प्रेमिका को शादी के बाद चोदा
दोस्तो ! मेरा नाम सैन्डी है, मैं दिल्ली में रहता हूं। कुछ साल पहले की बात है मैं करोल बाग मार्केट में कुछ खरीददारी कर रहा था, किसी ने मुझे पीछे से आवाज़ दी। देखा तो सुनीता खड़ी थी। बहुत खूबसूरत एक नवविवाहिता जैसी लग रही थी - हाथों में चूड़ा, गले में मंगलसूत्र और माथे पर सिन्दूर लगाया हुआ था।

सुनीता मेरी गर्लफ़्रेन्ड थी। कुछ महीने पहले हमारा अलगाव हो गया था, अलगाव क्या बस उसकी शादी कहीं और हो गई थी। वो 24 साल की एक स्मार्ट और बोल्ड लड़की थी। करीब एक साल हमारा अफ़ेयर खूब चला… इस बीच किस तो आम सी बात हो गयी थी। हम लोग घंटो नेहरू पार्क मैं बैठे एक दूसरे को चूमते रहते। मैं उसकी शर्ट मैं हाथ डालकर उसके बूब्स दबाता रहता और वो मेरी पैंट की जिप खोलकर मेरे लंड से खेलती रहती।

हम लोग कभी पिक्चर भी देखने जाते तो यही होता था। कार्नर की सीट पर वो मुझसे सट कर बैठती और मैं उसके गले में से हाथ डालता हुआ उसकी शर्ट में हाथ डालकर पूरे तीन घंटे उसके बूब्स मसलता रहता और वो मेरी जैकेट को मेरी गोद में रखकर उसके नीचे से हाथ डालकर मेरी जिप खोलकर मेरे लंड को बाहर निकाल लेती और पूरे तीन घंटे उससे खेलती रहती .. मूवी तो हम नही देख पाते थे लेकिन इस सेक्स का खूब मज़ा लेते थे। मैं उसके बूब्स सहलाता और मसलता था तो उसे बहुत मज़ा आता था और मैं तो कई बार उसके हाथ में ही झड़ जाया करता था।

तो हमारे अलगाव तक हमने सिर्फ़ इतना ही सेक्स किया था चुदाई नहीं। फ़िर अचानक पता चला कि उसने कहीं और शादी कर ली है, बस वो कभी मेरा सामना नहीं कर पाई जो मेरे घर से करीब १ किलोमीटर की दूरी पर ही रहती थी….खैर तो ये थी हमारी छोटी सी कहानी …अब असली बात पर आते हैं

सुनीता को अपने सामने देखकर एक बार को तो काफ़ी गुस्सा आया मन करा कि खूब लडाई करूँ उससे कि उसने ऐसा क्यों किया। पर फ़िर मैंने अपने पर कंट्रोल रखते हुए उसका हाल चाल पूछा और उसने मेरा …बातों बातों में पता चला कि शादी के बाद वो यहीं पास में आनंद पर्वत में जॉब कर रही है और उसने मुझे अपना सेल नम्बर दिया और मेरा नम्बर भी ले लिया।

दो दिन बाद सोमवार को मुझे सुनीता का फोन आया कि बबलू क्या तुम मुझे आज मिल सकते हो तो मैंने हाँ कर दी. ११ बजे हम लोग एक रेस्तौरेंट में मिले तो उसने बताया कि वैसे तो उसकी सोमवार की छुटी होती है पर आज वो घर पर झूट बोलकर सिर्फ़ मुझे मिलने आयी है। मैंने कहा - ऐसी क्या जरूरी बात है?

तो उसने कहा कि यहाँ काफी शोर गुल है, कहीं अकेले में आराम से बैठकर बात करना चाहती हूँ। तो मैंने कहा कि ठीक है नेहरू पार्क चलकर बैठते हैं अपनी पुरानी जगह।

तो वो बोली - नहीं वहां कोई भी मुझे देख कर पहचान सकता है, तुम मुझे अपने घर ले चलो …वहां से हम दोनों घर आए … घर का ताला खोल कर हम अंदर आए और मैंने दरवाजा बंद कर लिया। …सर्दियों के दिन थे इसलिए मैंने रूम हीटर चला दिया। हम बाईक पर घर आए थे और उसे ठण्ड लग रही थी। रूम हीटर से उसे कुछ गर्माहट सी आई और वो अपनी शॉल उतार कर आराम से बैठ गयी।

काफी देर तक हम दोनों के बीच खामोशी रही और मैं तो सिर्फ़ उसे देखे ही जा रहा था, पंजाबी सुइट मैं काफी सेक्सी लग रही थी। थोड़ी देर बाद मैंने ही खामोशी तोड़ी और बोला - बोलो क्या बात करनी है मुझसे?

वो अचानक उठी और मेरे गले लगकर रोने लगी और कहने लगी - सैंडी मुझे माफ़ कर दो, मैंने हम दोनों की लाइफ ख़राब कर दी। पता नहीं मुझे क्या हो गया था …करीब १५ मिनट तक खूब रोने के बाद मैंने उसे पानी पिलाया तो वो कुछ नोर्मल सी हुई। लेकिन इस बीच वो मुझसे लिपटी रही। काफी दिनों बाद उसका स्पर्श पाकर मुझे भी अच्छा लग रहा था।

फ़िर वो बोली - सैंडी मेरे एक ग़लत फैसले की वजह से तुमने काफी कुछ सहा होगा, मैं उसका हर्जाना भरना चाहती हूँ, मैं तुम्हे कुछ देना चाहती हूँ।

मैंने कहा मुझे कुछ नहीं चाहिए तो वो अपना शॉल उठाकर बाथरूम चली गयी …..और जब बाहर आयी तो उसने शॉल अपने शरीर पर लपेटा हुआ था … उसने कमरे मैं आकर लाईट बंद कर दी। यूँ तो दिन का समय था इसलिए थोड़ा थोड़ा नज़र तो आ ही रहा था।

मैंने उससे पूछा क्या हुआ तो उसने मेरे पास आकर शॉल हटा दी ……. मैं ये देखकर दंग रह गया कि उसने अपने सारे कपड़े उतार दिए थे और सिर्फ़ शॉल औढ कर आई थी। वो फ़िर मुझसे लिपट गई। आप लोग मेरी हालत का अन्दाज़ा लगा सकते होंगे कि एक पूर्ण नग्न लड़की मेरी बाहों में है तो मेरी हालत क्या रही होगी। उस वक्त दिमाग में कुछ नहीं आ रहा था कि सही क्या है और गलत क्या ?

इस तरह से तो वो मुझसे तब भी नहीं लिपटी थी जब हमारा अफ़ेयर चल रहा था।

उसने अपना चेहरा थोड़ा उठाया और मेरे चेहरे के पास आकर बोली - बबलू ! मैं आज पूरी तरह से वो करना चाहती हूं जो कभी हमारे बीच नहीं हुआ, मैं तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहती हूं और चाहती हूं कि तुम मुझे प्रेग्नेन्ट कर दो और मैं तुम्हारे बच्चे को जन्म दूं, यही मेरा हर्ज़ाना होगा, तभी मुझे सुकून मिल पाएगा।

बाकी सब कुछ मैं सम्भाल लूंगी, बस तुम मुझे चोद डालो। वो पूरी तरह से लिपटी हुई थी। मुझे कुछ सूझ नहीं रहा था कि क्या करूं। फ़िर उसने मुझे किस करना शुरू कर दिया। अभी भी उसके होंठ वैसे ही नर्म थे और उसका अन्दाज़ तो मेरे लिए पुराना ही था। मुझे अच्छी तरह से पता था उसे क्या पसन्द है। मैंने भी अपना मन बना लिया कि जब उसे कोई आपत्ति नहीं है तो मुझे क्यों हो, मैं भी उसका साथ देने लगा। किस करते करते उस्ने मेरे सारे कपड़े उतार दिए। अब हम दोनो पूरे नंगे हो गए थे और पहली बार ही एक दूसरे को ऐसे देख रहे थे।

वो मेरा हाथ पकड़ कर बेड की तरफ़ ले गई, बेड पर लेट कर उसने मुझे अपने ऊपर लिटा लिया। काफ़ी देर हम किस करते रहे और साथ में मैं उसके बूब्स दबाता रहा। वो पूरी तरह से गरम हो गई थी। फ़िर उसने मुझे अपने ऊपर से हटा दिया और बेड से साथ पीठ लगाकर बैठने को कहा। मैंने पूछा तो उसने कहा कि यह सब तो हम कर चुके हैं पहले, मैं आज वो करना चाहती हूं तुम्हारे साथ जो पहले कभी नहीं किया। फ़िर मैं बैठ गया और वो मेरी टांगों के बीच आकर पेट के बल उल्टी लेट गई और मेरे लण्ड को सहलाने लगी।

उसके सहलाने से मेरा लण्ड तन कर डण्डे की तरह हो चुका था। थोड़ी देर सहलाने के बाद उसने मेरा लण्ड अपने मुंह में ले लिया। कसम से क्या मज़ा आ रहा था। पहली बार किसी ने मेरा लण्ड मुंह में लिया था। मैं ज़न्नत के मज़े ले रहा था। पहले तो उसने मेरा लण्ड खूब चूसा फ़िर लोलीपोप की तरह अन्दर बाहर करने लगी। मेरे मुंह से भी सेक्सी आवाज़ें निकल रही थी- आह सुनीता मज़ा दिला दिया तुमने तो आज कसम से यह कहां से सीखा तुमने ! शऽऽऽ मैं …मेरा तो हो गया…और मैं उसके मुंह में ही झड़ गया।

फ़िर उसने मुंह से ही चूस चूस कर मेरा लण्ड साफ़ किया और बोली - सेक्स तो मेरा पति भी रोज़ ही करता है पर वो ये सब नहीं करता जो मैं चाहती हूं। मुझे लण्ड चूसना अच्छा लगता है और तुम्हारा मोटा लंड चूसकर आज मुझे शान्ति मिली है तुम वादा करो जब जब मेरा मन करेगा तुम मुझे अपना लंड चूसने दोगे प्लीज़

मैंने कहा ठीक है ….

फ़िर वो बोली मुझे एक और चीज़ पसंद है और वो बेड पर पीठ के बल लेट गयी और मुझे अपनी टांगों के बीच आने को कहा मेरे वहां आते ही उसने अपने दोनों हाथों से अपनी चूती को थोड़ा फैला दिया और बोली सैंडी असली मज़े लेने हैं सेक्स का तो इसे चाटो ….मैं भी शुरू हो गया और जीभ से खूब अच्छी तरह उसकी चूत की चटाई की वो तो सातवें आसमान मैं उड़ रही थी और आवाजें निकाल रही थी आह हह हह हा बबलू मुझे चोद डालो फाड़ डालो मेरी चूत को प्लीज़ मुझे प्रेग्नंट बना दो मैं तुम्हारे बच्चे की माँ बनना चाहती हूँ प्लीज़ ओ ऊह हह चोदो.

२० मिनट अच्छी तरह चाटने के बाद वो झड़ गयी फ़िर हमने ५ मिनट का रेस्ट लिया उसके बाद उसने मुझे नीचे लिटा दिया और मेरे ऊपर आ गयी चुदने के लिए मैंने कहा सुनीता तुम नीचे आओ मैं तुम्हे चोदुंगा अच्छी तरह. वो बोली नहीं नीचे तो मैं रोज़ ही चुदती हूँ आज मैं चोदना चाहती हूँ प्लीज़ मुझे घुड़सवारी करने दो प्लीज़ यार ..

मैंने कहा ठीक है जो तुम्हारा मन करे और वो मेरे लंड के ठीक उप्पर आयी और मेरे लंड को हाथ मैं लेकर सहलाने लगी ..जब लंड फ़िर रोड की तरह तन गया तो अपने ही हाथ से मेरे लंड को अपनी चूत का दरवाजा दिखाया और जैसे ही लंड चूत की दिवार से टकराया वो झटके से पूरी बैठ गयी और मैंने भी नीचे से धक्का लगाया …….एक ही झटके से लंड पूरा का पूरा उसकी चूत मैं जा घुसा वो थोडी देर शान्ति से बैठ गई। मैंने पूछा तो बोली रोज़ मेरा पति एक ही तरीके से चोदता है तो मज़ा नहीं आता था आज आया है असली मज़ा …फ़िर जब उसका दर्द थोड़ा कम हुआ तो उसे घुड़सवारी शुरू की ….कसम से क्या सीन था वो ज़न्नत का मज़ा आ रहा था

वो मेरे लंड पर ज़ोर ज़ोर से कूद रही थी और मैंने उसे उसके हिलते हुए बूब्स से पकड़ा हुआ था वो आँखें बंद किए मस्ती से चुदवा रही थी करीब २० मिनट चोदने के बाद उसकी स्पीड फुल हो गयी वो कह रही थी आ आह सैंडी मैं झड़ने वाली हूँ उई इ ई इ माँ मैं भी झड़ने वाला था उसने कहा सैंडी मेरे अन्दर ही झाड़ना लंड बाहर मत निकलना प्लीज़ मैं तुम्हारे बच्चे की माँ बनना चाहती हूँ .हम दोनों की रफ्तार बढती जा रही थी शताब्दी एक्सप्रेस की तरह फ़िर हम दोनों ने एक दूसरे को कसकर पकड़ लिया और दोनों एक साथ ही झड़ गए …कसम से क्या आनंद था वो मेरी ये फीलिंग हर कोई चोदने वाला और चुदवाने वाली समझ सकती है

एक अजीब सी मस्ती होती है उस फीलिंग में …खैर

मैं उसके अन्दर ही झड़ गया और लंड उसकी चूत में ही डाले १५ मिनट ।तक हम लम्बी लम्बी साँसे लेते रहे। कहने को तो सर्दियाँ थी पर हम दोनों ही पसीने पसीने हो गए थे।

जब वो मिली थी तो कुछ परेशान दिख रही थी अब उसका चेहरा एक दम शांत था, एक तरह की संतुष्टि थी उसके चेहरे पर और वो मुस्कुरा रही थी

….कुछ देर मेरे ऊपर लेटे रहने के बाद वो बोली सैंडी मैंने तुम्हारे साथ वो किया है जो मैं अपने पति के साथ नहीं कर सकती। बस एक प्रोमिस करो तुम हमेशा ऐसे ही मेरी ज़रूरत पूरी करते रहोगे …मैंने उससे प्रोमिस किया फ़िर वो बोली सैंडी मैं तुम्हारे साथ नहाना चाहती हूँ एकदम नंगे। मैंने कहा तुम्हारे लिए मैं सब कर सकता हूँ मेरी गुड़िया। फ़िर हम नहाये और नहाने के बाद मैंने २ बार और उसे चोदा एक बार डोग्गी स्टाइल में और एक बार खड़ा करके हाय दोस्तों क्या दिन बीता था वो मेरी लाइफ का मज़ा आ गया था … फ़िर वो अपने घर चली गयी .


Read More Related Stories
Thread:Views:
  सेक्रेटरी को एक होटल में ले जाकर चोदा 3,775
  भाभी को चोदा बीयर पीकर 2,115
  दीदी की शादी के पहले चुदाई 11,551
  दीदी की शादी के बाद चुदाई 8,640
  भैया ने बालकनी में चोदा 7,539
  भैया ने बालकनी में चोदा 10,440
  शादी से पहले प्यार 6,345
  अब्बू और मैंने भाभीजान को चोदा 50,283
  शादी शुदा चचेरी बहन का अकेलापन 37,895
  भाभी को सोते समय चोदा 84,852
 
Return to Top indiansexstories