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राहुल की बड़ी बहन पायल की गांड
12-20-2016, 01:11 PM
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राहुल की बड़ी बहन पायल की गांड
राहुल और रवि की, राहुल की बड़ी बहन पायल के हम सभी दीवाने थे, कुछ उसकी गांड मारना चाहते थे कुछ उसकी बुर चोदना चाहते थे, एक दिन राहुल के घर पर हम सब दोस्त बैठे थे तभी रवि ने मुझे आँखों में इशारा किया की वो अभी आता है, आधे घंटे बाद वो वापस आया तो पेंट में तम्बू बना हुवा था |

और वो उससे किसी तरह से कण्ट्रोल में रखा हुआ था . फिर सारे दोस्त अपनी अपनी बातो में मसगुल होकर धीरे धीरे अपने अपने घर कि और चले गए . मैं रवि को इशारे कर रहा था कि क्या बात थी कि वो अकेले कहा गया था उसने इशारे से बोल दिया कि बाद में बातें होगी |

फिर मैं भी अपने घर चला गया, अगले दिन रवि ने मुझे बता या कि कल उसने पायल को नंगा देखा था तभी उसका लंड अकड़ा हुवा था और हम लोग ही नहीं राहुल भी अपनी खुद की दीदी पायल को चोदना चाहता है और फिर उसने और भी बाते बताई जो की कल घटित हुई, अब रवि की जुबानी में राहुल के साथ बातें करते हुए जा रहा था |

“राहुल , मान ले कि जब तू घर गया, और पायल ने तुझसे पूछा , कि तू बाथरूम में क्यों झांक रहा थी तो क्या बोलेगा और , पता चले कि पायल ने तेरी माँ से बोल दिया हो तो तू क्या करेगा तेरा तो बैंड बज गया |

“चूतिये” चूत देखने के लिए रिस्क तो लेना ही पड़ता है मैं इतने दिनों से देख रहा था दीदी की चूत , कभी शक नहीं हुआ, तूने ऐसे क्या देख डाला कि उसे शक हो गया । मुझे नहीं लगता कि दीदी कुछ भी बोलेगी । मान ले कि पायल दीदी को शक हो भी गया हो तो क्या करेगी । मैं कुछ दिनों तक नहीं देखूंगा । बस सब कुछ सामान्य हो जायेगा ।

“अरे यार , यही तो मौका बात को बढ़ाने का करने के लिए, ये मौका हाथ से नहीं जान चाहये । अगर , किसी तरह बात बन गयी करने के लिए, सोच रोज़ तू अपनी पायल दीदी की चूत और गांड देखता है। अगर कही सच में पायल ने हा कह दिया तेरी तो लॉटरी निकल जाएगी ।

घर की माल घर मेरे ही चुदेगी , और तेरे को भी कही बाहर मेहनत नहीं करणी पड़ेगी । और हो सकता है पायल दीदी के साथ तुझे तेरी भाभी और मां को भी चोदने का मौका मिल जाये । या दीदी की सहेली ‘पिंकी’ ही मिल जाये,

“क्या यार, पिंकी का नाम मत ले, गजब कि चीज़ है यार वो , जब जब घर आती है, उसके नाम की मुठ मारनी पढ़ती है, कसम से उसकी चूचियां क़यामत है, अगर मिल जाए तो सारा दूध निकाल लू साली का। खुद तो रंडी कि तरह गांड उछाल उछाल के चलती है, और
पायल दीदी को भी बिगाड़ती जा रही है। पता नहीं कल शाम को पिंकी और दीदी खरीदारी के लिए गए थे , पिंकी ने दीदी को एक जींस को लिवा दी है। घर वापिस आकर दीदी ने जीन्स ट्राय कि तो बहुत टाइट थी |
“कसम से ! पायल दीदी ने जीन्स पहना , तूने देखा था क्या , वो भी टाइट वाली , तब तो सारे कर्व्स दिख रहे होंगे . सच में सोच कर ही मज़ा आ रहा है . तेरी पायल दीदी कि 36 कि गांड उभरी हुई जीन्स में समां भी नहीं पायी होगी |

गजब कि मखमली चुत्तड़ है, यार तेरी दीदी कि . दिल कर रहा है अभी जाऊ और बेडपर लेटा कर घोप दू पायल कि गांड में खुट्टा “हा यार !

जब दीदी ने जीन्स पहन कर मुझे दिखाया तो जीन्स के ऊपर से ही पैंटी कि लाइन दिख रही थी . कसम से यार बहुत टाइट थी , मन कर रहा था पकड़ के दबा दूं . काश दीदी कि चूत मारने मिल जाये तो मज़ा आ जाये
“देख भाई , अकेले मत कहना तेरी पायल दीदी को , इतनी कट्टो माल अकेले पचा नहीं पायेगा बेटा, ऐसा जुगाड़ बनाना कि मुझे भी थोड़ा चखने को मिल जाये . आखिर उनकी मटकती गांड के हम भी कायल है . मस्त हिला हिला के चलती है तेरी दीदी , सारे दोस्त तेरी दीदी के नाम कि मुठ मरते है |

अगर मौका मिले तो तेरी दीदी कि बूर और गांड दोनों कि चटनी बना के रख दे ये लोग . जब तू होता नहीं तो साडी तेरी दीदी कि चुत्तड़ कि तारीफ में जुटे रहते है . रवि ने तो तेरी दीदी कि गांड कि फोटो भी रखी है मोबाइल में , उसे देख कर के हिलाता है
वो .”
“ऐसा क्या , सालो को छोडूंगा नहीं , मेरी दीदी के बारे में ऐसे सोचते है हरामी साला, और रवि जिसे में अपना सबसे अच्छा दोस्त समझता था , उसकी नज़र मेरी ही दीदी के चुत्तड़ो पर है , मेरी दीदी सिर्फ मुझसे ही चुदेगी , मैं किसी और से चुदने नहीं दूंगा अपनी प्यारी पायल दीदी की चूत .”
“यार वो बात तो है , पर मुझे तो देगा न अपनी दीदी की गांड .”
“देख भाई , पहले में जी भर के दीदी को चोदूगा , अगर दीदी गांड मरवाने के लिए रेडी हो गयी तो दीदी की गांड सबसे पहले तुझे मारने दूंगा ये वादा रहा , आगे से में रास्ता खोलूंगा तो पिछवाड़ा तू खोल देना .”


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12-20-2016, 01:11 PM
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RE: राहुल की बड़ी बहन पायल की गांड
तो रही बात , तू अब जल्दी से पायल दीदी को पटा के ठोक डाल , ताकि जल्दी से उनकी रसभरी गांड में मार सकु .”
“लेकिन एक शर्त है भाई !!!!!!!!!”
“वो क्या .”
“बदले में तू क्या देगा .”
“साले तू पकड़ा गया पायल को बाथरूम में झांकते हुए , अब तू डीलिंगबाज़ी करेगा .”
“अबे नहीं , में तो बस ऐसे ही ट्राय कर रहा था .”
“क्या ट्राय कर रहा था बे ”
“मुझे पायल दीदी की गांड उतनी अच्छी नहीं लगती . मुझे मोटे मोटे बड़े चुत्तड़ अच्छे लगते है यार ”
“ठीक है तू मत लेना तेरी दीदी की गांड . में तो चोद चोद के फाड् दूंगा तेरी दीदी की मटकती गांड .”
“भाई ऐसा नहीं है की मुझे गांड अच्छी नहीं लगती , पर पायल दीदी की नहीं , मुझे किसी और की गांड मारने की इच्छा होती है .”
“साले क्या इंसान है बे तू ! कभी तूने पायल की गांड देखि है . क्या गजब लगती है , न ज्यादा बड़े न छोटे , ना हद से ज्यादा भारी न बहुत हलके . बिलकुल मैनेज्ड गांड है तेरी दीदी की . मॉडल से कम नहीं लगते तेरी दीदी के चुत्तड़ .”
“तुझे मेरी दीदी की गांड मॉडल लगती है तो तुझे दे तो रहा हूँ . पर मेरे लिए किसी और की गांड मॉडल है ”
“किसकी ????????????????????????? ‘पिंकी ’ की क्या ???????”
“देख घूम फिर कर बात तो करनी है नहीं . मुझे थोड़े भारी भारी गांड अच्छे लगते है . अब में तुझे अपनी दीदी की कोमल उनचुदी गांड मारने दूंगा , तो बदले में भी किसी की गांड दिलवाएगा क्या तू ??????????”
“हाँ भाई बिलकुल !!!! तू जिसको बोलेगा उसका ट्राय लूंगा !!!!!!!!”
“मुझे तेरी माँ की गांड अच्छी लगती है यार . जब तेरी माँ बाजार जाती है तो उनकी मटकती चुत्तड़ क्या कहर ढाते है , तेरी माँ भी कम नहीं है , जान बुझ कर गांड मटका मटका कर चलती है . और मुझे देख कर तो कुछ ज्यादा ही मटकाने लगती है .”
मैंने कभी अपनी माँ की गांड को इतनी ध्यान से नहीं देखा था , जैसे में राहुल की दीदी पायल की गांड मरना चाहता था , वैसे ही राहुल मेरी माँ की गांड के पीछे पड़ा था . लेकिन सवाल ये था की ना राहुल ने पायल दीदी को पटाया था न मैंने मेरी माँ को फिर कैसे ?

राहुल ने अपनी दीदी पायल की गांड मुझसे मरवाने का वादा किया था | दोनों वापस अपने अपने घर लौट जाते है .
राहुल अपने घर में घुसता है और अंडर जाते ही महसूस करता है की पायल कुछ गुस्से में है . वो कुछ बोलना चाहती थी पर , बोल नहीं रही थी . राहुल ने पायल दीदी से पूछा की – “क्या बात है दीदी आज बड़ी गुस्से में हो ??”
“कुछ नहीं बस ऐसे ही , में बाद में बोलूंगी . पहले तू मेरे कमरे में तो चल .”

जब राहुल दीदी के कमरे मे जाता है तो दीदी कमरे का डरवाजा बंद कर देती है. राहुल डर जाता है की अब दीदी क्या बोलेगी? कही दीदी को ये तो नही लगा रहा है की बाथरूम मे झाँक रहा था, अगर दीदी मे सीधा ये सवाल कर दिया तो मे तो सॉफ सॉफ मना कर दूँगा. लेकिन मना करने से बात आगे कैसे बढ़ेगी. और, अगर पायल दीदी की गांड रवि को ना दी, तो रवि की मा की गांड भी मारने नही मिलेगी. सबसे पहले दीदी को तैयार करना होगा, चाहे जो भी करना पड़े.

दीदी – “क्या सोच रहे हो, भाई??

राहुल – “कुछ खास नही बस ऐसे ही… एग्ज़ॅम का टेन्षन है. अब अच्छे से तैयारी करनी होगी |

दीदी – “कौन सी बुक से तैयारी करोगे. टेक्स्ट बुक से या इस बुक से.”

राहुल सर उठा कर देखता है, पायल दीदी के हाथ मे मस्तराम की किताब थी. वो चौंक जाता है की दीदी को ये कहा से मिल गयी. फिर उसे याद आता है की सुबह मूठ मरने के बाद वो किताब तकिये की नीचे रखा कर भूल गया था. शायद पायल दीदी को ये वही से मिली होगी. डर के मारे राहुल की ये स्थिति थी मानो काटो तो खून नही. राहुल का चेहरा डर से सफेद पड़ गया था की अब क्या होगा ?

दीदी – “बोलो, बोल क्यू नही रहे हो?? मुझे सब पता है की तुम क्या क्या करते हो ?

राहुल ये सोचने लगा की कही दीदी ने उसे मूठ मरते हुए देख तो नही लिया है. लेकिन वो नज़रे झुकाए खड़ा रहता है. पायल दीदी धीरे धीरे राहुल की और बढ़ती है. राहुल डर जाता है. पास आकर वो मस्तराम की किताब राहुल के हाथ मे दे देती है, और बोलती है –
दीदी-“एक ही रखी है, या और भी रखी है छिपा कर, ये तो मैंने पूरी पढ़ ली 2 घंटे मे. मस्त स्टोरी है भाई बहन के प्यार की.”
राहुल को अब भी यकीन नही हो रहा था की पायल दीदी गुस्सा नही है. वो चुपचाप अपना सर झुकाए खड़ा था.

दीदी-“ये स्टोरी पढ़ कर मेरे टन बदन मे आग लग रही है. 2 बार बाथरूम जाकर बुर पर पानी भी डाला. पर आज भट्टी कुछ ज़्यादा ही गरम हो गयी है. उपर से कल पिंकी ने भी ढेर सारी स्टोरी सुनाई थी, उसकी और उसकी भैया की सेक्स की. वो तो बोल ही रही थी की मे भी अपने भैया से चुदवा लू. लेकिन भैया से बोलने की हिम्मत मुझमे नही. और भैया को बोल कर भी फायदा नही है, भैया तो दिन रात भाभी की बुर चोदते रहते है, और जब भाभी बुर ना दे, तो गांड फड़ते है उनकी.”
पायल दीदी गरम होकर अनाप सनाप बक रही थी. वो पूरी तरह से गरम हो गयी थी. अब भी राहुल इसी सोच मे था की इतनी कड़क दिखने वाली पायल दीदी आज इतनी नरम कैसे पड़ गयी है. कही ये उसका नाटक तो नही है, सब कुछ पता करने के लिए.

पायल के मूह से ऐसे गंदी गंदी बाते सुन कर कर राहुल का लॅंड भी आकर लेने लगा. उसे पता भी नही चला की कब लॅंड तन कर 6” लंबा और 3” मोटा हो गया है. उसका लॅंड चड्डी फाड़ कर बाहर आने को व्याकुल था, लेकिन अपने स्थिति से परिचित राहुल चुपचाप हाथ पीछे किए खड़ा था,
हेलो मैं राहुल! मैं अब अपनी दीदी की हरकतों से पूर्णतया विचलित हो चुका था. मेरे मन मे भी इच्छा जागने लगी की पायल दीदी की काम-वासना को शांत कर दिया जाए. और, दीदी की जलती भट्टी पर कुछ कबाब शेके जाए. यही हाल दीदी का भी था. वो जल्द से जल्द मेरे लॅंड अपने बुर मे डलवाने तो मचल रही थी. भाई बहन की की स्टोरी पढ़ कर वो तो पहले से ही गरम हो चुकी थी. बस उन्हे लेटा कर डालना ही था.

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12-20-2016, 01:11 PM
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RE: राहुल की बड़ी बहन पायल की गांड
पायल दीदी मेरे पास आकर मेरी छाती पर हाथ रखती है और धीरे धीरे आपना हाथ नीचे सरकाना शुरू करती है. पायल दीदी की नज़रे मेरी पैंट पर बने तंबू की तरफ ही गड़ी हुई थी. और, मेरे बदन पर हाथ घुमा घुमा कर खेलना शुरू कर दी. जैसे जैसे दीदी का हाथ मेरे शरीर घुमते जा रहा था वैसे ही मुझे करेंट के झटके लगे जा रहे थे . ये कोई मामूली टच नही था. मैं रोज़ पायल दीदी से किसी ना किसी बात पर टच तो हो ही जाता था. पर, रोज़ वासना मेरे अंदर होती थी, दीदी की तरफ से नही. आज बात कुछ और थी. आज आग दोनो तरफ बराबर लगी हुई थी. दीदी ने अपना लेफ्ट हॅंड मेरे पैंट पर बने तंबू के उपर रख दिया और दायां हाथ मेरे पीठ पर चलाने लगी. मे भी अपने आपे से बाहर हो रहा था. ऐसे भी शाम को दीदी को आधे घंटे तक नंगे देखा था और उसके बाद मूठ भी नही मारी थी.

तो, मेरे लॅंड भी आगा उगलने को बेचैन ही था. बस, ज़रूरत थी उससे थोड़े से मदद की. जो मदद मे आज खुद उसे देने वाला नही था, आज मदद मेरी पायल दीदी देने वाली थी मेरे लॅंड को. मेरा लॅंड खुशी के मारे पागलो की तरह उछल रहा था. पायल दीदी धीरे धीरे मुझसे सटती जा रही थी. मेरे बदन पर उनका दबाव बढ़ता जा रहा था. अब पायल दीदी मेरे बदन से पूरी तरह लिपट चुकी थी. उनकी चूंचियां मेरे छाती से रगड़ खा रही थे. वो मेरे बदन से ऐसे रगड़ खा रही थी की मानो कोई बकरी दीवार पर रगड़ कर खुजली मिटाती है. दीदी भी अपनी बुर की गर्मी मिटाने के लिए मेरे सरीर को दीवार समझ कर रगड़ खा रही थी. और पायल दीदी की इन हरकतों से मेरे बदन का ताप भी बढ़ते जा रहा था. बस मे शुरुआत खुद से नही करना चाहता था.
दिमाग़ मे हज़ारो तरह के सवाल चल रहे थे की –
क्या सच मे मुझे अपनी पायल दीदी को चोदना चाहिए?
कही ये बात मा को पता चल गयी तो?
कही पायल दीदी ने किसी से बोल दिया तो?
किसी से बोले ना बोले पिंकी को तो बता की देगी, क्यूकी पिंकी भी दीदी से अपनी चुदाई की कहानिया बताती है. और पिंकी तो बड़बोली है, कही भी कुछ भी बोलती रहती है. उसने चारो तरफ ढिंढोरा पीट दिया तो? मे और दीदी कही मूह दिखाने लायक नही रहेंगे.

फिर मैंने पायल से कहा “दीदी, हटो ना मुझे कुछ कुछ हो रहा है”
पायल दीदी-“मे नही हटने वाली, तूने जो आग लगाई है, उसे बुझानी तो पड़ेगी ना”
“पर दीदी मे आपका सगा भाई हूँ, आप मेरे साथ ऐसा नही कर सकती है”
“क्यू नही कर सकती, क्या बुराई है इसमे!!!!!!!! मे जवान हो गयी हो, मेरी चूत और गांड इतनी चुदासी है की किसी का भी लॅंड खड़ा कर दे.

मे भी चुदने को मारी जा रही थी. पर डरती थी की कही किसी बाहर वाले से चुदती ,तो बदनामी का डर था, अब तो अपने घर मे ही मुझे मेरा छोड़ू मिल गया है. मे तुम्हे छोड़ने वाली नही.

पिंकी तो बोलती थी की बड़े भैया मुझे अच्छे से चोदेंगे. भाभी ने बताया भी था की भैया का लोडा बहुत लंबा और मोटा है. फिर मैंने सोचा की भैया से चुदने से पहले अपनी चूत और गांड की सील किसी से तो खुलवानी होगी, नही तो भैया का इतना मूसल लॅंड मे पहली बार मे सह नही पाओगी .

मेरी नज़र तो पहले से ही तुम पर थी. फिर एक दिन मैंने तुन्हे मूत ते हुए देखा, तेरा लॅंड पूरा तना हुआ था, तुझे बहुत ज़ोर की मूत लगी होगी. तब मैंने पक्का कर लिया था की मे तुझसे चुदुंगी सबसे पहले. ये बात मैंने पिंकी से भी नही बताई है. क्या चाहता है तू? की मे अपनी बुर की आग ठंडी करने के लिए बाहर जौ. मोहल्ले की सारे लड़के मुझे चोदना चाहते है, बस एक इशारा देने की देर है, कोई भी लॅंड उठाए आ जाएगा मेरी बुर लेने. लेकिन मैं नही चाहती की मेरे परिवार की बदनामी हो बाहर. घर मे दो जवान भाई होते हुए मैं बहार क्यों जौ चुदवाने . और जो अगर ज़रूरत पड़ी तो पापा से चुदवाऊँगी, लेकिन किसी बाहर वाले को अपनी बुर और गांड नही फाड़ने दूँगी.”
पायल दीदी किसी भी तरह मुझे चोदने के लिए मना रही थी. मे मन ही मन सोचने लगा की, मे सोच रहा था की मुझे दीदी को मनाना पड़ेगा. यहा तो खुद दीदी ही टाँगें फैलने को तैयार है मेरे लॅंड महाराज के लिए. इतना सुन्दर मौका मुझे नही खोना चाहिए. अब मुझे भी दीदी का साथ देना चाहिए नहीं तो दीदी कही झड़ गयी तो फिर ना दीदी की बुर मिलेगी ना रवि की मा की गांड . मैंने सोचा रवि को बता दू की दीदी मुझसे चुदने को तैयार हो गयी है.
“पायल दी, मैं दो मिनिट मे आता हूँ. तुम गुस्सा मत होना, बहुत ज़रूरी कॉल करना है”
“क्यू GCPD कर रहे हो भाई”
“ये GCPD क्या होता है”
“इतना भी नही समझते मेरे छोटे भाई राजा. जैसे तुम लोग ‘KLPD – खड़े लॅंड पर धोका’ बोलते हो, वैसे हम लड़कियाँ ‘GCPD – गरम चूत पर धोका’ बोलते है. ऐसे गरम चूत पर धोका देने वाले बहुत कम होते है, अगर ऐसी गरम चूत किसी को मिल जाए तो वो बिना चोदे तो नही छोड़ेगा .”
“हा हा हः आह!!!! सही बोला दीदी, आपकी जैसे गरम माल किसी के पास बुर फैला के चुदने आए तो कोई लंडु ही होगा जो ना चोदे .”
“अरे लंडु तो तेरा निकनेम है ना, तू क्यू सच मे लंडु बन रहा है, चोद ना जल्दी से अपनी पायल दीदी की बुर.”
“दीदी मे बस रवि को बता कर आया की आप मुझे मरवाने को रेडी हो.”
“क्यू????????? उसे क्यू बता रहा है, कही वो भी माँगने लगा तो, मे किसी और को नही दूँगी. मत बता किसी को. किसी को भी नही. मे भी पिंकी से नही कहूँगी. वादा कर की किसी को नही बताएगा.”
“नही पायल दी, मे वादा नही कर सकता, लेकिन मे ये वादा करता हूँ की आपका पूरा ख़याल रखूँगा. आपकी बुर और गांड दोनो की गर्मी को शांत करूँगा रोज़ाना. जितनी बार आप चुदना चाहे उतनी बार चोदुंगा आपकी बुर और गांड .”
“ठीक है पर कोई गड़बड़ मत करना, और जल्दी निपटा के आ मे चुदने को मरी जा रही हूँ और तू वहा दोस्ती बतिया रहा है. मुझे चोदने के बाद उसे कॉल कर लेना, कौन सा वो भगा जा रहा है.”

मैंने रवि को फोन लगाया . “हेलो बे! क्या कर रहा है”
“कुछ नही बे! बस अब पायल दीदी की बुर का उद्घाटन करने जा रहा हूँ.”
“मान गयी क्या वो. तो लंडु जा ना पहले दीदी की कामग्नी को शांत कर, मेरे से गांड मारा लेना बाद मे. जा जल्दी”
“बाइ, यार, आता हूँ निपटा के”
“जा यार! आराम से पूरा टाइम ले के चोद अपनी पायल दीदी की बुर. सुन खबरदार जो दीदी की गांड की सील खोली, उस का वादा तूने मुझसे किया है.”
“यार दीदी तो बुर और गांड दोनो मरवाने को तैयार है मुझसे, लेकिन बोलती है किसी और को नही देगी.”
“अबे छोड़ वो सब बात, जल्दी से अपना ढक्कन खोल पहले, फिर बाद की बाद मे देखते है.”
“बाइ” “बाइ”

मे रवि से बात करके दीदी के कमरे की तरफ दौड़ा. अन्दर गया तो देखा दीदी बिस्तर पर लेटी थी. और अपनी ब्रा उतार चुकी थी. पायल दीदी अपने दोनो हाथो से दोनो चून्चिया को मसल रही थी.
मे जल्दी से बिस्तर पर चढ़ गया और दीदी के पेट पर हाथ रख दिया. दीदी ने आँखे खोली. दीदी की आँखे मानो इज़ाज़त दे रही थी की मे उनके कौमार्या का भेदन कर दू . या शायद ये पूछ रही थी की और कितना देर करोगे अपनी दीदी की सील तोड़ने मे.
“दीदी, तुम तो बहुत गरम हो चुकी हो. जल्दी से जल्दी तुम्हारी आग बुझानी होगी. मे भी ब तैयार हूँ आपकी बुर का भोसड़ा बनाने के लिए.”

दीदी अपना लेफ्ट हॅंड अपनी बुर पर ले जाती है, और पेंटी के राईट साइड खिसका कर मुझे अपनी बुर के दर्शन करवाती है |
बुर पूरी तरह गीली हो चुकी थी, मानो बस अब मेरा लॅंड माँग रही हो. पायल दीदी ने राईट हॅंड मेरे लॅंड पर रख दिया तो मुट्ठी मे जकड़ लिया. अब दोनो कंट्रोल से बाहर हो चुके थे. क्यूकी ये पहले चुदाई थी दोनो भाई बहन के लिए. इसलिए कुछ पता नही था की कैसे ज़्यादा मज़ा लिया जाए. बस दोनो अपनी अपनी पानी निकलना चाहते थे जल्दी से जल्दी.

दीदी के बुर देखते ही मे पागल हो गया, और झुक कर दीदी की चूत को हथेली मे लेकर दबाने लगा, दीदी चुदसी तो ही थी, सिसकिया लेते हुए मेरे प्रथम स्पर्श का स्वागत किया पायल दीदी ने, दीदी की बुर से झरने की जैसा पानी बह रहा था, मानो दीदी की बुर जल्दी लॅंड ना मिलने के कारण आँसू बहा रही हो. मैंने और ज़्यादा देर करना उचित ना समझा और, दीदी के उपर लेट गया, मेरे दोनो हाथो मे दीदी की 32” की सख़्त चून्चिया मेरे हाथो मे समा गयी, मे उन्हे धीरे धीरे मज़ा ले ले कर मसलने लगा, दीदी की चून्चिया दूधिया गोरी थी, और ब्राउन कलर का निपल तन के खड़ा हो गया था, जो इस ओर इशारा कर रहा था की दीदी को भी मज़ा आ रहा था. मैंने दीदी की निपल को उंगलियों के बीच पकड़ कर चुटकी मारी, दीदी सीसीया उठी |

पायल -“अयाया! धीरे कर भाई, दर्द होता है |

राहुल-“दर्द के बाद मज़ा भी आएगा दीदी, जब मे अपना 6” बुलेट तेरे गॅरेज मे डालूँगा |

पायल -“डालो ना अब, मे तो कब से डलवाने के लिए टाँगे फैलाए हूँ. तुम ही को अपने दोस्त से बात करने की पड़ी थी. अब जल्दी भी करो भाई. और कितना तड़पावगे |

मे ‘राहुल’ उठा और भाभी की वॉर्डरोब खोली. भाभी के ड्रॉयर मे एक वाइट कलर की पेंटी थी. जो भैया भाभी के लिए लाए थे. मैंने भाभी को वो पहन कर चुदते हुए देखा था. तभी से मेरे मन मे इन्सेस्ट का कीड़ा घर कर गया था. भाभी मुझसे चुदेगी या नही किसे पता, मैंने सोचा पायल दीदी को ही ये पेंटी पहना कर चोदता हूँ. भाभी की इमॅजिनेशन भी आती रहेगी दिमाग़ मे, और पायल दीदी भी खुश हो जाएगी |

मे-“दीदी, मेरी एक बात मनोगी???????

दीदी-“क्या भाई. क्या बात मनवा रहे हो. अपनी कोरी उँच्छुई बुर पसार तो दी है तेरे लिए, और क्या माँग रहे हो. गांड भी मरवौंगी तुमसे अगर तुम बोलो तो. लेकिन पहले मेरे बुर की खुजली तो मिटा दो जल्दी से.”
मे-“दीदी आराम से चोदुंगा तुमको तो, समय भी बहुत है, और तुम तो मेरी प्यारी दीदी हो, और आज पहली बार चुदने जा रही हो, तो पूरा आनंद लेना चाहता हूँ तेरे जिस्म का. ताकि तुम्हे भी ये आज का दिन हमेशा याद रहे.”
दीदी-“बोलो क्या माँग रहे हो तुम मुझसे. मे तो पूरी की पूरी तुम्हारी ही हूँ. अब और देर ना करो, मेरे बुर से आग निकल रहे है.. तेरा तंड भी तो तनका हुआ है घंटे भर से. जल्दी से अपने दीदी की बुर को अपने लॅंड का स्वाद चखा दो.”
दीदी पूरी तरह से खुल चुकी थी. अब वो मज़ा लेने के लिए कुछ भी करने को तैयार थी. अपनी जंगे खोल के बुर पर हाथ रगड़ रही थी दीदी. अब दीदी पूरी तरह से पागल हुई जा रही थी. मैंने भाभी के ड्रॉयर से वो पेंटी निकाली और दीदी के पास जाकर बोला की दीदी मे चाहता हूँ की तुम ये पहन कर चुदवाओ मुझसे.
दीदी आँखे खोलती है और –“अरे ये तो भाभी की फेवरिट इन्नर है, भैया उन्हे रोज़ यही पहना कर चोदते है, रात को भाभी बस यही पहन कर सोती है |
मे-“दीदी मैंने भाभी को ये पेंटी पहन कर चुद्वाते हुए देखा था भैया से, उसी दिन से वो मेरे मन मस्तिष्क मे घूम रही है. भाभी तो मुझसे चुदेगी नही, दीदी आपको ही ये पहना कर चोदुंगा.”
दीदी-“आज मे तुझसे पहली बार चुदवा रही हूँ और तू मेरे बदले भाभी की कल्पना करना चाहता है.”
मे-“नही दीदी, मे चाहता हूँ की आप को भी ये अहसास हो की बड़े भैया का लॅंड आपको चोद रहा है. और मुझे भी खुशी मिलेगी.”
दीदी पूरी तरह से नंगी हो चुकी थी. कपड़े के नाम पर बस वो पारदर्सी पेंटी ही थी उनके जिस्म पर. दीदी ने अपना कमर उठाया और अपनी पेंटी भी निकाल दी. अब दीदी पूरी तरह से नंगी हो चुकी थी.
बाथरूम मे तो दीदी का आधा बदन ही देखा था, अब पूरा बदन मेरे सामने था. पहले इतना मस्त दीदी कभी ना लगी थी. शायद उनके अच्छे लगने का एक कारण ये भी था की मुझे पता था की मेरी पायल दीदी की कुँवारी बुर अब कुछ समय के बाद मेरे हथियार से फटेगी.
दीदी उठी और पेंटी पहनने लगी. दीदी अब भाभी के रूप मे चुदने को तैयार थी.

मैंने दीदी को उठाया और बिस्तर पर लिटा दिया, मे भी अब देर नही करना चाहता था, जो होना है हो जाए. मे दीदी के टॅंगो के बीच बैठ गया और दीदी की बुर पर अपने होठ रख दिए. मे दीदी की बुर चाटने लगा. दीदी की बुर तो पहले से ही पनियाई हुई थी. मेरे जीभ के स्पर्श से मानो जल स्त्रोत ही फुट पड़ा हो.

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12-20-2016, 01:12 PM
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RE: राहुल की बड़ी बहन पायल की गांड
अब दीदी जल्दी से बुर मे लॅंड लेना चाहती थी. मेरे लॅंड से भी प्रेकुम बह रहा था, जो मेरे लॅंड को चिपचिपा बना चुका था. अब बस देर थी तो दीदी की बुर मे झंडे गाड़ने की दीदी के बुर से एक अजीब भीनी भीनी खुसबू आ रही थी. कुछ लोगो को ये गंध दुर्गंध लगती होगी, पर वासना मे पागल मतवाले हाथी को ये सुगंध और भी मदमस्त कर देने वाला होता है. मेरा लॅंड गुस्से से आकाश की और देख रहा था, मानो मुझसे ये विनती कर रहा हो की मुझे दीदी की बुर मे जल्दी से डाल दो दीदी भी अपने बुर का भोसड़ा बनने का इंतेज़ार कर रही थी. अपनी पायल दीदी से मिलन की इस मधुर घडी मे अपने लॅंड देव को संभालना कोई आसान कम नही होता, ज़रा सा उतावलापन दिखाया और कमरस फुट पड़ा. और, कमरस बहने के बाद तो अप्सरए भी किनार सी प्रतीत होती है |

मैंने अपने मस्तराम गुरु से चुदाई के जो सारे जानकारी बटोरी थे, आज उन सारी शक्तियो का सही उपयोग करने का समय था. मन मे उठ रहे सारी कामुकता को दीदी की गुफा की अंडर छोड़ना था. सारी उलझानो का निवारण बस एक ही था की मे दीदी की जलती बुर मे अपनी फँफटे लॅंड को पेल दू |

दीदी की सरीर का ताप मे अपने हथेलियो पर महसूस कर रहा था. मेरी जीभ दीदी की चूत के बाहरी भागो को चूस रहे थे, जो दीदी को खुले आसमान मे उड़ने को मजबूर कर रहे थे. दीदी ने अब अपने सारी हथियार डाल दिए थे, मैंने अपने प्रथम अस्त्र से ही दीदी पर विजय पा ली थी |

दीदी ने मेरे सर पर हाथ रखा और अपने बुर पर दबा दिया. जैसे मेरे सर को अपने बुर मे घुसा लेना चाहती हो. बुर की गुलाबी पंखुड़ियो को मे अपने होठों के बीच रखा कर काट रहा था, और जीभ को दीदी की बुर मे घुसने मे प्रयत्नासिल था. जो मेरे पायल दीदी को काफ़ी सुखदायी लग रहा था |

उनकी चेहरे पर अजीब सी मुस्कान थी, जो अब कुछ छन्नो मे दर्द की लकीरो मे बदलने ही वाली थी. मे अपने जीभ से दीदी के बुर के फूल को महसूस कर रहा था. मेरी जीभ दीदी के कौमार्या तक पहुच चुकी थी. एक छोटा सा छेद था, जो मे अपने जीभ के नोक पर महसूस करने लगा, जी को आया की दीदी की बुर जीभ से ही फाड़ दू . पर ये काम मेरे लॅंड का था, मे अपने लॅंड को दीदी के कौमार्या के खून से वंचित नही करना चाहता था. इसलिए मान की सारी इक्चाओ को दबाते हुए मैंने अपने लॅंड को ज़्यादा प्राथमिकता दी. दीदी ने ज़ोर से मेरे सर को अपने बुर का दबाया को कमर को हवा मे उच्छलने लगी |

शायद , दीदी ने पानी छोड़ा था. दीदी ने ज़ोर के 5-6 झटके मेरे मूह पर दिए और बेड पर एकदम निढाल होकर गिर पड़ी. दीदी एक राउंड खेल चुकी थी |

दीदी को सिकुड़ता देख मेरा लॅंड भी सो गया, लेकिन मे इस बात से खुश था की मैंने केवल चूस कर दीदी का रस निकल दिया था. जिस तरह प्यार एक तरफ़ा नही होता है चुदाई भी एक तरफ़ा नही होता है. चुदाई और बलात्कार मे यही फ़र्क है शायद . मे दीदी का बलात्कार नही करना चाहता था |

मे चाहता था की दीदी भी उछल उच्छल के मेरे लॉडा ले अपनी बुर मे. दीदी छुड़वाने को तैयार भी थी, लेकिन अभी तुरंत झड़ कर झुर्मुरा गयी थी, मुझे फिर से दीदी को गरम करना होगा |

मैंने आगे बढ़ के दीदी के दोनो खरबूजो को दोनो हाथो मे भर लिया, दीदी चौंकी, शायद अभी इस हमले के लिए तैयार ना थी. मैंने स्थिति तो समझते हुए धीरे धीरे हाथ फेरना सुरू किया दीदी की गांड पर. मखमली एहसास था वो, काफ़ी देर से हमने एक दूसरे से कोई बात ना की थी, बस एक दूसरे से मज़ा ले रहे थे चुपचाप |

मे-“दीदी, पता है, तेरी गांड बहुत प्यारी है. मान करता है तेरी बुर से पहले गांड ही फाड़ डू.

दीदी-“नही, पहले मे तेरे लॅंड को अपने बुर मे लूँगी. फिर जब दिल करे ले लेना मेरी गांड . लेकिन पिंकी बता रही थी की उसके भैया ने जब पहली बार उसकी गांड मारी थी तो वो 4 दिन तक चल नही पा रही थी. कही मेरे साथ भी ऐसा तो नही गा. स्टोरीस मे तो ऐसा कोई ज़िक्र नही होता है, ना ही फ़िल्मो मे.

मे-“स्टोरीस और फ़िल्मो मे ओरिजिनल तो होता है नही, और हो सकता है पिंकी के भैया का लॅंड कुछ ज़्यादा ही मोटा हो. कभी पिंकी ने बताया है की उसके भैया का कितना मोटा और लंबा है.

दीदी-“ह्म, बताई तो थी, पर मुझे विस्वास ही नही हुआ, बोल रही थी की उसके भैया का मूसल 9” लंबा और 5” मोटा है. तब मैंने सोचा की फेक रही है साली.
मे-“हो सकता है, इसलिए वो उनकी लॉड की दीवानी हो.”
दीदी-“अरे नही, बोल रही थी की उसके भैया उसे रुला रुला कर छोड़ते है. पर वो बाहर मरवाना नही चाहती किसी से, इसलिए घर पर ही चुदती है अपने भाई से. पता नही कैसे लेती होगी 9” लंबा लॅंड. एक बार चुदने के बाद मुझे बुर भी दिखाई थी. उसका बुर अब बुर नही रहा, पूरा भोसड़ा बन चुका है.”
मे-“दीदी, तुम डरो मत, मेरा लॅंड उतना लंबा और मोटा नही है, पहले तुम मुझसे चुदवालो, अगर तुम्हे और लंबे मोटे लॉड की ज़रूरत हुई तो, भैया का ले लेना, और नही तो पापा से चुदवाना. और तुम बोलो तो मे अपने किसी दोस्त से चुद्वाऊंगा तुमको.”
दीदी-“नही बाबा, मुझे नही चाहिए मोटा लॅंड,मुझे तो तेरा लॅंड देख कर ही डर लग रहा है की इतना बड़ा मे अपने छोटे से बुर मे कैसे लूँगी. लेकिन, सुरुआत तो करनी ही है. भैया और पापा का भी तुमसे मोटा ही होगा, तो तुमसे चुदवाके प्रॅक्टीस कर लेती हूँ. फिर भैया और पापा का भी लूँगी |
मे-“दीदी मे तुमको इतना चोदुंगा की तेरे पास टाइम की नही रहेगा किसी और का लॉडा लेने का. 24 घंटा तेरे बुर और गांड मे अपना लॉडा डाल कर रखूँगा.”
दीदी-“भाई तेरे पास तो 1 ही लॅंड है, और मेरे पास 3-3 छेद है, मे एक बार मे 3 लॅंड ले सकती हूँ. अभी तो सीखना सुरू ही किया है, धीरे धीरे मे पूरी रंडी बन जाउंगी, फिर सबको एक साथ मज़ा दूँगी.”
दीदी की बाते सॉफ ज़ाहिर कर रही थी की दीदी अब फिर से गरम होने लगी है. मैंने दीदी से बोला दीदी अब चुदाई सुरू करे, तुम्हारा तो एक बार झाड़ गया, अब मेरा भी झाड़ हो ना. दीदी बिस्तर पर उठ कर बैठ जाती है. मैंने सोचा की क्यू ना दीदी को लॉडा चूसाया जाए. मैंने दीदी से लॅंड चूसने को कहा.

मे-“दीदी लो ना, मेरा लॅंड चूस कर खड़ा कर दो, फिर तेरी बुर का रास्ता खोलेंगे.”
दीदी-“नही भाई, मे नही चुसूंगई, मुझे अजीब सा लगता है, धीरे धीरे सीखूँगी ना भाई. फोर्स मत करो, प्लीज़ भाई.”
मे-“ओके दीदी, कोई बात नही, पर इसको खड़ा तो करो.”
दीदी ने मेरा लॅंड अपने कोमल कोमल हाथो मे लिया तो हौले हौले हिलने लगी, दीदी का हाथ लगते ही मेरा लॅंड फनफना कर खड़ा हो गया
मे-“दीदी तेरे हाथो मे तो जादू है, हाथ लगते ही तन गया मेरा लॅंड.”
दीदी कुछ नही बोली बस मेरी आँखो मे आँखे डाले धीरे धीरे मेरे लॅंड के खेलती रही. मैंने बोला “दीदी मेरे लॅंड पर क्रीम लगाके चिकना बना दो, तब तुम्हे ज़्यादा परेसानी नही होगी डलवाने मे.” और मैंने पास के ड्रॉयर से बेबी आयिल का डिब्बा निकल कर दीदी को दिया, दीदी ने बॉटल का ढक्कन खोला और
तेल अपने हाथो मे लेकर लॅंड पर लगाने लगी. दीदी बड़े प्यार से मेरे लॅंड मे मल्लिस कर रही थी.मेरा लॅंड अब बुर चोदने को तैयार था |

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RE: राहुल की बड़ी बहन पायल की गांड
मैंने दीदी से कहा –“दीदी अब रेडी हो जाओ मेरा लॅंड लेने के लिए बुर मे.”
दीदी उठ कर अपनी पेंटी खोलनी लगी. पर मैंने रोक लिया. मे दीदी को उस वाइट पेंटी मे ही चोदना चटा था. फिर मैंने दीदी को बिस्तर पर पटक दिया और जल्दी से दीदी के टॅंगो के बीच आ गया. मैंने ज़रा भी समय ना गावते हुए दीदी की टॅंगो को अपने कंधो पर उठा लिया. और
अपना लॅंड दीदी के बुर के मूह पर रख दिया. दीदी सिसक उठी. मैंने दीदी के जांघो को ज़ोर से पकड़ा और एक हल्का का धक्का मारा. मेरा लॅंड दीदी के बुर मे घुसना सुरू हुआ. दीदी थोडा सा उच्छली. लेकिन मैंने दीदी को ज़ोर से पकड़ रखा था, इसीलिए वो ज्यादा हिल डुल नहीं पाई.
फिर मैंने कमर पीछे की और एक ज़ोर का धक्का मारा. मेरा लॅंड दीदी की बुर को चीरता हुआ अन्दर घुस गया. मेरे लॅंड का सूपड़ा दीदी के बुर मे पूरी तरह फिट हो चुका था. दीदी दर्द से छटपटाने लगी. उपर उठा कर बुर से लॅंड निकालने का प्रयास करने लगी. मैंने दीदी को ज़ोर से पकड़ा और एक ज़ोर शॉट मार दिया.
मेरा लॅंड 3” दीदी के बुर मे घुस चुका था. दीदी की आँखो मे आँसू आ गये थे.

दीदी-“अयाया बहनचोद धीरे कर, दर्द हो रहा है.”
मे दीदी का ख्याल रखते हुए 2 मिनिट रुक गया. दीदी से चून्चियो को हाथ मे लिए और स्लोली दबाने लगा, दीदी सी सी कर उठी. फिर मैंने अपना कमर तोड़ा पीछे खिछा. दीदी को लगा की मे फिर से एक जोरदार धक्का मरने वाला हूँ.
दीदी-“आराम से, धीरे मे मारना, बहुत दर्द हो रहा है |
दीदी की झिल्ली फट चुकी थी. बुर से हल्का हल्का खून बाहर आ रहा था. मैंने लॅंड भर निकल लिया और दीदी को अपने लॅंड पर लगा खून दिखाया.
दीदी –“पहली बार होता है, मुझे पता है, ज्यदा खून निकल रहा है क्या देख तो.’
मे -“नही बस तोड़ा सा लॅंड पर ल्गा है और कुछ बाहर आया है.”
दीदी –“तू डर मत, लॅंड क्यू निकल लिया, जा जल्दी से डाल. नही तो फिर से दर्द होगा.”
मे फिर से दीदी की बुर मे लॅंड डालने की कोसिस करने लगा. मे धीरे धीरे धक्के पर धक्के लगता रहा. दीदी भी नीचे से कमर उछालना सुरू कर दी थी. मैंने धीरे धीरे रफ़्तार बढ़ाना सुरू कर दिया था. दीदी कुछ बोल नही रही थी, लेकिन उसके चेहरे से पता लग रहा था की अब दर्द कम हो चुका है
और दीदी को भी मज़ा आ रहा है.
मे – “दीदी , कैसा लग रहा है.”
दीदी –“बहनचोद, बाते मत कर, बस धक्के लगता जा, और तेज़्ज़ चोद अपनी दीदी को, आज तू बहनचोद बन गया है, चोद मेरे भाई….”
दीदी भी ज़ोर ज़ोर से कमर उछालने लगी और बार बार मुझे धक्के लगाने को उकसा रही थी.
दीदी-“और ज़ोर से चोद भाई, छोड़ दे अपनी दीदी का बुर, फाड़ दे आज अपनी दीदी की चूत, बना दे भोसड़ा अपनी पायल दीदी की चूत का.”
दीदी जोश मे लंड चूत न जाने क्या क्या बके जा रही थी और ज़ोर ज़ोर से कमर उछल उछल कर मेरा लॅंड डलवा रही थी अपने बुर मे. मे कमर पीछे करता और लॅंड को वापस खिच कर सुपाडे तक बाहर निकल लेता और घाप से ज़ोर का शॉट मरता मरता. हर झटके के साथ लॅंड पूरे जड़ तक दीदी के बुर मे समां जाता.
चुदते हुए दीदी बहुत प्यारी लग रही थी. ऐसे ही मैंने 10 15 जोरदार धक्के ल्गए, हर धक्के के साथ दीदी का पोर पोर हिल जाता. पूरी तरह से मेरा वजन दीदी के सरीर पर था, मे अपने दीदी के पूरे सरीर को ज़ोर ज़ोर से मसालने लगा. दोनो हाथ मैंने दीदी की गांड पर रखी और दीदी पर औधे मूह लेट लगा,
दीदी की सख़्त चूचियाँ मेरे चट्टी पर गड़ रही थी, दीदी जोश से बक बक किए जा रही थी, दीदी को चुप करने का बस एक ही उपाय था. मैंने अपने होठ दीदी के होठों से मिला दिए. अभी तक मैंने दीदी के होठ नही चूसे थे, दीदी की होठों मे जैसे शहद सी मिठास थी, जो मुझे और भी मदहोश करने लगा.

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RE: राहुल की बड़ी बहन पायल की गांड
मैंने दीदी की जाँघो को पकड़ा और फैलाया. दीदी ने भी अपने पैर उठाए और मेरे कमर पर डाल कर मुझे बाँध दिया, अब मे बिना झडे दीदी के उपर से नही हॅट सकता था. मे भी अब ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने लगा. 10 मिनिट तक ऐसे ही चुदाई चलती रही,
पूरा कमरा फाआअक्ककच फाकाअककच चाआअप छ्चाआअप की आवाज़ से गूँज रहा था. दीदी गूग गु किए जा रही थी, शायद कुछ बोलना चाह रही थी और मैंने उसके होठों को अपने होठों से लॉक कर रखे थे. मैंने जैसे ही उसके होठों को छोड़ा वो फिर से बक बकना सुरू कर दी.

दीदी-“आ अहहः मम्मी गयी , मॅर गयी आमा…. भाई और ज़ोर से चोद अपनी दीदी की गांड , फाड़ डाल पूरा,…”
मे-“दीदी गांड नही बुर चोद रहा हू आपका”
दोनो हाफ़ रहे थे, पूरा बदन पसीने से तार बतर हो रहा था, मानो दो घंटे से दौड़ रहे हो,
मे –“पूरा बदन पसीने से लथपथ लथपथ……. अग्निपथ अग्निपथ.”
दीदी –“आ बहनचोद , अपनी दीदी की बुर चोदते हुए भी फिल्मी बाते भाई. जल्दी झाड़ दे ना अपना पानी मेरे बुर मे, मे तो 2 बार झडचुकी हू.”
मे –“दीदी तुम इधर उधर की बातें मत करो, मज़ा खराब मत करो,”
दीदी की बुर पानी से भर चुकी थी, और दीदी दो बार झड़ भी चुकी थी, इसलिए चुपचाप सी पड़ी नीचे चुदवा रही थी, लेकिन मेरे लॅंड का सागर भी स्थिर था, पता नही इतनी पॉवर मेरे अन्दर कहा से आ गयी थी. 2 मिनिट मूठ मरते ही लॅंड झाड़ जाता है, लेकिन अभी 20 मिनिट से जोरदार चुदाई चल रही है
फिर से पानी नही निकला
दीदी –“भाई मेरा पानी झड़ चुका है, अगर तू चाहे तो मेरे पिछवाड़े मे लॅंड डाल सकता है.”
मे –“दीदी एक ही दिन बुर और गांड दोनो चुदवालॉगी, गजब रंडी जैसा कर रही हो.”
दीदी – “हा मेरे राजा भैया, मे हू रंडी, रंडी बन ने के लिए ही तो तुझसे चुद रही हो, रंडी बना के चोद अपनी दीदी को.”
मे – “क्या रंडी, लॅंड चूसने को दिया तो मना कर दी, बाहर वालो से चुदने को तैयार नही तो रंडी कैसे बनोगी दीदी?????”
दीदी – “मे रंडी बनूँगी, तू जैसा बोलेगा वैसा ही करूँगी.”
मे दीदी की बुर से लॅंड बाहर खिच लिया, और खड़ा हो गया बिस्तर के किनारे.
मे-“दीदी, मुझे तुमको पीछे से चोदना है डॉगी पोज़ मे.”
दीदी – “है मेरे भैया राजा पहले ही दिन अपनी दीदी को हर पोज़ मे छोड़ना चाहता है, तो चोद ना भाई जैसे चोदना है वैसे चोद मैंने कब रोका है, अब तो मे तुम्हारी रंडी हू, रंडी बना के चोद अपनी दीदी की गांड .”
दीदी तुरंत उठ के बिस्तर पर डॉगी पोज़ मे झुक गयी. और अपनी गांड हिला हिला कर मुझे निमंत्रण देने लगी.
दीदी – “बुर मे डालोगे या गांड मारोगे भाई??????”
मे – “नही, बुर ही चोदुंगा , थोडा गांड तो उठाओ.”
दीदी अपनी गांड को और हवा मे उठा देती है, दीदी की गांड मस्त लग रही थी पीछे से, बस पेंटी से बुर ही बाहर था, जो की तोड़ा सा फटा हुआ था बुर के पास, शायद भैया ने भाभी को छोड़ते वक़्त वो फाड़ दी होगी. दीदी की गांड 34 की थी, लेकिन छुड़वाने के बाद 36 की लग रही है.
दीदी की 28” की पतली सुरहिदार कमर के कारण पीछे से सिर्फ़ दीदी की गांड ही दिख रही थी.
मे आगे बढ़ा और दीदी के पीछे आ गया, दीदी की बड़ी बड़ी कुल्हो पर हाथ फेरते हुए दीदी की बुर पर लॅंड भिड़ा दिया. दीदी की गांड का छेड़ फैल सिकुड रहा था, जो इस बात का इशारा था की दीदी गांड मरवाना चाहती थी. लेकिन मैंने रवि को पहले दीदी की गांड देनी थी.
इसलिए मे दीदी की गांड नही मार रहा था, और बदले मे रवि की मा की गांड जो मिलने वाली थी, वरना दीदी की प्यारी गांड भला कौन छोड़ेगा, मैंने दीदी की कमर को पकड़ा और धीरे से धक्का लगया, लॅंड छलक कर साइड मे चला गया, मैंने दीदी को अपने गांड दोनो हाथो से फैलने को कहा,
दीदी ने दोनो हाथो से अपने चुटटरो को फैलाया, और मैंने अपने लॅंड को दीदी की चूत के मुहाने पर रखा, और दीदी की कमर को ज़ोर से पकड़ते हुए एक ज़ोर का झटका दिया, मेरा सूपड़ा दीदी की बुर मे घाप की आवाज़ के साथ घुस गया, दीदी आगे सरक गयी.
मे – “क्या हुआ, दर्द हुआ क्या, अब तो तोड़ा खुल चुका है, अब पहली बार जैसा दर्द नही होगा.”
दीदी – “नही हुआ दर्द, पर तू आराम से नही डाल सकता, ऐसे चोद रहा है , जैसे मे कोई रंडी हू.”
मे –“तुमने ही तो कहा की तुम मेरी रंडी हो!!!!!! तो राण्ड अब क्यू मना कर रही है”
मैंने दीदी की गांड पर धीरे से एक चाटा लगाया. दीदी की गांड लाल हो गयी. मैंने धीरे धीरे कमर चलना सुरू किया, दीदी फिर से पूरी तरह गरम हो गयी थी. मैंने भी घपा घाप दीदी को चोदना सुरू कर दिया था. मे आँखे बंद किए सोचे का रहे थे की मे भाभी को चोद रहा हूँ, भैया भी भाभी को डॉगी पोज़ मे चोद रहे थे
जब मैंने देखा था. ये सोच कर मुझे और मज़ा आने लगा, मैंने चोदने की गति और बढ़ा दी, पायल दीदी भी अपनी गांड आगे पीछे करने लगी.

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12-20-2016, 01:12 PM
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RE: राहुल की बड़ी बहन पायल की गांड
दीदी – “राहुल, मज़ा आ रहा है अपनी दीदी को चोदने मे???”
मे – “हा दीदी, बहुत प्यारी रंडी दीदी हो तुम मेरी, अब मे रोज़ तुम्हे ऐसे ही चोदा करूँगा”

मैंने स्पीड और बढ़ा दी, “अया दीदी मेरा मूठ निकालने वाला है, कहा डाल डू, तेरे गोरे गांड पर या अंडर ही डाल दू |

दीदी – “बाहर मत निकलना, अंडर ही डाल दे अपना सारा पानी, बाहर निकाला तो भाभी के इस फेवोवरिट पेंटी मे मूठ लग जाएगा, और भाभी को पता चल जाएगा |

मे – “दीदी, सच मे तुम एक बहुत अच्छी रंडी बनोगी, मे तुम्हे रंडी बना कर रहूँगा.”

दीदी – “हा भाई, तू कहे तो किसी से चुदने को तैयार हू, बस तू मुझे ऐसे ही ठोकते रहना.”

मे दीदी के उपर चढ़ गया, और ज़ोर ज़ोर से कुत्ते के जैसे दीदी को चोदने लगा, हर झटके के साथ दीदी की गोरी गोरी गांड मेरे जाँघो पर छत छत आवाज़ करते जाते थे, मैंने दीदी की लटकती चूचियों को पकड़ा और दबाते हुए जोर जोर से से चोदने लगा. ये पोज़ मेरा सबसे पसंदीदा पोज़ था, मेरे मान मे भाभी की चुदाई की छवि उभरती गयी, तो मे संतुष्टि की और बढ़तागया, दीदी को भी मज़ा आ रहा था, अब दीदी फिर से बकबक करने लगी |
दीदी – “अया मेरे बहनचोद भैया राजा, चोदो चोदो ………… फाड़ डालो अपनी दीदी की बुर. चटनी बना दो अपनी दीदी के बुर का मे भी अब झड़ने वाला था, मैंने दीदी की कमर को ज़ोर से पकड़ा और दीदी की बुर अपने मूठ से भर दिया. तभी दीदी की बुर मे भी पानी छोड़ दिया. मेरे और दीदी का मिला पानी चिपचिपा सा बह कर बाहर आ रहा था. मेरे लॅंड सिकुड़ता गया और मे दीदी से उपर नीडाल हो कर गिर पड़ा |

दीदी भी पानी छ्चोड़ कर तक गयी थी. मे दीदी के उपर से हटा और दीदी की बुर को तौलिए से पॉच दिया. और दीदी की बगल में लेट गया दीदी लेटे लेटे मेरे छाती पर हाथ चला रही थी. मे भी दीदी की पीठ पर हाथ फेर रहा था. दोनो काफ़ी तक चुके थे |

दीदी 3 बार पानी छोड़ कर पूरी तरह से संतुष्ट थी, वो कुछ भी बोलना नही चाह रही थी, क्यूकी दीदी को पता था की, अब जब भी खाली वक़्त मिलेगा वो अपने छोटे भाई से जी भर कर चुदवा सकती है. ना उसे बाहर किसी और को खोजने की ज़रूरत थी, ना किसी से लॅंड के लिए सेट्टिंग करने की ज़रूरत थी |

अब उसे पर्मनेंट लॅंड मिल चुका था, जिससे चुद कर उसके बुर का साइज़ भी कंट्रोल मे रहेगा. राहुल भी आँखे बंद किए अपनी दीदी को सहलाते हुए लेता हुआ था. दोनो भाई- बहन एक दूसरे को सहलाते हुए नींद की आगोश मे समां गए

*****समाप्त*****

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