Post Reply 
गहरी चाल - हिन्दी सेक्स कहानी
10-03-2010, 10:09 AM
Post: #31
RE: गहरी चाल - हिन्दी सेक्स कहानी
"वाउ!",मुकुल ने कुर्ते के गले मे हाथ डाल उसके ब्रा मे से उसकी 1 चूची को निकाल लिया.रश्मि की चूचिया बहुत बड़ी तो नही थी मगर बहुत छ्होटी भी नही थी,उसकी नुमाया हुई चूची पे सज़ा भूरा निपल बड़ा प्यारा लग रहा था.मुकुल झुका & उस चूची को अपने मुँह मे भर लिया & तो रश्मि छटपटाते हुए आहें भरने लगी.ये सब देख कर कामिनी भी गरम होने लगी थी पर आज बहुत काम था & उसने सोचा कि अगर अभी ना रोका गया तो मुकुल तो आज रश्मि को चोदे बिना नही छ्चोड़ेगा. उसने दरवाज़ा बंद किया & वापस ऑफीस के मैं दरवाज़े पे आई & इस बार थोड़ी आवाज़ के साथ दरवाज़े को खोला,"अरे कहा हो भाई?मुकुल?रश्मि?" तुरंत उसका कॅबिन खुला & मुकुल बाहर आया,"गू-गुड मॉर्निंग,मॅ'म." "गुड मॉर्निंग.कॅबिन मे क्या कर रहे थे?" "वो केस फाइल पड़ी थी ना वही लेने गया था." "तो नही मिली क्या?",कामिनी ने उसके खाली हाथो की तरफ देखा. "जी..!ना-नही..वो रश्मि ढूँदने मे मेरी मदद कर रही है.रश्मि तुम्हे मिली फाइल?",उसने गर्दन घुमा कर कॅबिन की तरफ देखते हुए पूचछा. "हां..हां..ये लो..",रश्मि के चेहरे पे घबराहट सॉफ नज़र आ रही थी.कामिनी चुपचाप बिना कुच्छ बोले अपने कॅबिन मे दाखिल हो गयी.थोड़ी देर बाद उसने इंटरकम से रश्मि को अंदर बुलाया. "रश्मि,ये क्या है?",उसने अपने कॅबिन की ओर इशारा किया. "जी!मॅ'म?" "ये क्या है,रश्मि?",उसने सवाल दोहराया. "आपका ऑफीस,मॅ'म." "तो थोड़ी देर पहले तुम दोनो इसे अपना बेडरूम क्यू समझ रहे थे?",कामिनी अपनी कुर्सी से उठ खिड़की के पास खड़ी हो बाहर देख रही थी,उसकी पीठ रश्मि की तरफ थी.रश्मि को तो काटो तो खून नही!वो भागती हुई कामिनी के पास आ गयी,"आइ'एम सॉरी,मॅ'म.मुझसे बहुत बड़ी ग़लती हो गयी.प्लीज़ मॅ'म..मुझे निकालिएगा नही...प्लीज़...आइन्दा ये सब नही होगा.प्ल-.." कामिनी हंसते हुए घूमी तो रश्मि का मुँह आश्चर्या से खुल गया,"अरे पगली!मैने तुमसे 1 सवाल पुचछा & तुम तो पूरी रामायण पढ़ने लगी!मैने कब की तुम्हे निकालने की बात?",रश्मि की जान मे जान आई,"..वो..मॅ'म..",जल्दी मे कपड़े ठीक करने के कारण उसके कुर्ते के गले मे से उसके कंधे पे ब्रा स्ट्रॅप नज़र आ रहा था.
"रश्मि,ये मर्द बड़े बेसबरे होते हैं..",कामिनी ने उसके ब्रा स्टरापको कुर्ते के नीचे कर उसके कुर्ते को सही किया,"..इन्हे हर वक़्त बस 1 ही बात सूझती है..पर हमे होश से काम लेना होता है..अगर मेरी जगह पीयान या कोई और तुम दोनो को देख लेता तो?" "..आगे से ध्यान रखना...& अपने दीवाने को मत बताना कि मुझे तुम दोनो के बारे मे पता चल गया है वरना मुझ से नज़रे नही मिला पाएगा & फिर काम भी ढंग से नही करेगा.चलो जाओ." "थॅंक यू,मॅ'म.",रश्मि घूम के जाने लगी. "और सुनो रश्मि,सॉरी." "जी,मॅ'म?" "आज शाम तुम्हे टॅक्सी से घर जाना पड़ेगा क्यूकी तुम्हारे ड्राइवर को मेरे साथ 1 मीटिंग मे जाना है.",मुकुल रोज़रशमी को अपनी बाइक से छ्चोड़ता था,कामिनी का इशारा उसी ओर था. "आप भी ना,मॅ'म.",रश्मि शरमाते हुए बाहर चली गयी.

Hollywood Nude Actresses
Disclaimer : www.indiansexstories.mobi is not in any way responsible for the content I post, for any questions contact me.
Find all posts by this user
Quote this message in a reply
10-03-2010, 10:09 AM
Post: #32
RE: गहरी चाल - हिन्दी सेक्स कहानी
"गुड ईव्निंग,कामिनी.",त्रिववणी ग्रूप की ऑफीस बिल्डिंग के कान्फरेन्स हॉल मे कामिनी के मुकुल के साथ दाखिल होते ही षत्रुजीत सिंग ने आगे बढ़ के मुस्कुराते हुए उस से हाथ मिलाया.उसकी उंगलिओ के छुते ही कामिनी के बदन मे फिर से वही जाना-पहचाना मदहोशी का एहसास दौड़ गया,"हेलो..",वो बस जवाब मे इतना ही कह पाई. "आइए..",शत्रुजीत ने अपने दाए हाथ मे उसका हाथ थामे हुए बाया उसकी ब्लाउस के नीचे से झलकती नंगी कमर पे रखा & उसे टेबल की ओर ले चला जहा जयंत पुराणिक के साथ 5 और लोग बैठे थे.शत्रुजीत के हाथ मे हाथ होने से पहले ही कामिनी का हाल बुरा था & अब कमर पे हाथ रखने के बाद तो उसकी टांगे भी काँपने लगी.किसी तरह वो टेबल तक पहुँची & 1 कुर्सी पे बैठ गयी. "कामिनी,अंकल जय से तो आप पहले ही मिल चुकी हैं..",कामिनी ने उनकी तरफ देख कर मुस्कुरा के सर हिलाया तो उन्होने भी जवाब मे अपना सर हिलाया,"..& ये मेरी बाकी की टीम है जोकि त्रिवेणी को चलाती है..",शत्रुजीत ने उसका परिचय सभी से करवाया तो कामिनी ने भी उन सबको मुकुल से मिलवाया. कामिनी ने आँखो के कोने से देखा की कान्फरेन्स टेबल से थोड़ा हट के 1 कुर्सी पे अब्दुल पाशा बैठा है & उसकी ठंडी नज़रे बड़े गौर से उन सब को देख रही हैं....आख़िर क्यू उसकी आँखे ऐसी खून जमा देने वाली थी? कामिनी ने अपना ध्यान उसकी ओर से हटाया & शत्रुजीत की बातो पे लगाया,"..ये वो केसस हैं कामिनी जोकि ऑलरेडी कोर्ट मे हैं & ये वो हैं जोकि कोर्ट मे जा सकते हैं..",शत्रुजीत ने अपनी सेक्रेटरी से 2 फोल्डर्स ले कर उसकी ओर बढ़ाए. "मिस्टर.सिंग.कयि लोग समझते हैं कि 1 वकील आपको आपकी की हुई ग़लती से मिलने वाली सज़ा से बचाता है-उनका ये मानना सही भी है,पर कयि लोग जान बुझ कर ग़लतियाँ करते हैं & फिर वकील के पास जाते हैं उस सज़ा से बचने जिस से बचने का उन्हे कोई हक़ नही होता.मैं इन केसस को हाथ लगाने से पहले 1 बात सॉफ कर देना चाहती हू,मैं केवल उन लोगो के केसस को हाथ लगाती हू जोकि जान बुझ कर ग़लतियाँ नही करते...वो क्लाइंट्स जो मुझ से झूठ बोलें या फिर बातें च्छुपाएँ,मुझे बिल्कुल पसंद नही." "कामिनी..",शत्रुजीत उसके सामने टेबल की दूसरी ओए बैठा था,वो उठा & आकर उसके पास टेबल पे बैठ गया & उसकी आँखो से आँखे मिला दी,"..ये बिज़्नेस मैं अपनी एमबीए की डिग्री के बूते पे नही चलाता बल्कि अपने पिता की नसीहतो के बूते पे चलाता हू..",कामिनी की सारी का आँचल थोड़ा 1 तरफ था & शत्रुजीत जिस तरह से बैठा था,वो उसके ब्लाउस के गले से झँकते उसके हल्के से क्लीवेज & दोनो छातियो के बीच की गहरी दरार को सॉफ-2 देख सकता था,"..& उनकी दी हुई ऐसी ही 1 नसीहत जिसे मैं हमेशा मानता हू.उन्होने मुझ से कहा था कि इंसान को अपने डॉक्टर & वकील से कभी कुच्छ भी नही छिपाना चाहिए.." शत्रुजीत की नज़रे 1 पल को उसके सीने से टकराई तो कामिनी को यू लगा जैसे उसने उसे अपने हाथो से वाहा पे च्छुआ हो.शत्रुजीत ने अपनी नज़रे तुरंत उपर की & 1 बार फिर उसकी नज़रो से मिला दी,"आप बेफ़िक्र रहिए,मैं आपको कभी भी ऐसी शिकायत का मौका नही दूँगा." "ओके,मिस्टर.सिंग.तो मुझे भी आपके साथ काम करने मे कोई ऐतराज़ नही है.",कांट्रॅक्ट पेपर्स साइन कर दोनो ने फिर से हाथ मिलाया & 1 बार फिर उसका बदन रोमांच से सिहर उठा.

Hollywood Nude Actresses
Disclaimer : www.indiansexstories.mobi is not in any way responsible for the content I post, for any questions contact me.
Find all posts by this user
Quote this message in a reply
10-03-2010, 10:10 AM
Post: #33
RE: गहरी चाल - हिन्दी सेक्स कहानी
सवेरे वो पंचमहल स्पोर्ट्स कॉंप्लेक्स के जॉगिंग ट्रॅक पे टी-शर्ट & शॉर्ट्स मे जॉगिंग कर रही थी.उसकी गोरी टांगे & भारी मखमली जाँघो को देख शायद ही वाहा के किसी मर्द-जवान या बुड्ढे,के दिल मे उसकी जाँघो के बीच मे अपना लंड धसने का ख़याल ना आया हो. "हेलो,कामिनी." "हाई!करण.आ गये टूर से?कैसा था?" "बढ़िया.",रोज़ की साथ-2 की जॉगिंग ने दोनो की जान-पहचान को दोस्ती मे तब्दील कर दिया था.दोनो इधर-उधर की बातें करते हुए जॉगिंग करने लगे. "मुझे तो इस खेल का कुच्छ सर-पैर ही नही समझ आता!",दोनो कॉंप्लेक्स के मिनी गोल्फ कोर्स की बगल से गुज़र रहे थे. "क्यू?ऐसा क्या मुश्किल है इस खेल मे?..देखो,18 होल्स हैं.अब उनमे जो खिलाड़ी सबसे कम शॉट्स मे गेंद डाल देता है,वो जीत जाता है." "फिर भी...मुझे समझ नही आता." "तो आओ मैं समझाता हू..",करण ने उसका हाथ थामा & भागते हुए कोर्स मे दाखिल हो गया. 1 कॅडी को बुलाकर उसके बॅग मे से 1 क्लब लिया & उसे बॉल रखने को कहा,फिर 1 होल खेलने लगा,"..ये देखो.अब इसमे क्या है ऐसा जो समझ मे ना आए..",उसने गेंद को होल मे गिरा दिया,"..आओ तुम भी ट्राइ करो.ये लो." कामिनी ने क्लब ले कोशिश की पर उसकी बॉल होल तक पहुँच ही नही पाई,उसके शॉट्स आड़े-टेढ़े लग रहे थे.उसका खेल देख करण को हँसी आ गयी,"तुम तो बिल्कुल अनारी हो,यार!लाओ मैं बताता हू कैसे खेलते हैं.",करण हंसते हुए उसके पास आ गया. "पहले इस तरह खड़े हो..",उसके पीछे आ उसकी कमर पे हाथ रख उसने उसे सही तरीके से खड़ा किया,"..अब टांगे थोड़ी फैलाओ..हाँ!बस इतनी..",कारण ने झुक कर अपने हाथो से उसकी नंगे घुटनो को थाम टांगो को तोड़ा फैलाया तो कामिनी सिहर उठी.फिर कारण उसके ठीक पीछे खड़ा हो गया & उसके दाए कंधे के उपर से अपना चेहरा लाकर झुकते हुए अपनी बाहें उसकी बाहो से सटा दी & उसके गोल्फ क्लब थामे हाथो को उपर से थाम लिया,"..अब लगाते हैं शॉट." कामिनी तो जैसे होश मे ही नही थी,1 जवान मर्द का मज़बूत जिस्म अनल्पाई.नेट उसे पीछे से बाहों मे भरे हुए था,उसके दिल की धड़कन वो अपनी पीठ पे महसूस कर रही थी,उसने अपने सख़्त हाथो मे उसके नाज़ुक हाथ कसे हुए थे-ऐसे हालात मे तो कोई बुढ़िया भी गरम हो जाए,फिर वो तो 1 जवान लड़की थी जिसके खूबसूरत जिस्म की आरज़ुएँ भी जवान थी. "हां..ऐसे..",करण ने उसके हाथो को थामे हुए शॉट लगाया तो कामिनी तो बस मस्ती मे डूब गयिक्युकि शॉट लगते वक़्त करण का निचला जिस्म उसके निचले जिस्म से टकराया & उसकी भारी गंद पे उसके लंड का दबाव पड़ा...कितने दीनो बाद उसने 1 लंड का एहसास किया था.कामिनी की आँखे मूंद गयी & वो बस करण के सहारे खड़ी हो गयी. "क्या हुआ कामिनी?तुम्हारी तबीयत तो ठीक है?",वो जैसे नींद से जागी,"ह्म्म...हा-हां..",वो उसके बदन से अलग हुई,"..अब चलना चाहिए वरना मुझे कोर्ट के लिए देर हो जाएगी..",करण उसे गहरी निगाहो से देख रहा था,शायद अपनी दोस्त का हालत का अंदाज़ा उसे हो गया था.

Hollywood Nude Actresses
Disclaimer : www.indiansexstories.mobi is not in any way responsible for the content I post, for any questions contact me.
Find all posts by this user
Quote this message in a reply
10-03-2010, 10:10 AM
Post: #34
RE: गहरी चाल - हिन्दी सेक्स कहानी
मैं पंचमहल जिम्कआना & रिक्रियेशन क्लब का सेक्रेटरी बोल रहा हू.मुझे आपको ये बताते हुए काफ़ी खुशी हो रही है कि क्लब ने आपकी मेंबरशिप की अर्ज़ी को मंज़ूर कर लिया है." "थॅंक यू,मिस्टर.भाटिया." "मेडम,अगर आप फ्री हो तो आज शाम को क्लब आकर अपना मेंबरशिप कार्ड ले लें & मैं आपको क्लब के बाकी मेंबर्ज़ से भी मिलवा दूँगा." "ठीक है,मैं 9 बजे वाहा पहुँच जाऊंगी." "ओके,मेडम." "हेलो..हेल्लू..",कामिनी क्लब सेक्रेटरी भाटिया के साथ क्लब मेंबर्ज़ से मिल रही थी,"तो मेडम,मैने यहा रिक्रियेशन रूम मे बैठे मेंबर्ज़ से तो आपको मिलवा दिया & आपको यहा के बारे मे सारी बातें & यहा के नियम भी बता दिए.तो अगर आपकी इजाज़त हो तो मैं अपने ऑफीस जाऊं,थोड़ा काम है." "ऑफ कोर्स,भाटिया जी.ज़रूर जाइए & थॅंक्स फॉर इंट्रोड्यूसिंग मे तो एवेरिवन हियर." क्लब काफ़ी बड़े एरिया मे फैला था.सामने बड़ा सा लॉन था जहा गर्मियो मे शाम को कुर्सिया & मेज़ें डाल दी जाती थी.क्लब के पीच्चे 1 स्विम्मिंग पूल भी था,वाहा भी मेंबर्ज़ के बैठने का इंतेज़ाम था,वही साथ ही 1 स्क्वॉश कोर्ट भी था.उपरी मंज़िल पे जिम था & 1 पूल रूम जहा बिलियर्ड्स टेबल्स लगी हुई थी..च्चत को 1 ओपन एर रेस्टोरेंट की शक्ल दी गयी थी.मेंबर्ज़ यहा सवेरे 6 बजे से लेके रात 12 बजे तक आ सकते थे.ज़्यादातर मेंबर्ज़ को अगर कभी भी खाना खाना होता तो वो रिक्रियेशन रूम का ही इस्तेमाल करते थे पर कुच्छ मेंबर्ज़ अच्छे मौसम के दीनो मे लॉन या छत पे भी खाना खाते थे. रिक्रियेशन मे कयि कार्ड टेबल्स लगी थी जिनका इस्तेमाल मेंबर्ज़ ताश खेलने के लिए करते थे.1 कोने मे 1 बार था & 1 तरफ बुक शेल्व्स लगी थी जिनके साथ ही रीडिंग रीडिंग एरिया भी था. कामिनी ने पहली मंज़िल पे जिम देखा जोकि इस वक़्त बिल्कुल खाली था & पूल रूम भी जहा कुच्छ मेंबर्ज़ खेल रहे थे.इसके बाद कामिनी छत पे चली गयी,"ओह!हेलो,कामिनी.वॉट आ प्लेज़ेंट सर्प्राइज़!" "हाई!मिस्टर.सिंग.",षत्रुजीत सिंग मुस्कुराता हुआ उसके करीब आया.कामिनी ने आज 1 घुटनो तक की सफेद ड्रेस पहनी थी जिसपे छ्होटे-2 गुलाबी फूल बने हुए थे.ड्रेस की छ्होटी बाँह से निकलती उसकी गोरी बाहें & हाथ क्लब की लाइट्स मे चमक रहे थे.मौसम बड़ा अच्छा था & ठंडी हवा के 1 झोंके ने उसकी ज़ूलफे उड़ा कर उसके चेहरे पे ला दी तो उसने उन्हे अपने हाथो से पीछे किया. "मैने आपको यहा पहली बार देखा है.",शत्रुजीत ने उसके हुस्न को सर से पाँव तक 1 नज़र भर कर देखा. "मैने आज ही क्लब जाय्न किया है.",उसे ऐसा लगा जैसे की शत्रुजीत नज़रो से ही उसकी ड्रेस उतार रहा है.

Hollywood Nude Actresses
Disclaimer : www.indiansexstories.mobi is not in any way responsible for the content I post, for any questions contact me.
Find all posts by this user
Quote this message in a reply
10-03-2010, 10:11 AM
Post: #35
RE: गहरी चाल - हिन्दी सेक्स कहानी
"दट इस ग्रेट!वेलकम टू दा क्लब...आइए,बैठिए.",छत की रेलिंग से सटकर कुच्छ कुर्सिया लगी थी.दोनो उन्ही पे आमने-सामने बैठ गये,"इसी खुशी मे आज का डिन्नर आप मेरे साथ कीजिए." "थॅंक यू,मिस्टर.सिंग पर प्लीज़ बेवजह तकल्लूफ ना करें." "अरे इसमे तकल्लूफ कैसा?कौन सा मुझे अपने हाथो से खाना बनाना है..",उसकी इस बात से कामिनी को हँसी आ गयी,"..वैसे आपके लिए खाना बनाने मे मुझे कोई तकलीफ़ होगी नही.",उसने गहरी निगाहो से कामिनी को देखा.कामिनी का दिल धड़कने लगा & उसने उसकी निगाहो से निगाह मिलने से बचने के लिए अपनी पोज़िशन थोड़ा बदलते हुए अपनी बाई टांग पे अपनी दाई टांग चढ़ा के बैठ गयी,"प्लीज़,आज नही.फिर कभी...वैसे भी अब तो हम मिलते ही रहेंगे." "ठीक है.जैसी आपकी मर्ज़ी.पर कम से कम 1 लेमनेड तो पी सकती हैं मेरे साथ?" "जी! ज़रूर.".शत्रुजीत ने इशारा किया तो 1 वेटर ने 1 छ्होटी तिपाई बगल मे रख दी & उनके लेमनेड के ग्लास उन्हे थमा दिए.तभी हवा का 1 झोंका आया & उसने कामिनी की ड्रेस को थोडा उठा दिया & शत्रुजीत की नज़रे उसकी मखमली दाई जाँघ पे पड़ी.कामिनी को फिर से लगा की जैसे उसने अपने हाथो से उसकी जाँघ च्छू ली हो.उसने लेमनेड ख़तम कर ग्लास तिपाई पे रखा,"अच्छा..अब मैं चलती हू.",वो खड़ी हुई. हवा का 1 झोंका अपने साथ थोड़ी धूल ले आया & उसी धूल का 1 ज़ररा कामिनी की आँख मे घुस गया,"आउच..!",उसका हाथ अपनी आँख पे चला गया. "क्या हुआ?",शत्रुजीत खड़ा हो गया. "लगता है आँख मे कुच्छ पड़ गया." "लाइए,मैं देखता हू.",उसने उसका हाथ हटाया & फिर उसके चेहरे को हाथो मे भर उसकी पलके फैला कर फूँक मार कर ज़र्रे को निकालने की कोशिश करने लगा.कामिनी की टाँगो मे तो जैसे जान ही ना रही.शत्रुजीत उसके बहुत करीब खड़ा था & जब वो आगे झुक कर फूँक मारता तो उसका चौड़ा सीना उसकी चूचियो से टकरा जाता,"..लो निकल गया." मदहोश कामिनी के पैर लड़खड़ा गये तो शत्रुजीत ने उसकी कमर को घेरते हुए अपनी बाहो मे थाम लिया & थामते ही उसकी चूचिया शत्रुजीत के सीने से पीस गयी,"क्या हुआ?" "का-कुच्छ नही..ज़रा पैर फिसल गया...",कामिनी उस से अलग हुई तेज़ कदमो से चलती हुई वाहा से निकल गयी.

Hollywood Nude Actresses
Disclaimer : www.indiansexstories.mobi is not in any way responsible for the content I post, for any questions contact me.
Find all posts by this user
Quote this message in a reply
10-03-2010, 10:11 AM
Post: #36
RE: गहरी चाल - हिन्दी सेक्स कहानी
उसके जाते ही शत्रुजीत का मोबाइल बजा,उसने नंबर देखा & मुस्कुरा कर कॉल रिसीव की,"हेलो,अंकल जे." "हेलो!सोन.कहा हो?क्लब मे?" "जी.और आप?वही बॉर्नीयो मे?",बॉर्नीयो पंचमहल का सबसे पुराना पब था & जयंत पुराणिक वाहा लगभग रोज़ ही जाते थे. "अभी-2 खबर मिली है कि पार्टी ने अमरजीत जी के बाद तुम्हे ही लोक सभा एलेक्षन का टिकेट देने का फ़ैसला किया है.थोड़ी देर मे मिश्रा जी तुम्हे फोन करेंगे." "ओके." "देखो बेटा मैं जो कहूँगा उसका बुरा मत मानना & मुझे ग़लत मत समझना.मैं चाहता हू कि तुम अपनी ज़ाति ज़िंदगी को ज़ाति ही रखो.मुझे तुम्हारी समझदारी पे पूरा यकीन है पर बेटे,अब मीडीया & ऑपॉस्षन पार्टी ही नही बल्कि तुम्हारी अपनी पार्टी के कुच्छ लोग तुम्हारी 1-1 हरकत पे नज़र रखेंगे & इस ताक मे रहेंगे कि कब तुम्हे नीचे लाया जा सके." "हमारी अपनी पार्टी के लोग अंकल?" "हां,बेटा." "कौन हैं वो,अंकल?" "बेटा,1 का नाम तो मैं दावे के साथ ले सकता हू-जगबीर ठुकराल.

Hollywood Nude Actresses
Disclaimer : www.indiansexstories.mobi is not in any way responsible for the content I post, for any questions contact me.
Find all posts by this user
Quote this message in a reply
10-03-2010, 10:11 AM
Post: #37
RE: गहरी चाल - हिन्दी सेक्स कहानी
पंचमहल 1 तेज़ी से बढ़ता हुआ शहर था जहा रोज़ नयी-2 कॉलोनीस बस रही थी.इन्ही मे से 1 थी विकास खंड,इस विकास खंड का सेक्टर-52 पंचमहल की सबसे नयी पॉश कॉलोनी थी.इसमे दाखिल होते ही चारो तरफ 1 से बढ़कर 1 आलीशान बंगल दिखाई देते मगर कोई इंसान नही,लगता मानो किसी वीरान बस्ती मे आ गये हैं.यहा बसने वाले या तो इन सुनहरी दीवारो के पीछे रहते & अगर कही बाहर जाना भी पड़ता तो गहरे काले शीशो से ढँकी गाडियो मे जाते.दिखते तो बस उनकी दौलत की हिफ़ाज़त करने वाले गार्ड्स. इसी कॉलोनी मे 1 2-मंज़िला बहुत बड़ा आलीशान बुंगला था जगबीर ठुकराल का.बंगल की दोनो मंज़िले जैसे ठुकराल की दोहरी ज़िंदगी की निशानी थी.निचली मंज़िल पे रहता था पॉलिटीशियन ठुकराल तो उपरी पे अय्याश.उस से मिलने-जुलने वालो से वो निचली मंज़िल पे ही मिलता था.सबको यही लगता था कि उपरी मंज़िल बंद पड़ी है.उपरी मंज़िल पे जाने की सीढ़िया नीचे घर के पीछे थी.उन सीढ़ियो की चाभी बस ठुकराल के पास थी.ठुकराल का बुंगला 2 प्लॉट्स को मिला कर बने 1 बड़े प्लॉट मे बना था.मगर साथ का 1 प्लॉट भी उसी का था जोकि इस उपरी मंज़िल के राज़ को राज़ रखने के लिए था.उस उपरी मंज़िल पे रहने वालो को अगर कभी बाहर जाने की ज़रूरत पड़ती तो वो सीढ़ियो से नीचे आ कर 1 छिपे गलियारे से होते हुए उस तीसरे प्लॉटे मे पहुँचते जहा की 1 छ्होटा सा घर बना था.वाहा गाड़िया खड़ी रहती थी & उनमे बैठ वो उस तीसरे प्लॉट से बाहर निकल जाते दुनिया को लगता कि वो लोग इस तीसरे प्लॉट मे रहते हैं ना की ठुकराल के बुंगले मे. लोग तो ये समझते थे की ठुकराल निचली मंज़िल पे अकेला रहता था पर हक़ीक़त ये थी कि वो उपरी मंज़िल वीरान नही थी,बल्कि हुमेशा हुस्न की परियो से गुलज़ार रहती थी.ये उपरी मंज़िल ठुकराल की ऐषगाह थी,जिसकी देखभाल का पूरा ज़िम्मा केवल लड़कियो के हाथ मे था. ठुकराल को अगर कोई भी लड़की पसंद आ जाती तो वो उसे अपने बिस्तर तक लाके ही दम लेता-अब चाहे वो लड़की अपनी मर्ज़ी से आए या फिर ज़बरदस्ती.

Hollywood Nude Actresses
Disclaimer : www.indiansexstories.mobi is not in any way responsible for the content I post, for any questions contact me.
Find all posts by this user
Quote this message in a reply
10-03-2010, 10:18 AM
Post: #38
RE: गहरी चाल - हिन्दी सेक्स कहानी
ज़बरदस्ती लाई गयी लड़की को वो अपनी हवस पूरी करने के बाद मौत की नींद सुला देता क्यूकी उसे डर रहता था कि कही उसका ये घिनोना रूप दुनिया के सामने ना आ जाए.और जो लड़की खुशी-2 उसकी बात मान लेती थी उसे वो पैसो से तोल देता था. इनमे से कुच्छ लड़कियाँ उसे इतनी पसंद आती थी कि उन्हे वो अपनी इस ऐषगाह मे ले आता जहा वो उसके जिस्म की भूख भी मिटती & साथ-2 ऐषगाह की देखभाल भी करती.इसके ऐवज मे इन लड़कियो को 1 मोटी रकम हर महीने दी जाती थी.जब किसी लड़की से ठुकराल का मन ऊब जाता तो वो उसे बहा से चलता कर देता पर जाते वक़्त भी उस लड़की की झोली नोटो से भर देता.इस वक़्त भी ऐसी 5 लड़कियाँ उसके हरम मे मौजूद थी. ठुकराल के इस हरम के बारे मे उसके & इन लड़कियो के अलावा वाहा आने वाली हाइ-क्लास कल्लगिर्ल्स & उन्हे हॅंडल करने वाले दलाल & मेडम्स को पता था.पर ये कभी भी उसके इस राज़ के बारे मे नही बोलते थे-लड़कियो & कल्लगिर्ल्स को पैसे मिल रहे थे तो वो क्यू किसी पचदे मे पड़ अपनी कमाई खटाई मे डालती!..& मेडम्स & दलाल इतने बढ़िया ग्राहक को नाराज़ कर अपने पैरो पे आप कुल्हाड़ी क्यू मारते! बंगले के उपरी मंज़िल पे 8 कमरे थे जिनमे से 5 मे वो लड़किया रहती थी & 1 बहुत ही बड़ा हॉल था जो था ठुकराल की ऐषगाह.उसे पहली बार देखने वालो की आँखे चौंधिया जाती थी.इटॅलियन मार्बल की टाइल्स से सजे फर्श पे ईरानी गाळीचे बिछे हुए थे.1 दीवार की पूरी लंबाई से लगा 1 बहुत ही लंबा गद्देदार सोफा रखा था.इस सोफे की उपर की पूरी दीवार पे खजुराहो की मूर्तियो की नकल बना के लगाई गयी थी-पर इन पत्थर की मूर्तियो को सोने से मढ़ा गया था.सोफे की ठीक सामने की दीवार से लगा 1 बड़ा एल्सीडी टीवी रखा था & उसके नीचे होमे थियेटर सिस्टम का डिस्क प्लेयर.होमे थियेटर के स्पीकर्स पूरे हॉल मे छुपे हुए थे.टीवी के अगल बगल के शेल्व्स मे हर तरह की ब्लू फिल्म्स की डिस्क्स भरी पड़ी थी.

Hollywood Nude Actresses
Disclaimer : www.indiansexstories.mobi is not in any way responsible for the content I post, for any questions contact me.
Find all posts by this user
Quote this message in a reply
10-03-2010, 10:19 AM
Post: #39
RE: गहरी चाल - हिन्दी सेक्स कहानी
सोफे & टीवी के बीच मे 1 शीशे की मेज़ थी जिसके पैर नंगी लड़कियो के आकार मे तराशे हुए थे.सोफे के बाद 1 कोने मे 1 फ्रिड्ज रखा था & उसी के बगल मे बार भी था.वाहा से थोड़ा हट के 1 शीशे की डाइनिंग टेबल थी & उसके पैर भी उस छ्होटी मेज़ की तरह ही थे. दूसरे कोने मे 1 जक्यूज़ी टब लगा हुआ था जिसमे 1 साथ 5 लोग आराम से बैठ सकते थे.उसी के बगल मे 1 शवर क्यूबिकल भी बना हुआ था.कोई भी दीवार खाली नही थी.हर दीवार पे नंगी लड़कियो की अकेले या फिर किसी मर्द के साथ प्यार करते हुए नज़रो की बड़ी खूबसूरत पेंटिंग्स सजी थी. पर 2 चीज़े थी जोकि इस हॉल मे दाखिल होते ही किसी का ध्यान अपनी ओर सबसे पहले खींचती थी..पहली चीज़ थी 1 10फ्ट जे 6फ्ट की पैंटिंग जिसमे 1 नंगी लड़की झरने मे नहा रही थी.गौर से देखने पे पता चलता था कि जहा पे लड़की की चूत थी वाहा पे 1 छेद मे 1 बटन लगा था जिसे दबाने पे पैंटिंग बीच से 2 हिस्सो मे बँट जाती.दरअसल वो 1 वॉर्डरोब का दरवाज़ा थी जिस वॉर्डरोब के अंदर लड़कियो की पोशाके भरी पड़ी थी-मिनी स्कर्ट्स.माइक्रो मिनिस,बूस्तिएर्स,ट्यूब टॉप्स,नाइटी,बिकीनिस,सारिया-कोई भी ऐसा कपड़ा जिसमे 1 लड़की सेक्सी लग सके & जिसे पहने उस लड़की को देखने की ठुकराल की तमन्ना हो. और दूसरी चीज़ थी 1 गोल किंग साइज़ पलंग जिसपे तकिये & कुशान्स पड़े हुए थे & जो हुमेशा फूलो से ढँका रहता था.

Hollywood Nude Actresses
Disclaimer : www.indiansexstories.mobi is not in any way responsible for the content I post, for any questions contact me.
Find all posts by this user
Quote this message in a reply
10-03-2010, 10:19 AM
Post: #40
RE: गहरी चाल - हिन्दी सेक्स कहानी
इस वक़्त सोफे पे 1 जवान लड़की बैठी थी जिसके बाल सुनहरे & भूरे रंगो से कलर किए हुए थे.लड़की ने 1 हॉल्टर नेक टॉप पहना था जिस से की उसकी पूरी चिकनी बाहें & गोरे कंधो का हिस्सा & उपरी आधी पीठ नुमाया हो रहे थे & उनपे उसके ब्रा के ट्रॅन्स्परेंट स्ट्रॅप्स चमक रहे थे.इसके साथ उसने काली,सीक्विंड स्किन-टाइट जीन्स पहनी थी & पैरों मे हाइ हील सॅंडल्ज़ थी.उसके होंठो पे ग्लॉसी लाल लिपस्टिक चमक रही थी & हाथ-पाँव के नाखूनओ पे मॅचिंग लाल नेल पोलिश.उसके हुलिए से सॉफ ज़ाहिर था की वो 1 हाइ क्लास कल्लगिर्ल है.वो बैठी टीवी पे कोई म्यूज़िक चॅनेल देख रही थी.

तभी हॉल का दरवाज़ा खुला & जगबीर ठुकराल ने अंदर कदम रखा,उसने बंद गले का कोट पहना हुआ था,लग रहा था की वो अभी-2 कही बाहर से वापस लौटा है.उसे देखते ही लड़की मुस्कुराती हुई खड़ी हो गयी,"हेलो!"

जवाब मे ठुकराल ने केवल सर हिलाया & सर से पांब तक उसे घूर्ने लगा,लड़की भी किसी मॉडेल की तरह मुस्कुराती खड़ी थी.ठुकराल के होंठो पे 1 कुटिल मुस्कान तेर गयी & उसका लंड पंत मे नींद से जाग अंगडायाँ लेने लगा,"वाहा खड़ी हो जाओ.",उसने लड़की को टीवी & सोफे के बीच मे खड़े होने को कहा & खुद सोफे के पास आ गया.

उसी वक़्त 1 बार फिर दरवाज़ा खुला & 1 खूबसूरत लड़की हाथ मे ट्रे-जिसपे पानी का ग्लास था,लिए अंदर आई.ये उन 5 लड़कियो मे से 1 थी.लड़की ने 1 बहुत छ्होटा ट्यूब टॉप पहना था & उसकी छातियो का उपरी हिस्सा उस कसे टॉप से छलक सा जा रहा था.नीचे उसने 1 टाइट माइक्रो-मिनी स्कर्ट पहनी थी जो बस उसकी गंद को किसी तरह ढँके हुए थी.

Hollywood Nude Actresses
Disclaimer : www.indiansexstories.mobi is not in any way responsible for the content I post, for any questions contact me.
Find all posts by this user
Quote this message in a reply
Post Reply 


Possibly Related Threads...
Thread:AuthorReplies:Views:Last Post
  झंडाराम और ठंडाराम - सेक्स का गेम खेला अपनी पत्नियों के साथ Le Lee 5 6,025 03-20-2018 04:41 PM
Last Post: sanpiseth40
  सेक्स-चैट Le Lee 5 4,804 07-18-2017 04:10 AM
Last Post: Le Lee
  [Indian] कहानी रीडर sexguru 3 11,929 07-04-2015 09:32 PM
Last Post: sexguru
  फ़ोन सेक्स - मोबाइल फ़ोन सेक्स Sex-Stories 190 172,935 08-04-2013 09:36 AM
Last Post: Sex-Stories
  दो वेश्या के साथ देसी सेक्स Sex-Stories 0 14,630 06-20-2013 10:22 AM
Last Post: Sex-Stories
  सेक्स और संभोग Sex-Stories 0 12,944 05-16-2013 09:11 AM
Last Post: Sex-Stories
  ममता कालिया की कहानी Sex-Stories 0 10,404 04-24-2013 11:04 PM
Last Post: Sex-Stories
  जानते है उन्हें क्या चाहिए - सेक्स Sex-Stories 23 19,837 04-24-2013 03:18 PM
Last Post: Sex-Stories
  सयानी बुआ और मन्नू भंडारी की कहानी Sex-Stories 3 12,424 04-24-2013 03:02 PM
Last Post: Sex-Stories
  सुहागरात की कहानी : तान्या की जुबानी Sex-Stories 4 27,842 02-22-2013 01:15 PM
Last Post: Sex-Stories