जेठजी ने रगड़ दिया मुजे
हेल्लो दोस्तों

कैसे हो आप और किया हाल चाल है
में आप लोगो को धन्यवाद् देता हूँ की आप ने मेरा साथ
बहुत ही अच्छा दिया है और आगे भी देते रहेंगे
एक बार वापस में आप को दिल से धन्यवाद् देता हूँ खास कर के भाभियों और मेरी गर्ल फ्रिएंड्स को
में आप लोगो के लिए एक नयी कहानी लेकर आया हूँ सो मुजे उम्मीद है की आप को जरुर पसंद
आयेंगी
अगर आप को अच्छी लगे तो मुजे जरुर मेल करे मेरा मेल है xxxxxxxxxxxxxxxxxxx
और यह कहानी मेरी एक नेट फ्रेंड भाभी ने भेजी और उसकी यह रियल व सच्ची गटना है और फ़ोन
पर बताई है
और कहानी का नाम है
जेठजी ने रगड़ दिया मुजे

सबसे पहेले में आप लोगो से उनका परिचय करा देता हूँ
दोस्तों पेश है कहानी डिम्पल भाभी की जुबानी से.

में डिम्पल उम्र २८ साल और मेरे पति निलेश उम्र २९ साल
मेरे जेठजी उम्र करीब ३१ ( पति के बड़े भाई )
में मुंबई में रहती हूँ मेरे पति एक एम् एन सी में बे दी एम् है और में हाउस वाइफ हूँ मेरा एक
लड़का है जो की ३ साल का है
मेरे जेठजी नागपुर में अपने मम्मी पापा के साथ में रहेते है और उनकी वहा पर एक शो रूम है और
वे अक्सर मुंबई आते है और हमारे घर पर ही
रुकते है और जब आते है है तो हमरे लिए मिठाई और गिफ्ट भी साथ लाते है
वैसे तो मेरे जेठजी एक सरीफ आदमी है
एक साल के पहेले दुपहर को मेरे जेठजी यहाँ हमारे घर आये और मुजे कहा की निलेश कब आयेगा
तो मेने कहा की वो ४ दिन के लिए हैदराबाद गए है और २ दिन के बाद आएंगे कियोंकि उन्हें जा
कर दो दिन हो गए थे
तो जेठजी ने कहा अच्छा और बोले जल्दी से चाय और नास्ता लगा दो मेने उनसे कहा की खाना तैयार
है जी खा लीजिये तो बोले मुजे देर हो रही है में शाम को आकर खाऊंगा
और वो गेस्ट रूम चले गए और में किचेन में उनके लिए चाय और नास्ता तैयार करने लगी
मेने चाय और नास्ता लेकर हल में गयी और मेरे जेठजी ने चाय और नास्ता किया और जाते समय
बोले में खाना शाम को ८ बजे आकर करूँगा
और चले गए मेने प्लेट वापस रखकर में सोने को चली गयी ( में हर रोज़ दुपहर को २ या ३
गनते सोती हूँ नइटी पहेनकर जो की फुल बॉडी को कवर करती है और आगे चार पुश बटन है
करीब ६ बजे उती और चाय बनाकर पि बादमे जेठजी और मेरे किये खाना तैयार किया और में हॉल
टी.वि देखने लगी
करीब ८.३० बजे डोर बेल बजी और मेने डोर खोला और देखा की जेठजी एक दम गबराए और परेसान
से एक हाथ में बैग लेकर खड़े है मेने उनको अन्दर आने कहा और वो अन्दर ए
मेने उनसे पूछना जरुरी नहीं समजा और कुछ नहीं पुछा जैसे ही अन्दर आये और सीधे गेस्ट रूम में
चले गए
मेने डोर बंद किया और किचेन में खाना गरम करने
और मेने खाना गरम कर के खाने के टेबल के ऊपर रखा करीब १५ मिनट के बादमे जेठजी आये
और टेबल के ऊपर बैठ गए और खाना खाने लगे
जब उनका खाना ख़त्म हुआ तो वे बोले की मुजे एक गंते के बादमे एक कप चाय बनाकर देना मेने
कहा जी
और में भी खाना खाने लगी ( दोस्तों जब जेठजी खाना खा रहे थे तो तिरिची नज़र से मुजे गुर रहे
थे मेने दो तिन बार देखा )
मेने भी जल्दी खाना ख़तम किया और टेबल व बर्तन साफ़ करके जेठजी के लिए चाय बनाने लगी और
चाय बनाकर जेठजी को देने गयी जेठजी हाल में बैठ कर टी.वि. देख रहे थे मेने उनके हाथ में चाय
का कप दिया
और चाय लेते समय मेरे हाथ को टाच किया और मेरे बदन में कम्पन हो गया लेकिन मेरे चेरे पैर
आने नहीं दिया और सीधे में किचेन में चली गयी और कुछ देर के बादमे
में अपनी रूम में जानने लगी तभी जेठजी ने मुजे बुलाया और कहा मेरे रूम आना में उनके पीछे
उनकी रूम में गयी और
जेठजी ने मुजे एक बैग दी मेने जब बैग के अन्दर देखा तो उसमे दो बैग थी एक छोटी और एक
बड़ी तो पहेले मेने छोटी बैग में से एक बॉक्स निकला और देखा की उसमे एक हीरे की रिंग थी
मेने अपनी राईट ऊँगली में डाला और निकला रिंग परफेक्ट साइज़ की थी में ख़ुशी से उनको धन्य वाद
कहा और दूसरी बैग को खोला
जैसे ही मेने दूसरी बैग से सामान निकला और देखा तो मेरे होश ही उड़ गए थे और मुजे गुस्सा व
शर्म आ
रही थी उस बैग में एक लाइट पिंक कलर की ट्रांसपैररान्त ( आर पार दिकने वाली ) नाइटी थी
और साथ में मेंचिंग ब्रा पेंटी थी
मेने जेठजी के मु के ऊपर दोनों को फेका
और जैसे ही जाने के मुड़ी तो जेठजी ने मुजे पीछे से पकड़ दिया और मेरी दोनों चूची को रगड़ने लगे
और बोले कियों पसंद नहीं आया मेरा तोफहा और मेरे गले के ऊपर किस्सिंग करने लगे
मेने उनसे चुदाने की कोशिश की लेकिन उनकी पकड़ मजबूत थी और मुजे अपनी बाहों में उठा कर
बोले रानी तुम्हारे बेद रूम में लेकर जाऊ या यहाँ ही पैर
तो मेने उनसे कहा प्लीज़ मुजे छोड़ दो भगवन के लिए में आपकी छोटे भाई की पत्नी हूँ और आप
की छोटी बेहन जैसी हूँ तो जेठजी बोले देखो एक बार तुम मुजे पयार करने दो फिर में तुजे छोड़ दूंगा
तो में बोली प्लीज़ नहीं
में ऐसा कभी नहीं कर सकती
और जेठजी मेरी रूम ले आये और मुजे बेद के ऊपर डाला और मेरे ऊपर चढ़ गए और मेरी नाइटी
को आगे से खीचा जैसे ही मेरी नाइटी के बटन खुले और एक हाथ को अन्दर डाला और मेरी दाई चूची
को जोर जोर से
मसलने लगे
और एक हाथ को निचे लाकर मेरी जांघ को सहलने लगे में ना ना करती रही और जेठजी मेरी चूची
को मसलते रहे करीब १५ मिनट के बादमे जेठजी ने अपने कापडे उतारे और वो पूरे नंगे हो गए
और मेरी नाइटी
को जबरदस्ती से उतरने लगे अब मेरे बॉडी पैर ब्रा व पंटी थी और में शर्म से उलटी हो गयी
और जोर जोर से रोने लगी और भगवन को याद करने लगी
तभी जेठजी ने मेरी ब्रा का क्लिप खोला और एक हाथ से मेरी गांड को सहाल ना चालू किया और
दसूरे हाथ से मेरी पीठ पर हाथ फिराने लगे मुजे भी आब उतेजना हो रही थी कियों की पहेली बार
कोई दूसरा मर्द
मेरे साथ में अश्लील हरकत कर रहा था
तभी जेठजी ने मेरे बाल पकडे और
और मुजे बहुर जोर से दर्द हुआ और मेरा सर ऊँचा हुआ और मुजे कहा प्लीज़ एक बार मुजे पयार
करो ना मेने उनके मु पैर थूका तो जेठजी गुस्सा होते हुए बोले साली आज तेरो को
तेरी नानी याद नहीं दिलाई तो मेरा नाम बदल कर रख देना
और एक ही जटके में मुजे सीधा किया और मेरे ऊपर सो कर मेरी दोनों चूची को जोर जोर से रगड़ने
लगे और साथ में लंड को मेरी पेंटी के ऊपर रगड़ने लगे और मेरी गल को अपनी जिब से चाटने लगे
करीब
( दोस्तों मुजे दर्द भी बहुत हो रहा था और मज़ा ( आनंद ) भी आ रहा था कियोंकि मेरे पति ने
मुजे ऐसा कभी नहीं रगडा था )
करीब आधे गंते के बादमे जेठजी उठे और मेरी पंटी को फाड़ दिया और मेरी चूत के ऊपर हाथ रख
कर बोले रानी किया चूत है मेरा छोटा भाई बड़ा लकी है
में तो पागल हो रहा हूँ ऐसी चूत को देख कर और दोनों हाथो से मेरे पैर को फेला कर मेरी चूत में
ऊँगली डाली
और जोर जोर से आगे पीछे करने लगे में भी अब धीरे धीरे सिसकारी लेने लगी और शर्म के
मारे आंखे बंद कर ली तभी जेठजी ने अन्गुटे को चूत के अन्दर डाला
और अन्गुटे और ऊँगली से मेरी चूत के दाने को पकड़ कर जोर से भींच दिया
जैसे हि जेठजी ने मेरी चूत के दाने को मसला मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया और में दर्द से तड़प उठी
और बोली प्लीज़ भगवन के लिए मुजे छोड़ दो में आप के सामने हाथ जोडती हूँ
जेठजी ने कहा में तुम्हे छोड़ दू यह हो नहीं सकता तुजे पाने के लिए में कितने दिनों से
तड़प रहा था . आज हम दोनों को अच्छा मोका मिला आओ हम दोनों मिलकर एक इथिअस रचते है
आज मुजे मर रोको और तुम खुद ही
देख लो की तुम्हारी चूत लंड के तड़प रही है
देखो कितना रस छोड़ रही है और जेठजी ने मेरी चूत से चूत रस निकाल कर मुजे दिखाया
और बोले देखो
एक काम करो तुम मेरा लंड मु में लो और में तेरी चूत मु में लेता हूँ
दोस्तों जैसे ही जेठजी ने लंड और चूत शब्द कहा में तो शर्म से मर गयी और अपनी आंखे बंद
कर ली और उनसे कहा प्लीज़ आप ऐसी गन्दी बाते ना करे .
दोस्तों मुजे सुनने में बड़ा मज़ा आया ( अगर
आप लड़की है तो आप के सामने जब कोई पराया मर्द लंड और चूत जैसी बात करे तो आप ही
बताये तो आप को कैसा लगेगा.और कैसा अनुभव होगा )
तभी जेठजी ने कहा तुम मेरी ऊपर आती हो या में तेरे ऊपर आउ मेने उनको कोई उतर नहीं दिया
और
जेठजी उठे और दोनों हाथ से मेरा मु पकड़ा और मुजे किस्सिंग करने लगे करीब 5 मिनट किस्सिंग
करते रहे बादमे मेरे ऊपर उल्टा होकर बोले रानी मेरा लंड चूसो में तेरी चूत चूसता हूँ मेने कहा में
नहींमें यह सब नहीं करुँगी
तभी जेठजी ने दोनों हाथसे मेरी चूत के होठ खोल कर मेरी चूत के अन्दर मु डालकर चूत के दाने
को काटने लगे और बोले जब तक तुम मेरा लंड मु में नहीं लोगी में तेरी चूत को जोर जोर से अपने
दांत
के निचे रख कर काट दूंगा बादमे तुम टोइलेट भी नहीं कर सगोगी और अपने दांत के बिच में चूत
के दाने को दबा कर रख दिया
में दर्द से तड़प उठी और जोर से चिलाने लगी उई उई माँ माँ
प्लीज़ आप मुजे फोर्स मत कीजिये में अपने पति को कैसे मु दिखाउंगी और जेठजी
ने उनके हाथ से लंड पकड़ कर मेरे मु में जबरदस्ती डालदिया और ना चाहते हुए भी भी लंड मु में
लेना पड़ा और जेठजी ने मेरी चूत को अपनी जिब से चाटने लगे उनका लंड भी मेरे मु में अपने आप
आगे पीछे होने लगा ( दोस्तों पहेले तो मुजे अजीब लगा और बादमे धीरे धीरे मुजे आनंद आने लगा
) और जेठजी और में ६९ की मुद्रा में एक दुसरे के
शारीर व एक दुसरे के कामुक अंग को चाटने लगे ( में जेठजी का लंड और जेठजी मेरी चूत ) (
दोस्तों जब में जेठजी का लंड मु में चूसने लगी
तो मुजे इतना आनंद आया की में बता नहीं सकती इतना आनंद तो मेरा पति का लंड मु में लेने से
नहीं आया था )
और में जेठजी के लंड को जोर जोर से चाटने लगी तभी जेठजी ने कहा शाबाश मेरी रानी लगती तू
लंड मु में लेने में एक्सपर्ट हो लगता है मेरे भाई ने पूरी ट्रेनिंग दी है
में सुन कर अपने आप पर बहुत ही गलीनता महसूस हुयी
तभी जेठजी ने मेरी चूत में जोर जोर से जिब को अन्दर बहार करने लगे और में जेठजी के लंड को
मु के अन्दर बहार करने लगी करीब १५ मिनट में में जड़ी और जेठजी भी मेरे मु में जड़ गए में मु
हटा लिया जेठजी का वीर्य मेरे गले और चूची पर पड़ा और जेठजी ने मेरा वीर्य पूरा पि लिया उअर
चूत को जिब से चाटने लगे में ठंडी पद गयी थी
तभी जेठजी उते मेरे हाथ को पकड़ कर उनके लंड पर रख और बोले इसको अपने हाथो से हिलाओ
और मेरे हाथ में उनके लंड को पकड़ कर आगे पीछे हिलाने लगे और उनका लंड देखते ही देखते करीब
९ इंच का हूँ गया ( दोस्तों में एक बात बताना भूलही गया मेरे पति लंड है ७ इंच और मेरे जेठ जी
का है ९ इंच और मोटा भी मेरे पति से १/२ इंच जियादा है .

मेरी शालियो और भाभियों आप ही सोचे अगर आप के हाथ में इतना लम्बा और मोटा लंड आपके
हाथ में आ जाये तो आप किया करेगी ? आप समज गयेना में किया कहेने चाहती हूँ
जब मेने अपना हाथ हटाने कि कोशिश कि तो जेठजी ने मेरी चूची कि गुंडी को हाथमे लेकर
जोर जोर से मसलने लगे मेने उनके सामने देखा और बोली आब मुजे छोड़ दो ( लिव मी )
तो बोले रानी अभी तो खेल बाकि है और मेरी दाई चूची को मु में लेकर चूसने लगे और बायीं चूची
को रगड़ने लगे और मुजे किस्सिंग करने लगे में फिर से कामुक हो गयी और मेरी छूट भी पानी
चुद रही तभी मेने जेठजी के सामने देखा जैसे ही में जेठजी को देखा जेठजी ने मेरी आंख में झांक
कर बोले प्लीज़ एक बार मेरा लंड हिला दोना और मेरी चूची जोर जोर से मसलने लगे
आब में भी चालू हो गयी और जेठजी का लंड जोर जोर से हिलाने लगी जब उनका लंड एक धाम पूरा
कड़क हो गया और बोले किया हिलती हूँ ऐसा तो तुम्हारी जेठानी ( बड़े बही कि पत्नी ) भी नहीं
हिलती वाह मज़ा आ गया
तभी जेठजी ने कहा बस करो और मुजे लिटा दिया और मेरे ऊपर आए और दोनों टांगो को फेलाया
और लंड को मेरी चूत के मु पर रखा बादमे अपने दोनों हाथो से मेरो दोनों चूची को पकड़ कर एक
जोर
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दार धका मारा लंड चूत में सर सर करके चला गया और मेरी आँखों में देख कर मेरे होटो को चूसने
लगे और साथमे चूची को मसलने लगे और पूरा लंड को मेरी चूत में रखा
कुछ देर मेरी चूचियों को रगड़ ते रहे साथ में मेरे होटो को भी चूसते रहे बाद में लुंड को बहार निकाला
और वापस जोर से अन्दर डाला में उई उई उई माँ माँ माँ करते हुए उनसे धीरे से कहा प्लीज़ मुजे
छोड़ दो ( लिव में ) तो जेठजी ने कहा कियों मेरा लंड पसंद नहीं आया मेने उनसे फिर कहा प्लीज़
आप गन्दी बात न करे इधर मेरी छूट को दर्द भी हो रहा था और मज़ा आनंद भी आ रहा था
और वे मुजे ऐसे ही लम्भी लम्बी और धीरे धीरे शोट मरते हुए मेरी एक चूची को रगड़ ते हुए और
दूसरी चूची कि गुंडी ( निप्प्ले ) को मु में ले कर चूसने लगे
मेरा दर्द अब बंद हो गया और छूट में चिन्तिया रगने लगी और में पूरी कामुक हो गयी थी जी चाह
रहा था की में भी उनसे दिल खोल कर चुद्वाऊ लेकिन मेरे जेठजी होने के कारन में चुप थी और शर्म
भी आ रही थी
जेठजी ने आब स्पीड बड़ा दी और लम्बे लम्बे शोट मरने लगे और मेरी चूचियों को जोर से रगड़ने व
चूसने लगे मेंने भी आब जोर जोर से सिसकारी लेने लगी उई उई उई माँ माँ माँ .........
और मेरे गले में अपने दंत के निसान भी लगा दिया मेने भी अपने नाकुन से उनके पीठ पर रगड़ने
लगी कुछ देर जेठजी मेरे को ऐसी ही चोदते रहे और में चुद्वाती रही
करीब दस मिनट के बादमे जेठजी ने एक जटके में लंड को बहार निकला और फिर से पूरी ताकत
अन्दर डाला
मेरी चूत फिर दर्द से तड़प ऊती और मेरे मु से जेठ जी ईईईइ निकला तभी जेठजी फिर पूरा लंड
निकला और दूसरा जटका मारा और फिर मेरे मु से जेठजी ईईईइ निकला ऐसे ही करीब २० २५ जटके
मरे और हर जटका में में जेठजी ईईईइ चिलाती ( दोस्तों मुजे भी मज़ा भी बहुत आ रहा था ऐसी
चुदाई तो मेरे पति ने पहेले कभी नहीं की और में भी चूत को ऊपर उठा कर उनके हर जटके को मेरी
चूत के अन्दर लेने लगी तभी जेठजी ने कहा रानी सच सच बोलो मज़ा आ रहा है ने में उनको कोई
उतर नहीं दिया
आब में जड़ने वाली थी तभी जेठजी ने फुल स्पीड से लंड को मेरी चूत में मरने लगे और में जड़ने
लगी और में निढाल हो गयी लेकिन जेठजी ने मेरी लंभी लाभी शोट मरने लगे और साथमे मेरी
चूचियों को जोर जोर से रगड़ ने लगे और में फिर से उनके लंड को लेने के लिए मेरी चूत को ऊपर
उठाने लगी और करीब दस मिनट के बादमे जेठजी ने मेरी गांड के निचे २ तकिये रखे और मेरी चूत
ऊपर उठ गयी और वे लंड को चूत में दल कर जोर जोर मरने लगे और में भी जोर जोर सिसकारी
लेते हुए उनको पूरा साथ देने लगी तभी जेठजी ने मुजे पुछा किया रानी में अन्दर डालू मेरा रस या
फिर मु में डालू तो मेने उनसे कहा न तो में अन्दर लुंगी और ना नहीं में अपने मु में लुंगी
तभी जेठजी ने दो चार शोट जोर जोर से मरे और में फिर जड़ जर गयी और जेठजी ने लंड को बहार
निकला और लंड को मेरी चूचियों पैर रख कर दो तिन बार हिलाया और उनके लंड से तेज़ दर
निकली और मेरे मु से लेकर मेरी चूचियों पैर करीब १००एम् एल निकला
में चीची करने लगी
जैसे ही जेठजी पूरे जड़े और मेरे बगल में लेट गए और एक हाथ से मेरी चूचियों पड़े उनके वीर्य से
पूरे मु गले और पूरी छाती पर मसल दिया और मेरा ऊपर का सरीर पूरा उनके वीर्य से हो गया में
उतने लगी लेकिन जेठजी ने मुजे उतने नहीं दिया और मेरी बाहों में बाहे डालकर लेट गए और मेरे से
माफ़ी मांगे लगे मुजे माफ़ कर देना में भी आंख बंद कर के उनसे ऐसे ही सो गयी
जब उठी तो देखा की जेठजी सो रहे है और में बाथरूम में गयी और स्नान किया और मेने दूसरी
नाइटी पहनी और हाल में सोफा के ऊपर सो गयी
जब उठी तो देखा मेरा बेटा r
ऊ रहा है और में बाथरूम में हाथ मु धो कर ई किचेन में जा कर बचे के लिए दूध बनाया और बचे
को पिलाने लगी तभी मेने देखा की जेठजी मेरे पास आकार खड़े है और उनके हाथ में ना इ टी और
ब्रा पेंटी है जब में ने बेटे को दूध पिलाया और वापस किचेन में जाने लगी तो जेठजी मेरे पीछे पीछे
आये और मेरे से बोले प्लीज़ यह गिफ्ट ले लो मेने इंकार कर लिया तो जेठजी ने मेरे पीछे अपने
दोनों हाथो को आगे ला कर मेरी ना इ टी के बटन को खोला दोनों हाथो से मेरी ना इ टी को निकला
और मुजे कहा तुम पहेनोगी या में पहनाऊ तो में कुछ नहीं बोली तभी जेठजी ने मेरी एक चूची को
पकड़ा और दूसरी चूची को चूसने लगे में फिर से पूरी गरम हो गयी और उनका सर पकड़ खीचने और
मेरी चूची पर रगड़ ने लगी तभी जेठजी ने मुजे छोड़ दिया और बोले में अभी आता हूँ तुम यह
कपड़ो में होनी चाइए और जेठजी ने मेरी नाइटी को लेकर किचेन से बहार चले गए और करीब २
मिनट में आये जब तक में पूरी नंगी किचेन में कड़ी रही और जेठजी ने मेरी फोटो ले ली अपने
मोबाइल फ़ोन से मुजे पता नहीं चला तभी जेठजी ने विडियो मोड़े रखा और हुमदोनो की पिक्चर सही
आ सके और हमारे लेवल में रखदिया और मुजे इम्पोर्टेड ना इ टी पहनाई और दो चार फोटो भी ली
लेकिन मुजे इस्ट पता चला भी नहीं और में उनके सामने आंख बंद करके खड़ी थी तभी जेठजी बोले
तुम आब मेरे कमरे में तेरी और मेरी चाय ले आओगी और तुम मेरे साथ भी चाय पि लेना मेरी दोनों
चूची को दोनों हाथो से रगड़ दिया और अपने रूम में चले गए में भी ना इ टी पहेन कर बहुत खुश थी
लेकिन शर्म भी बहुत आ रही थी
और चाय बनाए लगी और दो कप चाय उनके कमरे में ले गयी तबी मेने देखा की जेठजी मोबाइल में
देख कर अपने लंड को हिला रहे है में देख कर गबरा गयी और दरवाजे पे खड़ी हो देखने लगी तभी
जेठजी की नज़र मुज पर पड़ी और बोले अन्दर आओना बहार कियों खड़ी हो
और में अन्दर गयी और उनको चाय दी उअर खुद चाय पिने लगी जेठजी ने जल्दी ही चाय पिली और
मेरी चाय ख़तम होने का इंतजार कर रहे थे जैसे ही मेरी चाय ख़तम हुयी मेने कप को निचे रखा
जेठजी ने मुजे अपने बाहों में लिया और मुजे बेद पे लिटा दिया और मेरे से कहने लगे देखो कितनी
प्यारी लग रही हूँ तुम और मेरी ना इ टी ऊपर उठा दी और मेरे टांगो को फेलाया और लंड को मेरी
चूत में दल दिया और द्दोनो हाथो से चूची रगड़ ते हुए चोदने लगे
और में भी उनका सहयोग देने लगी तभी जेठजी बोले शाबाश मेरी रानी और मुजे चोदते रहे
और मेरी चूची को भी रगड़ने लगे करीब ३० मिनट तक मेरी चूत को भोसड़ा बना दिया और मेरी
चूत में ही जर गए और साथमे में भी जेठजी को बहो में बहे डाल कर जर गयी .
तो दोअतो इसके साथ ही में अपनी कहानी का पहला भाग ख़तम करती हूँ और दूसरा भाग में जरुर ही
पूरा कर दूंगी
अगर कोई भी भाभी या सेहली मुझसे अपनी कहानी लिखवाना चाहती है तो मुजे जरुर सम्पर्क करे मेरा
ईमेल ईद है
xxxxxxxxxxxxxxxxx
और मुजे आपके जवाब चाइए की आप को मेरी कहानी कैसे लगी और आपके अमूल्य सुजाव
इंतज़ार में
में आप लोगो को धन्य वाद देता हूँ की आपने अपने समय मुजे दिया और मेरी कहानी को पड़ी
नमस्ते गुड बाय
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