगलियां उसकी त्रिकोणीय जगह पर।
सिर्फ उंगली रखी थी Kआई हलचल न कि मैंने। पर थोडीder baad aunty ki garam saans meri garadan par mahsoos hone lagi. Uski wo garam saans ne meri ungliyo main harkat la di meri ungliya halchal karne lagi or dhoti der main meri garadan par kuch geela geela laga. Maine dyan se socha to paya ki ye aunty ke hoth hai. Or maine apni ungli uski saree ke uper se hi uski pussy par dabab dalne laga. Or ye manjar chalta rha . Or hum dono tab hosh main aaye jab bus ruki.
Us se aage - jab bus ruki to aunty ne apna muhh meri gardan se hata liya or main apna hath whn se hath liya par break aunty ka hath meri jaanch par aa gya. Aunty boli - kon si jagha aa gyi to main bola aunty agra se 15 km pahle hai iske baad agra hi aane wala hai.


Aunty -, are raam andhera to itna ho gya ab kese jaungi main mujhe to agra se bhi auto pakad kar 15 km or jaana hai .Waise time kitna hua hai .

Main bola - 8.30 pm

Aunty hey bhagwan mujhe to abhi 1 ghante or lag jayega ghar pahuchne main.

Main bola - kisi ko bula lo apko lene aa jayega.

Aunty boli - ha dekhti hu agar wo aa jate hai to.

Maine socha ab mere pass sirf 15 mint hai or ab tak bahut kuch ho gya hai. Is se jyada thoda bahut or ho sakta hai .Fir iska pati isko le jayega. To main in 15 km ka sahi se fayada utha lu . Hotel ja kar nanga ho kar iske name ki mutt lga lunga. To maine aunty ke hath par jo ki meri jangh par rkha tha us par hath rakh diya or shalane laga.
Uski traf se koi biradari nahi tha .Maine uska hath jo ki meri jangh par tha uski mere us ki taraf sarmaya to wo sarkar laga . Jaise wo khud hi sarkar ko tyar thi maine to bus sahara diya tha. .

Wo mujh se boli aap khn jaoge . To main bola mera to hotel main room book hai .

Wo boli ok. Fir usne apne ghar call kiya or boli - hello ..Ha... Abhi time lagega 2 ghante main agar pahuchungi.

Main socha ki hum bus 10 mint main bahut jaynge fir ye jhoot kyo bol rhi hai.

Wo phn par bol rhi thi -- ha nahi hai kuch bhi accha to main ruk jati hu .Subha aa jaungi . Kisi main bhi dek lungi ok bye.

Usne phn kaat kar mujhe bola apke hotel main agar koi room ho to book karva do .Mere pati ne mujhe rukne ke liye bola hai .

Ye bolte hue uski ungliya mere lode ko shalane lagi. Maine bhi uski ungliyo ko sahi jagha pahucha diya .Meri zip khol kar uska hath pant ke andar kar diya or uper se bag rakh liya jis se koi dek na sake.

Or bola jab mere sath rukne main koi dikkat nahi hogi apko .Usko hi double bed kra deta hu.


Main jaldi se call kiya or bola ki mere room ko single se double main badal do.

Thodi der main bus ruk gyi or sab sawari utarne lagi maine usne bhi apna hath bahar nikal liya or main apni zip laga kar saman le kar utar gye.

Or ja pahuche sidhe hotel.

Hotel ka sence aage aayega. Fir koi or ghatna jo mere sath ghati.
होटल जाते ही रिसेप्शनिस्ट ने मुझे देख कर key दी। और बोला sir आपका रूम चेंज कर दिया गया है। आप इधर एंट्री कर दीजिए।


मैंने अपना नाम लिखा और फिर मुझे उसने बोला मैडम का नाम और आपके साथ रिलेशन।

अब मैं टेंशन में आ गया कि क्या नाम लिखू नाम तो मुझे पता नही है और रिलेशन क्या लिखूं ये तोage में भी ज्यादा है भाभी भी नही लिख सकता। तो मैंने आईडिया लगाया। ओर पैन उस आंटी को पकड़ा दिया ।
में साइड में खड़ा हो गया तब तक आंटी ने एंट्री कर दी। और हम चलने लगे। तभी रेसेप्सनिस्ट ने मुझे रोका सर प्लीज एक मिनट रुकिए। में रुका ओर वापस काउंटर पर गया । पर एक वेटर को बोल दिया कि इनको रूम दिखा दो। और वो आंटी उसके साथ चली गयी।

रिसेप्शनिस्ट मुझ से बोला sir प्लीज् आपकी मोम का कोई id प्रूफ दे दीजिए।

मैंने आंखे चौड़ी कर के बोला क्या? क्यो?

लगातार दो सवाल कर डाले और वो भी अचंभित हो कर।

करूँगा ही यार साले मेरा id प्रूफ तो एक बार देने के बाद आज तक नहीं मांगा पर mom का मंगा तो चोंक गया।

इतने में उसने वो एंट्री रजिस्टर खोल कर मेरे सामने कर दिया।

मैंने देखा कि उस आंटी ने अपना नाम सरोज लिखा था और मुझ से रिलेशन वाले कॉलम में माँ लिखा था। ये देख कर मुझे गुस्सा आया और साथ ही साथ मेरे लोडे में हरकत भी हुई।

में सारी बात समझ गया कि साली के दिमाग में ये खेल आ गया ।मां बन कर मेरे साथ रहेगी और जो उसने मेरे साथ बस में किया वो सोच कर मेरे लोडे को खुसी हो रही थी but मुझे गुस्सा आ रहा था।

मैं उसको( रिसेप्शनिस्ट) ये शो नही होने देना चाहता था कि मैं। किसी औरत को यहाँ चोद ने के लिए लाया हूं। क्योंकि यहाँ मेरे सीनियर भी इस होटल में ही नाईट हाल्ट किया करते थे। तो मैं बात को सम्हालते हुए ।

उस ही अंदाज में बोला- हा ठीक ही तो है सही एंट्री है।

रिसेप्शनिस्ट- sir फिर भी हमें तो चाइये होता है ना फॉर्मलटी तो करनी ही पड़ती है।

मैं- यार कौन नहीं जानता तेरे यहाँ मुझे ओर मेरी कंपनी के बॉस लोग भी यही ठहरते है। मेरी id लगा दे यहाँ पर। और ये बोल कर उसको 500 का नोट सरका दिया। उसने वो ले कर ओर खुस हो कर बोला ठीक है sir।

मैं फिर बोला- but ध्यान रखना सर्विस में कमी नही आनी चाइये।

वो बोला - बिल्कुल नही सिर आपका खास खयाल रखा जाएगा। और एक बात और sir आज satarday है तो कल हमारा मैनेजर छुट्टी पर रहेगा तो आप जब चाहो चेकआउट कर सकते है।

में एक दम से बोला हा यार कल तो संडे है। मेरी भी छुट्टी है।

चलो ठीक है यार।

ये बोल कर में मेरे रूम की तरफ आ गया।

जब मैंने रूम का गेट खोलने को हुआ तभी गेट खोल कर वो वेटर बाहर आया........................




दोस्तो ये वेटर अभी तक यहां क्या कर रहा है?



वो क्यो अभी तक इसको रोके हुए थी?

शायद ये सवाल आपके दिमाग में होंगे
या इसके अलावा भी हो सकते है । तो अपने सवाल पूछ सकते है
मैंने देखा कि उस आंटी ने अपना नाम सरोज लिखा था और मुझ से रिलेशन वाले कॉलम में माँ लिखा था। ये देख कर मुझे गुस्सा आया और साथ ही साथ मेरे लोडे में हरकत भी हुई।


में सारी बात समझ गया कि साली के दिमाग में ये खेल आ गया ।मां बन कर मेरे साथ रहेगी और जो उसने मेरे साथ बस में किया वो सोच कर मेरे लोडे को खुसी हो रही थी but मुझे गुस्सा आ रहा था।

मैं उसको( रिसेप्शनिस्ट) ये शो नही होने देना चाहता था कि मैं। किसी औरत को यहाँ चोद ने के लिए लाया हूं। क्योंकि यहाँ मेरे सीनियर भी इस होटल में ही नाईट हाल्ट किया करते थे। तो मैं बात को सम्हालते हुए ।

उस ही अंदाज में बोला- हा ठीक ही तो है सही एंट्री है।

रिसेप्शनिस्ट- sir फिर भी हमें तो चाइये होता है ना फॉर्मलटी तो करनी ही पड़ती है।

मैं- यार कौन नहीं जानता तेरे यहाँ मुझे ओर मेरी कंपनी के बॉस लोग भी यही ठहरते है। मेरी id लगा दे यहाँ पर। और ये बोल कर उसको 500 का नोट सरका दिया। उसने वो ले कर ओर खुस हो कर बोला ठीक है sir।

मैं फिर बोला- but ध्यान रखना सर्विस में कमी नही आनी चाइये।

वो बोला - बिल्कुल नही सिर आपका खास खयाल रखा जाएगा। और एक बात और sir आज satarday है तो कल हमारा मैनेजर छुट्टी पर रहेगा तो आप जब चाहो चेकआउट कर सकते है।

में एक दम से बोला हा यार कल तो संडे है। मेरी भी छुट्टी है।

चलो ठीक है यार।

ये बोल कर में मेरे रूम की तरफ आ गया।

जब मैंने रूम का गेट खोलने को हुआ तभी गेट खोल कर वो वेटर बाहर आया........................




दोस्तो ये वेटर अभी तक यहां क्या कर रहा है?



वो क्यो अभी तक इसको रोके हुए थी?
जब मैं रूम में पहुँचा तो रूम बॉय बाहर निकल रहा था ।

मुझे देख कर वो सकपकाया ओर वहाँ से खिसक लिया मै अंदर गया तो देखा कि उस औरत के कपड़े बेड पर पड़े हुए थे और वो शायद अपने नंगे जिस्म को ले कर बाथरूम में घुस गई थी।

अब मुझे समझ आया कि वो रूम बॉय साला इसके अधोवस्त्रो की देख रहा था शायद।

मैने सोचा कि देख लिया तो देखने दे मुझे क्या। मुझे तो चोदना ही है ना इसको।
थोड़ी देर बाद बाथरूम में शॉवर की आवाज बंद हो गयी। और उसकी आवाज आई । बेटा जरा मेरे कपड़े दे देना मेरे बैग से।

मैं दे भी देता पर साली ने मुझे बेटा बोला ? एक तो पहले ही वहाँ रजिस्टर में माँ बन गयी और अब यहाँ बेटा भी बोल रही है और बस में मेरा वो अपने हाथ के वश में किया हुआ था।

मैने ये बोल कर मना कर दिया की आप ही ले लो आ कर के ।
तो वो थोड़ी देर बाद अपने गदराए जिस्म को एक टॉवल में समेटने की नाकाम कोशिस करती हुई बाहर आई। उस टॉवल से ना तो उसके पूरे वक्ष स्थल ही छुप रहा था न ही उसकी केले के तने के जैसी चिकनी जाँघे।

उसको देख कर मेरे मन मे आया कि इसको अभी पकड़ कर डाल लू।
फर सोच थोड़ा पका कर खाता है। जल्दवाजी ठीक नहीं।
उसने अपने बैग खोला और उस से ब्रा पैंटी ओर एक नाइटी निकाल ली।
उसके बाल खुले हुए थे फिर वो मुझ से बोली बेटा जाओ रात हो गयी है कुछ ले आओ रात भर के लिए ।

एक पूरा पैकेट ही ले आना।
मैं कुछ समझा नहीं मैं पूछने ही वाला था तब तक उसने बोला मुझे चॉकलेट ओर बनाना दोनो पसंद है कोई भी फ्लेवर ले आना।

फिर में समझ गया कि ये कंडोम के लिए बोल रही है।

में खड़ा हुआ उस से पहले मेरा बो तो खड़ा हुआ ही था मैंने बोला ठीक है में अभी आता हूं।
मैं होटल से बाहर निकला और सीधा गया मेडिकल स्टोर ।
वहाँ एक मेरी ऐज का ही लड़का खड़ा था। वो मुझ से बोला - sir बताओ क्या लेना है ।
में बोल यार एक पैकट बनाना फ्लेवर ओर एक चॉकलेट दोनों दे दो।
उसने एक पैकेट तो ये दिया। इसको मैंने लिया और ठीक से देखा तो बनाना पर हनी पड़ा हुआ था। इसको देख कर मेरे दिमाग में आया कि क्यो न में भी उसको मेरे केले पर हनी खिलाऊं और मैंने उस से एक मीडियम साइज की डाबर हनी की सीसी भी ले ली। फिर मैंने उस से चॉकलेट फ्लेवर के लिए बोला तो उसने ये पैकेट दिया।
फिर मैंने देखा कि यार इस में चॉकलेट फ्लेवर तो होगा। but और चॉकलेट हो ठीक है में पास की दुकान पर गया और वहाँ से एक small चॉकलेट सॉस की बोतल ले ली।
ये सब ले कर में होटल की तरफ बढ़ ही रह था कि मुझे रास्ते में एक ठेले पर लंबे लंबे केले दिखे तो वहाँ से मैंने आधा दर्जन केले लिए ओर सब सामान ले के होटल चला गया।
मैं वो सब समान ले कर गया तो मुझे काउंटर पर वो लड़का नही दिखा जो कि वहाँ पर पहले था अब वो दूसरा लड़का खड़ा था जो कि रूम बॉय का काम किया करता था। मुझे उनको खाने का आर्डर देना था तो मैंने सोचा कि अभी बोलता चलु खाना खा पी कर अपना प्रोग्राम सेट कर लेंगे ताकि फिर कोई डिस्टर्ब न हो।

लेकिन वो वहां था नही मैने उस से पूछा तो उसने बताया कि sir किसी गेस्ट ने कॉल किया था तो वहाँ गए है।

मैन सोचा कि थोड़ा wait कर लेता हूं आता होगा। मैने फिर पूछा कि कितना टाइम हो गया तो वो बोला आपके जाने के जस्ट बाद कॉल आयी थी आप ये मान लो करीब 20 मिनट तो हो ही गये होंगे है।

मैं बोला हा यार इतना तो हो गया।
फिर मैंने उसको बोला चल में चलता हूं उसको कॉल कर के बता दूंगा आर्डर।

में अपने रूम में गया तो मैंने गेट खोलने के लिए हाथ गेट पर रखा तो वो खुल गया और अंदर देखा तो वो औरत उलटी लेती हुई थी और वो लड़का जिसका में wait कर रहा था वो उसके पैरों को घुटनों तक मसाज दे रहा था।

मेरे कमरे में जाते ही वो खड़ा हो गया। मैने पूछा तो यहाँ ।
में कुछ बोलता उस से पहले ही वो औरत बोल उठी जो मेरी झूटी मां बन गयी थी। बोली बेटा मैंने ही इसको बुलाया था मेरे पैरों में बहुत दर्द था।

उसने अपने पर्स से100 जा नोट निकाला और उस लड़के की तरफ बढा दिए और बोली ये लो बहुत अच्छा काम करते हो। अब जाओ।

उसके जाने के बाद मैने गेट लगा लिया और बोला ये क्या कर रही थी तुम मेरी पूरी इज़्ज़त मिटाने पर तुली हो । इस होटल में हर बार रुकता हु में ओर तुम मेरी माँ बन कर स्टाफ के सामने इस तरीके से ओर अपनी मालिश भी कर रही हो। नाइटी में ही।
वो खड़ी हो गयी

ओर बोली लाओ दिखाओ क्या लाये हो अपनी मां के लिए। जो मंगाया वो लाये या नहीं। उसने वो दोनों पैकट कंडोम निकले और बोली क्या बात है रात भर के इंतजाम कर लाये हो। वो ये मैब जो फ्लेवर बोला था उस के अलावा और भी वो ही सब ले आये
ये लंबे केले ओर ये हनी ओह्ह केले पर हनी बहुत टेस्टी लगता है और ये चौको सॉस । मेरा पैंट में तन कर खड़ा हो गया एक तो उनको देख कर दूसरा उनके मुह से ये सब सुन कर साली मेरा इंतज़ार भी नही कर पाई और उस लड़के को बुला लिया अच्छा हुआ में आ गया नही तो ये शायद उस से ही चुद भी जाती।

फिर उसने एक केला लिया और उसके छिलके हटा कर उस पर हनी डाल कर पहले जीभ से चाट कर केला साफ कर दिया
फिर और हनी डाल लिया और केला अपने रसीले होटो में ऐशे लिया जैसे कि लंड को ले रही हो ओर उसने रसीले लिप् उस से कस कर चिपका लिए ओर उसको अंदर बाहर करने लगी। कहने का मतलब है केले को चूसने लगी same वैसे ही जैसे लैंड को चूसा जाता है। फिर उसने केले को अपने मुंह में काट कर आधा केला मेरी तरफ कर दिया औऱ अपने बंद मुह से बोला लो केला खा ले। मैने वो केला ले कर टेबल पर रख दिया और मैने उसके रसीले होटो पर अपने होठ रख दिये उसने अभी वो केला ठीक से चबाया भी नही था कि मेरे मुह उनके मुह पर लगते ही उसने आधा चबाया हुआ केला । केला क्या अब तो वो केले का गुदा था उसको मेरे मुंह मे सरका दिया साथ ही उनकी जीभ भी मेरे मुंह में आ गयी और होंठ तो एक दूसरे पर चल ही रहे थे अब बो केले का गुदा कभी मेरे मुह में अभी उसके मुह में क्या टेस्ट था उस का एक mature औरत के थूक लार ओर केले के साथ शहद का स्वाद बहुत ही टेस्टी लग रहा था। धीरे धीरे वो सारी लार थूक को चाट गयी।
फिर बोली बेटा कैसा लगा केला।
जब उसने पूछा कि केले का स्वाद कैसा लगा तो मैं बोला मुझे तो बहुत मज़ा आया। अब ये बेचारा आधा केला ओर इस छिलके में अपने आप को unlucky फील कर रहा है उसको ओर उसही तरीके से कहा जाओ। तो वो बोली हाँ क्यो नहीं इसको भी खाएंगे पर दूसरे तरीके से।


दोस्तो यहाँ आपको एक बात बताना चाहूंगा कि मेरी जो इच्छा रही है एक उम्रदराज औरत के साथ संभोग करने की वो इस लिए ही है क्योंकि जो मज़ा ये शादी सुदा औरत देती है वो एक कमसिन लड़की नही दे पाती क्योकि उससे हम को बस सील पैक चूत मिलती है पर सिर्फ चूत में लंड डाल कर 10 मिनट अंदर बाहर कर के हट जाते है । क्या आपको बस इतना ही चाइये नहीं ना। औरत का हर अंग भगवान ने बनाया ही भोगने के लिए है औरत अपना सब कुछ शादी के लिए बचा कर रखती है और उस रात उसकी सील टूटने के बाद ( बहाने के लिए सील होती है चिल्लाया जाता है बल्कि टूटी तो पहले ही होती है) वो routin सेक्स करने लग जाती है पति कुछ साल तक चोदता है मज़े से फिर तो routin सेक्स ही होता है दीर्फ़ 10% ही कपल होंगे जो एक दूसरे को अपनी फैंटसी बता कर ओर उनको पूरा करते हुए सेक्स करते होंगे। बाकी जितनी भी संस्कारी औरत है उनकी चूत की प्यास मेरे जैसे ओर अब आपके जैसे भी ही बुझा ते होंगे।
आप ही बताओ अगर आप में से कोई शादी सुदा है वो तो बता ही सकता है कि क्या किसी की बीबी ये बोलती है कि आप मेरी चूत चाटो नहीं है पति चाहे खुद लंड उसके लिप्स में ठूस देता होगा। क्योंकि वो देख लेता है कि बीबी के रसीले लिप् पहले चूसने के लिए है फिर लंड चुसाने के लिए।

तो भाइयो मेरा कहने का मतलब है कि ये शादीसुदा औरत पहले तो पटती नही है अगर किसी से पट गयी तो जो मज़े देती है वो स्वयं की बीबी भी नही दे सकती अगर फुरसत में मिली हो तो।।।।।।। कैसे कैसे मज़े देती है वो तो आप खुद देख लेना कि ये आंटी केसे देती है। खुद ब खुद सब कर लेती है। क्योंकि प्यास भरी रहती है इनके अंदर हवस की देवी होती है ये तभी तो ब्लाउज पीछे से खुला होता है गांड पर साड़ी कस कर लपेटी होती है साड़ी को navel से नीचे बांध कर लंड की हालत खराब कर देती है।


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