अपनी मौसी को ही चोदl !, apni-mausi-ko-hi-choda
हेल्लो दोस्तो,

कैसे हो आप !

मैं आपका प्यारा मेजस्टी, जिसकी कहानियाँ आप सब बहुत पसंद करते हैं।

शायद इसलिये कि मेरी कहानियों में ज्यादातर लड़की या औरत मेरी करीबी होती है, जैसे मम्मी, बुआ या छोटी बहन।

बहन से याद आया कि मेरी कहानी ¨छोटी बहन के साथ¨ को पसंद करने के लिए सबका शुक्रिया करता हूँ।

इस बार मैं अपनी मम्मी और मौसी की चुदाई से शुरु करता हूँ।

क्योंकि लड़कियों को मेरी मम्मी की चुदाई की कहानियाँ बहुत पसंद हैं तो भला मैं इन कुँवारी नाजुक चूत वालियों का दिल भला कैसे तोड़ सकता हूँ, अब बात छोड़ कहानी शुरु करता हूँ..

बात उन दिनों की है जब मेरी ३५ वर्षीय मौसी अपने ३ बच्चों के साथ सहारनपुर से आई थी। उनकी शादी १६ साल पहले एक सरकारी कर्मचारी की साथ हुई थी।

सपना मौसी अपने फिगर का बहुत ख्याल रखती थी। उनका रंग गोरा, गाल गुलाबी थे, पर चुँचियां बहुत बड़ी नहीं थी। पर हां ! उनकी गांड बहुत जबरदस्त थी, जब वो चलती थी तब मेरा ध्यान अक्सर उनकी गांड पर अटक जाता और वो साड़ी ही पहना करती थी! कसम से वो साड़ी में कयामत लगती थी, उनका साड़ी बांधने का अंदाज भी अलग था।

वो नाभि के काफी नीचे साड़ी बांधती थी और सदा गहरे गले का ब्लाउज पहना करती थी जिससे से वो जब भी झुकती थी तो उनकी दूध डेयरी का नजारा मैं बहुत आराम से देख करता था।

मै अपनी मम्मी, बुआ व बहन की चुदाई करने के बाद काफी चुदक्कड़ हो गया था।

मैने एक रात मम्मी को चोदते हुए मौसी की तारीफ की तो मम्मी ने कहा- साले ! मादरचोद ! मुझे पहले ही पता था कि तू मेरी बहन को बिना चोदे नहीं छोड़ेगा, क्योंकि मैं तुझे उसकी दूध डेयरी में झांकते हुए अनेक बार देख चुकी हूँ और जब भी तू उसके चूतड़ों की तरफ देखता है तो मै समझ जाती हूँ कि तू उसकी गांड भी मारेगा और वो छिनाल भी ऐसा ब्लाउज पहनती है कि सारी चूँचियां बाहर ताकती रहती हैं, रंडी ऊपर के हुक भी नही लगाती...

कई बार तो तेरे पिता जी भी मुझसे उसको सही ढंग से कपड़े पहनने के लिए कहने को कहते।

वो कहते- समझा लो मेरी साली को, वरना बाद में ना कहना कि मैंने उसकी चूँची दबा दी !

और मैं हंस कर टाल देती थी। लेकिन अब तू अपनी मौसी को चोदने को कह रहा है, तू भी बहुत हरामी हो गया है।

आप सब जानते ही होंगे कि मम्मी को चुदवाते वक़्त गालियों से बात करना बहुत अच्छा लगता है। तभी मैं जो इतनी देर से मम्मी की बकबक सुन सुने जा रहा था, उनके बड़े-2 ब्लैडर जैसे स्तन दबाते हुए बोला- तो साली हर्ज ही क्या है जो अपनी बहन को मेरा लौड़ा खिला देगी तो उसको भी तेरे जैसे मजा आ जाएगा, वो तो वैसे भी तुझ से छोटी है और वैसे भी मौसा जी ज्यादातर घर से बाहर ही रहते हैं, उसकी चूत भी प्यासी ही रहती होगी। कसम से जब मेरा लौड़ा उसकी टाइट चूत में जायेगा तब बहुत मज़ा आयेगा। मम्मी प्लीज़ ! एक बार चुदवा दो न !

तब मम्मी ने कहा- अच्छा-2 अब अभी तो मेरी चुदाई कर !

उसके बाद मैने मम्मी की चूत को चाट कर उनकी बुर में बहुत ही ज़ोरदार ढंग से अपना पूरा 9" का लौड़ा धंसा कर बहुत बेरहमी से पेला। मम्मी ने थोडी देर बाद ही चूत से पानी छोड़ दिया। फ़िर मैने एक बार पलट कर उनकी गांड मारी जिससे मेरी माँ बहुत थक गई और फ़िर हम दोनों सो गये।

दूसरे दिन जब मैं नहा रहा था तब मैंने मम्मी की आवाज़ सुनी, वो सपनी मौसी से कह रही थी- सपना तुम उदास लग रही हो ?

तो मौसी ने न-नुकर करने के बाद बताया- क्या बताऊँ दीदी ! आजकल रिंकू के पापा मेरी ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं देते, पहले वो मेरे साथ लगभग रोज़ ही सम्भोग करते थे(इतने में मैं नहा कर कमरे मे आ गया था)।

फ़िर माँ ने कहा- मैं तेरी परेशानी समझ गई, तू यही कहना चाह्ती है कि आनंद तेरी ठीक तरह से चुदाई नहीं करता। पर इसमें परेशान होने की कोइ बात नही क्योंकि वो तुम्हारे लिए ही काम कर रहा है, अब सारा वक्त तो तेरी चूत मारने में नहीं लगा सकता। चल कोई बात नहीं ! आज मैं तेरी प्यास बुझा दूंगी !

तब मौसी ने कहा- किससे? क्या मोमबत्ती से?

तो मम्मी बोली- नहीं पूरे 9" का लौड़ा घुसवाउंगी आज तेरी चूत में।

मम्मी की बात सुन कर मैं खुश हो गया। थोड़ी देर बाद ही मैने सुना कि मम्मी मौसी से बोली,"देख सपना, मैं तुझे चुदवा तो दूंगी, पर एक शर्त है !"

मौसी बोली,"वो क्या?"

मम्मी बोली,"तुझे चूत और लंड की बातें खुल कर किसी रंडी की तरह करनी होंगी !"

मौसी मान गई।

मौसी ने पूछा- आप मुझे चुदवाओगी किससे?

मम्मी ने कहा- यह तो रात को ही पता चलेगा।

रात होते सबके सोने के बाद मम्मी मेरे कमरे में आई और मेरे होंठों पर किस करते हुए बोली,"चल मेरे चोदू राजा ! आज अपनी मौसी की चूत भी चेक कर ले, तूने ऐसी माँ कभी नहीं देखी होगी जो खुद के साथ अपनी बहन को भी चुदवाए !"

तब मैंने कहा- मम्मी, मौसी को बता दिया कि उसकी चूत कौन मारेगा?

मम्मी बोली- बेटा, अभी नहीं बताया ! तू जब करेगा तो खुद ही देख लेगी।

मैं बोला- उसको बुरा नहीं लगेगा?

मम्मी ने कहा- अरे, बुरा कैसे मानेगी? साली की बुर में खुद ही कीड़े काट रहे हैं, और जब कोई औरत एक बार चुदाई कराने का सोचती है तो फ़िर वो किसी से भी चुदवा सकती है।

फ़िर मैं मम्मी के साथ उनके कमरे में चला गया। तब मौसी मम्मी के बेड पर बैठी थी और मुझे देख कर संभल कर बैठ गई।

मम्मी बोली- देख ले अपने चोदू को … आज यही तेरी चूत मरेगा !

यह सुनकर मौसी का मुख लाल हो गया।

वो झपाक से बोली- हाय दीदी ! मैं भला अपने भांजे से कैसे सम्भोग कर सकती हूँ?

तब मम्मी ने कहा- जब मैं अपने सगे बेटे से चुदवा सकती हूँ और इसको अपने सामने ही अपनी बेटी की चूत भी मरवाने का मज़ा दे चुकी हूँ, तब तुझे क्या मुश्किल है?

मौसी बोली- हाय दीदी, आप कितनी निर्लज्ज हो, भला अपने बेटे से भी कोई चुदवाता है।

मम्मी बोली- तू बोल- तुझे चुदवाना है या मैं अपनी चूत की खुजली मिटा लूँ तेरे सामने चुदवा कर ! साली नाटक करती है !और इससे तो घर की बात घर में ही रहेगी।

मौसी के नखरे दिखाने पर मम्मी ने उसकी साड़ी के ऊपर से ही उसकी बुर के पास चिकोटी काटते हुए कहा- रानी एक बार लंड घुसवा लेगी तो ससुराल जाना भूल जाएगी।

यह बोलते हुए मम्मी ने मौसी की साड़ी उतार दी, अब वो सिर्फ़ ब्लाउज़ और पेटीकोट में रह गई। अब मैं बर्दाश्त से बाहर हो रहा था, मैंने मम्मी की चूँची दबाते हुए कहा- पहले एक बार आप चुदवा लो, फ़िर मौसी को देख लेंगे !

मम्मी ने कहा- अब तू अपनी मौसी को ही चोद ! इतने दिनों से तूने रट लगा रखी थी।

मम्मी ने मेरी लुंगी झटके से खोलते हुए मेरा अधखड़ा लंड हाथ मे लेकर मौसी की तरफ़ बढ़ाते हुए उसे हाथ में लेकर लंड की गर्मी महसूस करने को कहा और बोली- साली ले और जल्दी से इसे चूस !

मम्मी ने अपने सारे कपड़े उतार दिए। मौसी अभी भी शरमा रही थी लेकिन मम्मी ने उसके कान के पास चुम्बन लेते हुए उसे शर्म छोड़ने को कहा। मैं झट से मौसी की चूंची दबाने लगा … वाह … बहुत मज़ेदार थी उनकी चूंचियां ! बिल्कुल टाईट । उनके गज़ब के चुचूकों को मैं हाथों से रगड़ रहा था, मम्मी पीछे से उसकी पीठ पर अपनी छाती रगड़ रही थी। मौसी ओह…… ओफ़्फ़्फ़्… की सिसकियां निकाल रही थी। तब मैंने अपना हाथ साईड से उनकी पेटीकोट में डालकर धीरे से नाड़ा खोल दिया और पेटीकोट निकाल दिया। अब मौसी बिल्कुल नंगी थी, पर उसने दोनों हाथों से अपनी बुर को छिपा लिया था।

मम्मी ने जल्दी से पीछे से उसके दोनों हाथ पकड़ लिए और मुझसे बोली- राज ! चल अब अपनी मौसी को चूत चाटने का मज़ा दे !

ये सुन कर मैं मौसी की बिना बालों वाली फ़ूली हुईं गुलाबी चूत पर हाथ फ़ेरने लगा, उसकी फ़ांके बहुत ही सुंदर थीं।

मैं अपना हाथ फ़ेरने लगा और मेरा हाथ अपनी चूत पर पाकर मौसी चिहुंक पड़ी और उसके मुँह से एस्स्स्स …स्स्स सिसकारियां निकलने लगीं। तभी मैंने अपने हाथों से उसकी फांकों को फ़ैला कर उसकी चूत का करीब से नज़ारा देखा।

उसके अंदर का गुलाबी भाग बहुत ही खूबसूरत था और उसकी भीनी-2 सुगंध आई।

मैंने जैसे ही अपनी ज़बान निकाल कर मौसी की चूत पर रखी, वो एकदम से उछल पड़ी और आईईई…एस्स्स्स्स हाय्य्य्य राज …उफ़्फ़्फ़्फ़्…क्या करते हो? बहुत गुदगुदी होती है !

तभी मौसी ने मेरा सर पकड़ कर अपनी चूत पर मेरा मुँह दबाने लगी।

कुछ देर चाटने के बाद मैंने उसकी चूत में अपनी ज़बान घुसा दी। वो ज़ोर से फ़िर उछल पड़ी … हाय राम ! दीदी यह राज कितना गंदा है … उफ़्फ़्फ़्फ़ बहुत मज़ा आ रहा है !

मम्मी बोली- अभी तो ये सिर्फ़ तेरी चूत को चूस और चाट ही रहा है पर जब अपने खड़े लंड के झूले पे बिठाकर झुलाएगा, तू फिर देख्ना कितना दम है इसके लंड में !

और यह कह कर मम्मी ज़ोर-2 से मौसी मे स्तन और चुचूक मसलने लगी … कभी अपने होंठों से मम्मी उसकी चूँची को चूस रही थी।

अब तो मौसी के बदन मे आग लग चुकी थी और वो सारी लाज-शर्म भूल कर बोली- आओ मेरे चोदू राज …॥ आईईईइ…इस्स्स्स इस तरह का मज़ा तो तेरे मौसा ने भी कभी नहीं दिया आह्ह्ह्ह्हह्ह,……

और वो अपनी चूत उचकाने लगी और मैं भी उनकी चूत की दरारों को फ़ैला कर उनकी टांगें अपने कंधों में फंसा कर बहुत ही ज़ोरदार तरीके से उसकी चुसाई कर रहा था …

मेरी छिनाल मम्मी ! आज तो तेरी बहन की चूत चाटने मे बहुत मज़ा आ रहा है ! मैं बोला।

मम्मी बोली- मादरचोद अब जल्दी से इसकी चूत से पानी निकाल ! इतनी देर से घुसा पड़ा है।

मैंने कहा- इसकी चूत इतनी चुदी नहीं है और आज पहली बार तो इसकी चुसाई हो रही है, भला इतनी जल्दी पानी कैसे छोड़ेगी ! अब तेरी बात तो अलग है, तेरा तो भोसड़ा बन चुका है !

इससे मम्मी तप गई और मेरे सर पे एक चपत मारते हुए बोली- अब मेरी चूत मारना ! तेरी गांड पे लात मारूंगी।

इतने में मौसी बोली- बात ही करते रहोगे या मेरा पानी भी निकालोगे, मैं झड़ने वाली हूँ… जल्दी… जल्दी जबान चलाओ ! मेरी बुर में ज़ोर से धक्का मारो …

कहते हुए अपनी चूत को उचकाने लगी और उनके मुँह से उईईईईईईईई आअ ह्ह्ह्ह्ह्ह, जल्दी करो…राज्ज्ज्ज…

और तभी मौसी ने पानी छोड़ दिया। उनका ढेर सारा रस मेरे मुँह पे पड़ गया, मैने बहुत ही चाव से सारा कामरस पी लिया।

झड़ने के बाद मौसी एक तरफ बेड पर गिर गई। उसके बाद मैंने अपनी मम्मी की गांड मारी और मौसी को उस रात मैंने चार बार चोदा।

उसका ज़िकर अगली बार करुंगा …
 


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