पड़ोसन को चोदकर कंप्यूटर सिखाया
हैल्लो दोस्तों आप सभी को मेरा प्यार भरा नमस्कार, दोस्तों यह मेरी कामुकता डॉटकॉम पर आप सभी लोगों के सामने पहली कहानी है। मेरा नाम प्रेम है और में अच्छा दिखने वाले शरीर, 22 साल का 5.10 का मस्त लड़का हूँ और मुझे शुरू से ही लड़कियों से दोस्तीकरने का बहुत शौक है और अब में आप सभी को ज़्यादा बोर नहीं करता हूँ और अपनी आज की मस्त कहानी आप सभी को सुनाता हूँ।यह बात मेरे ही घर की है और जब में अपनी पढ़ाई को पूरी करके अपने घर पटना आया तो जब में शाम को अपनी छत पर गया तो मैंने देखा कि एक बहुत सुंदर लड़की मेरे सामने वाली छत पर खड़ी हुई थी।

दोस्तों मैंने उसको वहां पर पहली बार देखा था। उसने स्कर्ट और टॉप पहना हुआ था और उसका टॉप ज्यादा टाईट होने की वजह से उसके बूब्स और छोटे छोटे निप्पल बाहर की तरफ उभरकर मुझे दिखाई दे रहे थे, जिसकी वजह से मेरी नज़र बार, बार उसके बूब्स पर चली जा रही थी और वो दिखने में बहुत सुंदर आकर्षक लग रही थी।

उसकी लम्बाई 5.2 की होगी और उसके बाल बहुत लंबे थे और उसका बदन बहुत भरा पूरा था। उसके गाल एकदम गुलाबी और बदन पूरादूध की तरह गोरा था। उसको देखकर मेरे मन में अब धीरे धीरे एक अजीब सी मस्ती बढ़ रही थी, लेकिन ठीक उसी समय मेरी माँ भी छत पर आ गई, तो मैंने अपनी नज़र को दूसरी तरफ कर लिया और फिर कुछ देर बाद मैंने अपनी माँ से पूछा कि क्या हमारे सामने वाले घर में कोई नया पड़ोसी आया है?फिर माँ ने मुझे बताया कि हाँ एक नया परिवार अभी कुछ दिन पहले ही राँची से यहाँ पर रहने के लिए आया है और उस परिवार में पति, पत्नी और उनकी एक बेटी रहती है और वो लोगकभी कभी अपने घर पर आते है और उनकी बेटी कंप्यूटर में बहुत रूचि रखती है और जब भी वो हमारे घर आती है तो तुम्हारे कंप्यूटर को शुरू करके वो कुछ ना कुछ करती रहती है और वो एक बार मुझसे पूछ रही थी कि यह कंप्यूटर किसका है?

तब मैंने उसको बताया था कि यह कंप्यूटर मेरे बेटे प्रेम का है और वो दिल्ली में कंप्यूटर का कोर्स करने गया है।फिर दूसरे ही दिन वो लड़की मेरे घर पर आ गई और वो सीधे ही मेरे रूम में आ गई, लेकिन जैसे ही उसने मुझे देखा एकदम सेवो उसी जगह पर रुक गई और शरमा गई, क्योंकि उस समय में अपने रूम में कपड़े बदल रहा था और में भी उसको अपने रूम में देखकर बड़ा अजीब सा महसूस कर रहा था।

फिर मैंने उससे पूछा कि तुम कौन हो? तब उसने अपनी मीठी सी आवाज़ में मुझसे जवाब देकर कहा कि जी मेरा नाम रिया है और में आपके सामने वाले घर में रहती हूँ। अब मैंने भी उससे बैठने के लिए कहा और उस समय मेरी माँ सो रही थी और घर में कोई नहीं था तो मैंने उसको अपना परिचय दे दिया और तब मैंने उससे पूछा कि तुम मेरे रूम में क्यों आई हो? तब वो कहने लगी किजी मुझे कंप्यूटर चलाने में बहुत रूचि है और इसलिए मैंने सोचा कि में आपके कंप्यूटर पर ही हाथ मारकर कुछ सीख लूँ और इसके लिए मैंने आपकी मम्मी से भी आज्ञा ले ली है और मैंने सोचा कि आप अभी भी दिल्ली में ही है.

इसलिए में आपके कमरे में आ गई, अच्छा अब में जाती हूँ। फिर मैंने उससे पूछा क्यों तुम्हे कंप्यूटर नहीं सीखना? तब वो बोली कि जी हाँ सीखना तो में चाहती हूँ, लेकिन शायद अबआपको अच्छा ना लगे, तो मैंने उससे कहा कि नहीं रिया ऐसी कोई बात नहीं है तुम मेरे कंप्यूटर का चला सकती हो और चाहो तो में तुम्हारी इसमे मदद भी कर सकता हूँ और वो अब मेरी बात को सुनकर बहुत खुश हो गई और मुझसे पूछने लगी कि क्या सच में आप मुझे कंप्यूटर चलाना सिखाएँगे? मैंने कहा कि हाँ क्यों नहीं? दोस्तों सच कहूँ तो मुझे भी तो एक बहाना चाहिए था उससे बात करने और उसको करीब से देखने का जिसको पाकर में बहुत खुश था और अब उसने झट से मेरे कंप्यूटर को चालू कर लिया और वो मुझसे पूछने लगी कि मुझेसबसे पहले कंप्यूटर सीखने के लिए क्या करना चाहिए? तब मैंने उससे कहा कि तुम्हे सबसे पहले माउस और की-बोर्ड कोचलाना सीखना होगा और वो चलाने लगी.

लेकिन उससे वो माउस नहीं चल पा रहा था। फिर मैंने उसके गोरे हाथ पर अपना हाथ रखकर माउस को इधर उधर करके उसको बताया। फिर मैंने महसूस किया कि उसके हाथ बहुत मुलायम थे और में उसके पीछे से खड़ा होकर उसको माउस चलना सिखा रहा था। कभी-कभी उसके बाल भी मेरे चेहरे पर उड़कर आ रहे थे, लेकिन मुझे बहुत अच्छा लग रहा था और मेरा मन कर रहा था कि में उसको अपनी बाहों में ले लूँ और उसको जी भरकर किस करूं।

दोस्तों उस समय भी उसने स्कर्ट और हाफ टॉप पहना हुआ था और उसकी गोरी जांघ साफ दिख रही थी और उसके टॉप से गोल गोल बूब्स भी साफ झलक रहे थे। में बहुत मस्त हो रहा था और जब मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ तो धीरे से में उसके पास में बैठकर मैंने उसकी जाँघ पर अपना एक हाथ रख दिया तब मुझे ऐसा लगा जैसी कि मैंने अपना हाथ कोई मखमल पर रख दिया है और वो फिसलता जा रहा था, क्योंकि उसकी जाँघ बहुत ही चिकनी थी और फिर मैंने धीरे धीरे उसके जाँघो को सहलाना शुरू किया।

दोस्तों वो अपने काम में व्यस्त थी शायद इसलिए उसको पता नहीं चल रहा था। फिर उसी समय मेरी माँ रूम में आ गई, इसलिए मैंने जल्दी से अपना हाथ हटा लिया, तो वो मुझसे बोली कि प्रेम तुम रिया को कंप्यूटर ठीक तरह से सिखा देना, में अब बाजार जा रही हूँ और दो तीन घंटे के बाद आ जाउंगी और अंदर से दरवाजा बंद कर लेना। अब मुझे तो एक अच्छा मौका मिल गया था,

क्योंकि अब मेरे घर में सिर्फ़ हम दोनों ही थे। उसी समय रिया रूम से बाहर आ गई और बोली कि में भी अब जा रही हूँ बाद में आ जाउंगी। फिर मैंने उससे कहा कि अरे रूको रिया क्या तुम कंप्यूटर नहीं सीखोगी, चलो में तुम्हे कंप्यूटर में नई चीज़ सिखाता हूँऔर नई चीज का मतलब यह है कि कंप्यूटर क्या होता है? फिर मैंने अपनी एक फाइल खोली उसमे कुछ हॉट सेक्सी फोटो थे, वो उनको देखकर शरमा गई और वो मुझसे बोली कि यह आप मुझे क्या दिखा रहे है? तब में बोला कि अरे रिया यही तो वो नई चीज़ है, तुमको क्या यह अच्छा नहीं लगा? वो चुप रही फिर धीरे से अपना एक हाथ से मैंने उसके गालो को छुआ और उससे कहा कि तुम्हारे गाल बहुत ही चिकने है रिया।

फिर मैंने उसके गुलाबी होंठो को धीरे धीरे सहलाया। मुझेबड़ा ही मज़ा आ रहा था, क्योंकि उसके होंठ बहुत ही ज्यादा मुलायम थे और मैंने उससे पूछा रिया क्या यह नई चीज़ तुम्हे अच्छी नहीं लग रही है? रिया धीरे से बोली कि अच्छा तो लग रहा है, लेकिन मुझे डर भी लग रहा है। फिर मैंने उससे कहा कि अरे रिया इसमें डरने की क्या बात है? तुम तो कंप्यूटर पर नई चीज़ सिख रही हो और तुम अब मेरी बाहों में आ जाओ, फिर तुमको डर नहीं लगेगा और वो तुरंत मेरी बाहों में आ गई। अब में समझ गया कि उसके मन में क्याचल रहा है और वो क्या चाहती है जिसकी वजह से मुझे बहुत हिम्मत मिली, उसके दोनों गोल गोल बूब्स मेरी छाती से चिपक रहे थे।

मैंने थोड़ा और ज़ोर से उसको अपनी बाहों मेंदबाया। अब उसके दोनों बूब्स मेरी छाती में दबे जा रहे थेऔर अब उसको भी अच्छा लग रहा था। में उसके होंठो को अपनी जीभ से चाटने लगा और उसकी साँसे अब धीरे धीरे तेज हो रही थी। मुझे लगा कि उसको बेड पर ले जाने का अब सही मौका है। फिर में उसको अपनी गोद में उठाकर बेड पर ले गया और सीधा लेटा दिया। उसने अपने पैरों को मोड़ लिया जिससे उसकी स्कर्ट के नीचे भी मुझे दिखने लगा था।

उसने लाल रंग की पेंटी पहनी हुई थी और उसकी पेंटी को देखकर मेरा 6 इंच कालंड अब खड़ा हो गया और मेरे खून की रफ़्तार तेज हो गई और अब मुझसे रुका नहीं जा रहा था, इसलिए बिना कुछ सोचे में उसके दोनों बूब्स को अपने दोनों हाथों में लेकर दबाने लगा और उसके बूब्स ज़्यादा बड़े नहीं थे, लेकिन बहुत मुलायम और फिर वो बहुत ही सुंदर और गोल गोल थे। उसके दोनों बूब्स मेरे हाथों में पूरी तरह से आ रहे थे और में अपने दोनों हाथों से ज़ोर ज़ोर से दबाता चला जा रहा था रिया लंबी लंबी सांसे ले रही थी और अहह्ह्ह्ह उूफ्फ्फफ्फ्फ्फ़ की आवाज़ उसके मुहं से आ रही थी और वो मुझसे कह रही थी.

आईईईइ प्लीज प्रेम थोड़ा धीरे दबाओ मुझे दर्द हो रहा है। फिर मैंने उससे कहा कि रिया इस दर्द में भी तुम्हे बड़ा मज़ा आएगा और उसके बाद मैंने उसके टॉप को खोल दिया। उसने अंदर कुछ नहीं पहना हुआ था और मैंने देखाकि मेरे ज्यादा देर तक ज़ोर से दबाने की वजह से उसके दोनों बूब्स अब लाल हो गए थे और दोनों छोटे छोटे निप्पल टाईट हो गये थे। उसके गोरे गोरे बदन पर लाल हो चुके बूब्स बहुत ही सेक्सी दिख रहे थे और उसके होंठ और गाल एकदम गुलाबी थे।

अब मैंने अपनी जीभ से उसके पूरे चेहरे को चाटा, जिसकी वजह से उसका पूरा चेहरा गीला हो गया और उसके होंठो को अपने होंठो से चूसना चालू किया वो भी अब मेरा साथ देने लगी थी और वो भी अपनी जीभ को मेरी जीभ से मिलाकर चाटने लगी और अच्छी तरह से चूस भी रही थी और में उसके बूब्स को भी ज़ोर ज़ोर से दबा रहा था, जिसकी वजह से उसके निप्पल अब और खड़े हो गये। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।फिर में उसके निप्पल को अपनी दांतों से दबाने लगा और वो सिहरने लगी कि प्लीज नहीं ऐसा मत करो मुझे बहुत दर्द हो रहा है.

आआमम्म्ममह आईईईईइ माँ में मर गई और चिल्लाने लगी। उस समय घर में कोई नहीं था इसलिए उसकी आवाज़ या दर्द की चिंता किए बगैर में और ज़ोर ज़ोर से चूसने दबानेलगा और फिर उसने मुझे धकेलकर हटा दिया। तब वो मुझसे कहनेलगी कि यह मेरे बूब्स है प्रेम, कोई रसगुल्ला नहीं है कि तुम इसको खाए ही जाओ, मुझे दर्द भी होता है। फिर मैंने उससे कहा कि अरे रिया तुम्हारे बूब्स है ही ऐसे मजेदार कि मेरा दिल करता है कि में इन्हें खा ही जाऊँ।

दोस्तों अब उसको भी सेक्स का बुखार चड़ चुका था, इसलिए उसने मेरे भी कपड़े खोल डाले और उसने अपनी स्कर्ट को भी खोल दिया। अब वो मेरे लंड को देखकर बड़ी हैरान थी और वो मुझसे बोली कि प्रेम तेरा लंड तो बहुत बड़ा है। फिर मैंने कहा कि यार अरे नहीं रिया सिर्फ़ देखने में यह बड़ा लगता है, जब इसको में तेरी चूत में डालूँगा तो तुम को यह छोटा ही लगेगा। फिर पूछने लगी क्या सच में प्रेम? मैंने कहा कि हाँ रिया, अब वो कहने लगी कि मेरी चूत तो बहुत ही छोटी है प्रेम, उसमें यह तुम्हारा हथोड़े जैसा लंड कैसे अंदर जाएगा? मैंने कहा कि रिया मेरी जान बहुत आराम से जाएगा और तुम्हे मज़ा भी बहुत आएगा।फिर मैंने उसकी गुलाबी पेंटी को भी खोल दिया।

दोस्तों सच में उसकी चूत छोटी थी और फूली हुई भी थी। ऐसी प्यारी चूत मैंने आज तक नहीं देखी थी, उसकी चूत को देखकर मेरे लंड और मुहं दोनों में पानी भर गया और में उसकी चूत को कुत्ते की तरह चाटने लगा। उसकी चूत में अजीब तरह की मनमोहक खुशबू आ रही थी और वो उतनी ही स्वादिष्ट भी थी जो उसने मुझे कुत्ते की तरह चाटने पर बेबस कर दिया। उसको भीअपनी चूत को चटवाने में बड़ा मज़ा आ रहा था और वो अपने कूल्हों को उठा उठाकर मुझसे अपनी चूत को चटवा रही थी और म्म्म्माआअज उफफ्फ्फ्फ़ की आवाज़ उसके मुहं से निकल रही थी।

फिर करीब दस मिनट चूत को चाटने के बाद उसने मेरा भी लंड अपने हाथों में ले लिया और वो सहलाने लगी। फिर अपने मुहं में डालकर लोलीपोप की तरह चूसने लगी। अब में भी अपनी दो उँगलियों को उसकी चूत में डालकर अंदर बाहर करने लगा था और अब उसकी चूत बहुत गीली हो गई थी। फिर करीब 15 मिनट तक मेरे लंड को चूसने के बाद वो मुझसे बोली कि प्रेम अब मुझसे ज्यादा देर बर्दाश्त नहीं हो रहा है, प्लीज अब तुम मुझे चोद दो। दोस्तों में भी अब रिया की चुदाई करने के लिए बिल्कुल तैयार था और मैंने बिना देर किए हुए उसके दोनों पैरों को फैला दिया और अपने 6 के लंडका टोपा उसकी चूत पर रखकर एक धक्का मार दिया, जिसकी वजह से रिया ज़ोर से चिल्ला उठी आईईईइ माँ मर गई प्रेम, प्लीज छोड़ दो मुझे बहुत दर्द हो रहा है आमम्म ऊफफ्फ्फ्।

दोस्तों उसकी चूत की चुदाई पहली बार हो रही थी, शायद इसलिए उसको ज्यादा दर्द हो रहा था, लेकिन में अब कहाँ रुकने वाला था? मैंने दूसरा ज़ोर से धक्का और मेरा पूरा टोपा उसकी चूत में चला गया, लेकिन रिया दर्द से कराहने लगी और मैंने देखा तो उसकी चूत से अब खून भी बाहर आ रहा था। मैंने अपने लंड को चूत में से बाहर निकाल लिया था। अब रिया की आँखो में आंसू भी आ गए थे, लेकिन मैंने उसका हौसला बढ़ाया और उससे कहा कि हर एक पहली चुदाई में थोड़ा बहुत खून तो जरुर निकलता ही है, जितना ज़्यादा खून निकलेगा, उतना ही तुमको मज़ा आएगा। मैंने उसकी पेंटी से उसकी चूत से बाहर निकल रहे खून को साफ किया और वेसलिन लाकर उसकी चूत के चारों तरफ लगाकर अपने लंड पर भी लगा लिया।

फिर कुछ देर बाद रिया का कुछ दर्द अब कम हो गया था।मैंने फिर से उसके पूरे जिस्म को अपनी जीभ से चाटना सहलाना शुरू किया जिसकी वजह से उसको एक बार फिर से अच्छालगने लगा था और वो भी अब मेरा साथ देने लगी थी।दोस्तों इस बार मैंने रिया के दोनों पैरों को ऊपर उठाकर उसकी चूत पर अपना लंड रखकर एक जोरदार धक्का दिया और इस बार एक ही बार में मेरा पूरा टोपा चूत में फिसलकर चला गया।

रिया धीरे से चिल्लाई आह्ह्हह्ह म्माआआहह ऊऊहह, तो मैंने एक बार फिर से धक्का दे दिया और इस बार मेरा पूरा लंड उसकी चूत में चला गया और अब वो बोली कि प्रेम मुझे तुम्हारा लंड बहुत दर्द दे रहा है, लेकिन अब तुम मुझे इसका सुख दो आफ़र्फफ्फ़ ऑश आह्ह्ह्हह्ह, तो मैंने भी अब उसकी वो बात सुनकर जोश में आकर ज़ोर ज़ोर से उसकी चूत में अपना लंड अंदर बाहर करना शुरू किया और रिया भी अब अपनी गांड को उठा उठाकर मुझसे अपनी चुदाई करवाने लगी थी और उसका जोश अब सातवें आसमान पर था।

वो कहने लगी कि प्रेम प्लीज उफफ्फ्फ्फ़ हाँ और ज़ोर से आह्ह्हह्ह चोदो और ज़ोर से वाह मज़ा आ गया और तभी उसकी चूत से पानी निकलनेलगा और उसने मुझे ज़ोर से अपनी बाहों में जकड़ लिया। में भी उसकी कुवांरी प्यासी चूत पर मस्त वार करता रहा और अब वो झड़ चुकी थी और में भी झड़ने वाला था मैंने अपने धक्के और भी तेज कर दिए और मुझे ऐसा लगा जैसे कि में आज उसकी छोटी सी मासूम चूत को फाड़ ही दूंगा। फिर थोड़ी देर बाद में झड़ गया और मेरा पूरा वीर्य उसकी चूत में भर गया।

करीब दस मिनट तक हम दोनों वैसे ही चिपके रहे और फिर रिया बोली कि प्रेम तुम्हारे नये काम को सीखने में तो मुझे बहुत ही मज़ा आया। अब में हर रोज तुमसे कुछ नई चीज़ जरुर सीखने आउंगी। अब उसकी चूत मेरी मस्त चुदाई से पूरी तरह से फूल गई थी। उसको चलने में भी दिक्कत हो रही थी, लेकिन फिर भी वो मेरी उस चुदाई से बहुत खुश थी और रिया कुछ देर बाद अपने कपड़े पहनकर अपने घर चली गयी।

दोस्तों उसके बाद भी मैंने रिया को कंप्यूटर सिखाने के बहाने से बहुत बार अपने घर पर चोदा और उसकी गांड भी मारी और चुदाई के पूरे पूरे मज़े लिए और उसको हमेशा अपनी चुदाई से संतुष्ट किया ।।धन्यवाद …


Read More Related Stories
Thread:Views:
  पड़ोसन भाभी की मस्त चुत चुदाई 2,575
  बहन को चोदकर लंड चुसवाया 6,566
  मेरा पहला प्यार-मेरी पड़ोसन 15,664
  आंटी ने सिखाया 30,924
  भाभी ने लौड़ी घोड़ी का खेल सिखाया 7,474
  कंप्यूटर की प्रॉब्लम 3,724
  पड़ोसन का सामूहिक बलात्कार तीन दोस्त 16,441
  पड़ोसन की कुँवारी चूत फाड़ी 8,249
  पड़ोसन की संतुष्टी 3,580
  पचास साल की पड़ोसन 5,589
 
Return to Top indiansexstories