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पिकनिक का दिन
12-06-2016, 04:24 PM
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पिकनिक का दिन
आखिर पिकनिक का दिन आ ही गया राजेश और विजय के ऑफिस जाने के बाद रश्मि गीता और आरती बाथरूम में घुस जाती है अपने बदन को वह साबुन से मलमल के खूब चमकाती है
लेजर से अपनी चूत और बगल के बालों को साफ करती है
उधर अजय दी मार्केट निकल जाता है वहां वह बीयर की चार बोतलें और vodka ka एक
bumper kharid lets hai
फिर मेडिकल शॉप से vigra ka पूरा एक पैकेट लेता है
फिर अपने घर आ जाता है उधर रश्मि आरती और गीता नहाने के बाद
अपने रूम में तैयार होने लगती है
लक्ष्मी आरती और गीता अपने स्तनों पर अपनी चूत पर परफ्यूम का स्प्रे करती है
ताकि जब अजय उनके साथ सुहागरात manaye और उनका रस पिए तब उसे उनकी खुशबू मिले
आरती और गीता ने लो कट ब्लाउज जो पीछे से पूरा बैकलेस था पहना था साथ में ट्रांसपेरेंट साड़ी
रश्मि ने खुले गले का ट्रांसपेरेंट सूट पहना था और दुपट्टा लिया था
लक्ष्मी आरती और गीता ने चेहरे पर हलका मेकअप
का भी किया था
तीनो बला सी सुंदर लग रही थी उनका पूरा फिगर
टाइट बूब्स उभरी हुई गांड पूरी xpose हो रही थी
अजय कातिलों घोड़ियों को देखकर लंड पैंट में ही उछलने लगा
उसका लंड पूरी औकात में आ गया था
तब आरती ने खाना पैक किया अजय ने गाड़ी निकाली
तीनों घोड़ियां कार में बैठती है अजय कार ड्राइव कर रहा था फिर वह तीनों पिकनिक के लिए निकल जाते हैं
40 मिनट की ड्राइविंग के बाद शहर से दूर अजय के दोस्त का फार्म हाउस आ जाता है वहां एक चौकीदार था
अजय ने उसे छुट्टी दे दी और चौकीदार अपने घर चला गया अजय नहीं चाहता था कि जब वह तीनों घोड़ियों को चोदे तो कोई उसे डिस्टर्ब करें
फार्म हाउस के अंदर आने के बाद अजय फार्म हाउस के गेट पर ताला मार देता है
लक्ष्मी गीता आरती और अजय फार्म हाउस के अंदर देखते हैं की फार्म हाउस बहुत बड़ा है दूर-दूर तक किसी इंसान का नामोनिशान नहीं है
एक बहुत बड़ा बगीचा है जिस पर घास बिछी हुई है उसके बाद आम लीची अमरुद के पेड़ों का एक छोटा सा जंगल है
फार्म हाउस के चारों ओर 20 फीट की बड़ी बड़ी दीवारें थी बाहर से किसी को पता नहीं चलता कि अंदर क्या हो रहा है

अजय गीता आरती और रश्मि वही घास के बगीचे पर चादर बिछा के बैठ जाते हैं हल्की हल्की धूप आ रही थी जो बहुत अच्छी लग रही थी


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12-06-2016, 04:25 PM
Post: #2
RE: पिकनिक का दिन
वहां बैठ के चारों पहले हल्का नाश्ता करते हैं नाश्ता करने के बाद अजय गीता रश्मि और आरती को बीयर की एक एक बोतल पकड़ा देता है गीता रश्मि और आरती कुछ सोच में पड़ जाती है और अजय की ओर देखने लगती है तब अजय कहता है शराब नहीं यह बीयर है
एक बार टेस्ट करो आपको अच्छी लगेगी
अजय के फोर्स करने पर रश्मि गीता और आरती मान जाती है
गीता एक घूंट पीती है उसे स्वाद बुरा लगता है वह अजय से कहती है यह बहुत कड़वी है
अजय- अरे मम्मी रानी शुरू में कल भी लगेगी फिर बाद में अच्छा लगेगा एक बार ट्राई करो
30 मिनट के अंदर चारों अपनी अपनी बियर की बोतल खाली कर देते हैं
रश्मि गीता और आरती ने जिंदगी में पहली बार बीयर पी थी इसलिए इसका सुरूर उन पर ज्यादा ही थी चढ़ गया था
रश्मि- card ka का गेम खेला जाए
aarti- idea aacha hai
gita - toh card batto game shuru karte hai
ajay - teen बाजी की rumny खेलते है
joh pehle teen baazi jeeta woh winner
rashmi- jeetne wale ko kya milega
gita - joh jeetega usska kehna sabko maana hoga
ajay - yeh thik hai
गीता पत्ते बाटती है पहली बाजी अजय जीतता है
दूसरी बाजी रश्मि को मिलती है तीसरी बाजी में गीता की किस्मत उस का साथ देती है चौथी बाजी आरती की थी फिर अगली बाजी रश्मि को मिलती है
उसके बाद लगातार दो बाजी जीत कर आरती यह खेल जीत जाती है
तब गीता आरती से पूछती है बोल बहू अब हमें क्या करना है
आरती कुछ सोचने लगती है

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12-06-2016, 04:25 PM
Post: #3
RE: पिकनिक का दिन
हां तो मम्मी जी मैं यह चाहती हूं कि अजय सात फेरे लेकर
आपके सामने मुझे पूरी नंगी करके मेरे साथ सुहागरात मना ए
और जब अजय मुझे चोद रहा हो तब मम्मी जी आप पूरी नंगी होकर रश्मि को अपनी चूत पिलाओ और उसकी चूत से रस पियो
एक तो बियर का सुरूर और उस पर आरती की गंदी बातें सुनकर गीता की चूत से पानी आने लगा
गीता चुदासी होने लगी वह साड़ी ke ऊपर से अपनी चूत खुजलाते हुए कहती है
बहु मैंने तेरी किसी बात का कभी मना किया है जो आज करूंगी तू अजय के साथ पूरी नंगी होकर सुहागरात मना
मैं रश्मि को पूरी नंगी होकर अपनी चूत पिलाऊंगी और उसके भोसड़े से उसका रस पियोगी
अजय जिसका लंड सुबह से ही अपने घर की रंडियों को देखकर खड़ा था
आरती की यह बातें सुनकर एकदम लोहे की तरह टाइट हो जाता है
तब गीता जय से कहती है जा अजय मनाले सुहागरात अपनी भाभी के साथ
अजय आरती की तरफ बढ़ता है तभी आरती उसे बीच में रोक देती है और कहती है सैया पहले सात
फेरे तो ले लो सुहागरात उसके बाद हम बनाएंगे अजय आरती की बात सुनकर सूखी लकडी और पत्ते जमा करता है
रश्मि यह सब बड़े गौर से देख रही थी
फिर अजय लकड़ी और सूखे पत्तियों के गट्ठर में आग लगा देता है आरती तुरंत घुंघट कर लेती है तब आजाए आरती के पास आता है

और उसका हाथ पकड़ कर फेरे लेना शुरू करता है 1 मिनट के अंदर सात फेरे पूरे हो जाते हैं
रश्मि ताली बजा के खुश होती है तब आरती और अजय गीता के पैर छूकर आशीर्वाद लेते हैं तब गीता उनके सर पर हाथ रख देती है उसके बाद अजय आरती का घुंघट उठाता है और उसके लाल लाल होठों को चूसते हुए आरती का रस पीने लगता है
यह सब देख कर गीता और रश्मि चुदासी होने लगती है उनकी चूत पानी छोड़ना शुरू कर देती है
तभी आजाए आरती को नंगी करना शुरू करता है पहले आरती की साड़ी आरती के बदन से उतरकर जमीन पर गिरती है
फिर ब्लाउज ब्रा पेटीकोट पैंटी भी जमीन पर पड़ी होती है आरती पूरी नंगी अजय के सामने खड़ी थी फिर अजय अपने कपड़े उतारना शुरू करता है कुछ ही देर में वह भी आरती की तरह पूरा नंगा था अजय आरती को अपनी बाहों में भर कर जमीन पर लिटा देता है आरती भी अपनी बाहें अजय के गले में डाल देती है दोनों गुत्थमगुत्था हो जाते हैं
उधर गीता और दशमी की चूत पानी छोड़ने लगती है दोनों कपड़ों के ऊपर से ही अपनी चूत रगड़ रही थी
जब रश्मि से कंट्रोल नहीं होता तो वह अपनी मम्मी से कहती है कपड़े पहन के ही मुझे अपनी चूत पिलाओगी पहले कपड़े तो उतारों

गीता और रश्मि एक एक करके अपने कपड़े उतारने लगती है थोड़ी ही देर में दोनों पूरी नंगी एक दूसरे के सामने थी तब रश्मि तुरंत अपनी मम्मी के गले लग जाती है गीता उसे बाहों में लेकर अजय और आरती के बगल में लेट जाती है

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12-06-2016, 04:26 PM
Post: #4
RE: पिकनिक का दिन
अजय और आरती एक दूसरे के होठों को चूसते हुए एक दूसरे का रस पी रहे थे वही बगल में लेटी गीता अपनी बेटी रश्मि से एकदम गुत्थमगुत्था हो जाती है रश्मि अपनी जीभ बाहर निकाल देती है जिसे गीता तुरंत अपने मुंह में भरकर रश्मि का रस निकालने लगती है
चारों पर चुदाई का नशा सवार था

अजय से अपने लाल लाल होठ
chuswate हुए आरती अजय का मोटा डंडा पकड़ लेती है फिर उसे मसलने लगती है
आरती- अब तो मैं सात फेरे लेकर अजय तेरी औरत बन गई हूं अब तो मम्मी जी के सामने मेरी गांड भोंसड़े और मेरी muh को चोद
अजय- देखती जा रानी आज तेरी चूत और गांड कैसे farta hu
आज तुझे ऐसा चोदूंगा तू मेरे बड़े भाई का लंड भूल जाएगी
अजय एक हाथ से आरती के एक दूत को मसल रहा था दूसरे हाथ से आरती के दूसरे दूध को पकड़ कर अपने मुंह से उसका रस पी रहा था
उधर गीता और रश्मि एक दूसरे के ऊपर लेट के अपनी
jangho ko पूरा खोलकर एक दूसरे को अपनी चूत पिला रही थी
गीता रश्मि के फटे हुए भोसड़े को अपने मुंह में भरकर पीने लगती है तब रश्मि सीसीआते हुए
aaaahhhh siiii mummy aise hi piyo
खा जाओ अपनी बेटी की चूत
अजय उधर आरती के मुंह में अपना मोटा डंडा डालकर उसके मुंह को चोद रहा था
अपना लंड अच्छे से गीला करवाने के बाद अजय आरती को कुत्तिया बना देता है
फिर उसकी गांड और चूत में खूब सारा तेल मल कर आरती की गांड और चूत को एकदम चिकना कर देता है फिर वह अपनी हथेलियों का बचा हुआ तेल अपने लंड पर लगा कर उसे भी चिकना करता है फिर अपना लंड आरती की चूत पर लगाकर एक झटका लगाता है लंड का टोपा आरती की मखमली चूत में उतर जाता है
आरती आहें भरते हुए सीसी आने लगती है तब अजय आरती की कमर को पकड़ कर एक तगड़ा झटका मारता है और पूरा लंड आरती की गीली चूत में घुसा देता है आरती को अजय का लंड अपनी बच्चेदानी तक फील होता है
आरती- क्या तगड़ा लंड है अजय तेरा मेरी बच्चेदानी तक मेरे भोसड़े को भर दिया है aah अजय जम के चोद मुझे
अजय 2-3 धक्के अपने लंड से आरती की चूत में लगाता है फिर अपने लंड को पूरा बाहर निकाल कर आरती की चूत में पूरा pel
देता है
अजय घोड़े की तरह आरती के ऊपर चढ़कर आरती के भोसड़े को चोद रहा था अजय का लंड जब भी आरती के बच्चेदानी को chutta
तो आरती के दोनों दूध आपस में टकराते
आरती अजय की इस दमदार चुदाई से मदहोशी में आहे
bharne लगती है
aarti -aah ssiii अजय बड़ा मजा आ रहा है तेरे इस मोटे डंडे से चुदने में ऐसे ही चोद मुझे फाड़ दे मेरी चूत आज
अजय आरती की चूत में ताबड़तोड़ धक्के मारना शुरू करता है साथ ही साथ वह अपनी दो उंगलियां आरती की गांड में
pel देता है
आरती समझ जाती है कि अजय ka Mann ab usski gand Marne
ka hai
wo ajay se kehti hai
मैं मम्मी जी की चूत पीते हुए तुझसे गांड मरवाना चाहती हूं
ajay - think hai rani Jo tu kahe
यह सुनकर गीता और रश्मि दोनों उठ कर खड़ी हो जाती है
gita- ठीक है बहू मैं लेट जाती हूं तब तू मेरी चूत पीना
गीता तुरंत पीठ के बाल लेट जाती है और अपनी दोनों टांगों को फैला देती है तब रश्मि अपने बुर को अपने दोनों हाथों से फैलाकर अपनी मम्मी के मुंह पर बैठ जाती है लो मम्मी अब क्यों पी ओ मेरा रस मेरी चूत से उधर आरती भी अपनी सास की दोनों टांगों को पूरा फैलाकर अपनी छाती के
bal लेट कर मजे से अपनी सास के चूत के रस को पीने लगती है
अजय यह नजारा देख कर बिल्कुल पागल हो जाता है उसे कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है वह समझ जाता है की उस की आरती रंडी उसकी मम्मी का रस पीते हुए अपने दूध के बाल लेट कर उसे गांड मरवाना चाहती है वह तुरंत आरती के मखमली बदन पर लेट जाता है फिर अपना लंड आरती के गांड के छेद सटा के एक झटका मारता है अजय के लंड का टोपा आरती की मखमली गांड को चीरता हुआ अंदर घुस जाता है
आरती की टाइट गांड अजय के लंड को पूरी तरह जकड़े हुए थे तब
अजय एक और झटका मारता है और आरती की गांड को पूरा अपने लंड से भर देता है
आरती- ahh sii ajay तेरा लंड मेरे पीछे वाले एरिया में कितनी उथल-पुथल मचा रहा है
ajay - अभी तो शुरुआत है देखती जा रानी आज हम चारों कितनी मस्ती करते हैं
aarti अजय के दोनों हाथों को पकड़कर अपने दूध पर रखते हुए कहती है मेरे दूध दबाते हुए मेरी गांड मार
अजय तुरंत आरती के झूमते mammo को मसलते हुए आरती की गांड में लंड डालकर उसकी गांड मारने लगता है
अजय आरती की नंगी पीठ को अपनी जुबान से चाटते चूमते हुए आरती की गांड में पूरा लंड डालकर उसे चोद रहा था आरती
ne अपनी टांगो को पूरा फैला दिया था जिससे उसकी गांड का छेद पूरा खुल गया था अजय के हर धक्के के साथ आरती मचल कर आहें भरने लगती वह अपनी सास की चूत पूरा अपने मुंह में भर कर अपनी सास का रस पीने लगी जिसका असर यह हुआ की गीता ने भी रश्मि की चूत की दोनों faako को अपने हाथों से फैलाकर
रश्मि की गीली गर्म चूत गोपी रही थी तभी अजय अपनी दो उंगलियों को thuk से पूरा गीला करके
आरती की मस्तानी भोसड़ी में घुसा देता है और आरती की फटी हुई चूत को अपनी उंगलियों से चोदने लगता है साथ ही साथ अपने लंड से आरती की गांड मार रहा था इसका असर यह होता है की आरती मस्ती में एकदम पागल हो जाती है वह गीता की चूत को पूरा फैलाकर अपनी जुबान से कुरेदते हुए पीना शुरु कर देती है गीता मचल कर आहें भरते हुए आरती से कहती है हां आरती ऐसे ही पी फाड़ दे मेरी चूत को और गीता अपनी बेटी की फटी हुई बुर को पूरी मस्ती में चूसना शुरू कर देती है अजय ताबड़तोड़ थक्के आरती की गांड में मार रहा था साथ ही साथ हो आरती की चूत को उंगलियों से चोद रहा था आरती अजय का लंड अपनी गांड से खा रही थी और अजय की दोनों उंगलियां अपनी चूत में लेकर अपनी फटी हुई चूत को चुदवा रही थी आरती को लगा कि अब वो झड़ने वाली है
toh WO ajay se kehti hai
अजय मेरा पानी निकलने वाला है अब बेदर्दी से चोद मुझे एक बाजारु रांड की तरह मेरी गांड मार अजय समझ जाता है
कि ab आरती का पानी निकलने वाला है उसे आरती को आज mutwana tha
तो आरती की गांड मारते हुए अपने अंगूठे से आरती के फटे हुए चूत के दाने को सहलाते हुए अपनी दो उंगलियों से आरती की चूत को चोदने लगता है आरती मचल के रह जाती है उसका badan aakadane lagta hai
tabhi ajay आरती की गांड में लंड डालकर उसकी फटे हुए चूत के दाने को अपने अंगूठे से सहलाते हुए ताबड़तोड़ उसकी फटी हुई बुर को चोदने लगता है भारतीय हमला सह नहीं पाती और
mutte हुए झड़ने लगती है
"ahhhh ajayyyyy मेरा पानी निकल गया aaj tune mummy ji ki tarah mujhe bhi mutwaya
मैं झड़ गई हाय दैया मेरा पानी निकाल दिया रश्मि झड़ने के बाद थोड़ा past ho गई थी
उधर गीता काफी पानी निकलने वाला था वह रश्मि की चूत को अपनी उंगली से सहलाते हुए
पीने लगती है जिससे रश्मि का बदन अकड़ने लगता है वह आहें भरते हुए
गीता के मुंह पर mutte hue झड़ने लगती है यह देख कर आरती तुरंत अपनी सास की फटी हुई भोसड़े में तीन उंगलियां डालकर अपनी सास की चूत को चोदना शुरु कर देती है taभी गीता का
गीता का बदन bhi अकड़ने लगता है और वह आरती के मुंह पर मूतते हुए झड़ने लगती है ले बहू अपनी रंडी सास का पानी अपने चेहरे पर ले अजय का अपनी दीदी मम्मी और भाभी का यह Randi pana
देख कर कंट्रोल नहीं होता वह आरती की गांड में पूरा लंड घुसा के 10-12 धक्के और मारता है फिर आरती की गांड को पूरा अपनी मलाई से भर देता है और आरती की गांड पर लेटकर उसकी गांड में लंड डालकर सुस्ताने लगता है चारों का पानी निकलने के बाद चारों सुस्त हो गए थे और नींद की आगोश में चले गए चारों की नींद खुली जब उन्होंने देखा की जोरो की बरसात हो रही है और वह पूरे गीले हो चुके हैं उनके कपड़े भी पूरे भी चुके हैं आरती रश्मि कविता तुरंत अपने कपड़े उठा कर कॉटेज की ओर भागते हैं पीछे पीछे अजय भी अपने कपड़े लेकर कॉटेज में आ जाता है

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12-06-2016, 04:26 PM
Post: #5
RE: पिकनिक का दिन
आरती रश्मि और गीता
एकदम नग्न अवस्था में भागते हुए कॉटेज में घुस जाती है
पीछे पीछे अजय bhi आता है
तब गीता कहती है हम घर कैसे जाएंगे हमारे कपड़े गीले हैं

aarti - इन गीले कपड़ों में हम घर नहीं जा सकते हैं
rashmi- भाभी सही कह रही है इन गीले कपड़ों में हम घर नहीं जा सकते हैं
आरती कुछ सोचने लगती है फिर वह गीता से कहती है मम्मी जी आप एक काम करें पापा जी को फोन करके यह बोल दे कि आप अपनी सहेली स्नेहा आंटी के घर है और साथ में हम लोग भी है उनकी लड़की की चार दिन बाद शादी है तो सबको लगेगा कि हम लोग शादी में गए हैं और आप स्नेहा आंटी को फोन करके यह बोल दे कि अगर पापा जी का फोन आए तो यह कहे कि हम सब उनके घर पर है
गीता आरती की बात पर खुश होती है और कहती है
wah बहू क्या idea दिया है इसी के साथ गीता अपने पति राजेश को फोन लगाती है राजेश की मोबाइल की घंटी बजती है तो राजेश फोन उठाता है वह मोबाइल पर गीता का नंबर देख कर पहचान जाता है कि यह उसकी बीवी का फोन है
rajesh- हेलो गीता बोलो
गीता- जी आज मैं रश्मि आरती और अजय स्नेहा के यहां उसकी बेटी की शादी में गए हैं लौटने में हमें देर हो जाएगी हम कल आप आएंगे
राजेश- ठीक है तुम उसकी चिंता मत करो आज इत्मीनान से शादी अटेंड करो और कल आ जाना मुझे कुछ काम है तो अब मैं फोन रखता हूं बाय अपना और बच्चों का ख्याल रखना issसी के साथ राजेश फोन काट देता है
गीता- मैंने तुम्हारे पापा से बात कर ली है अब हम कल आराम से निकलेंगे तब तक हमारे कपड़े भी सूख जाए
रश्मि- हमारे कपड़े पूरे गंदे हो गए हैं इन्हें धोना पड़ेगा रात भर में कैसे sukhenge
आरती- एक काम करते हैं मैं सब के कपड़े धो देती हूं और फिर इन्हें सूखने के लिए यही रूम pe रख देती हूं रात भर में सूख गए तो ठीक है नहीं तो कल हम 10:00 बजे यहां से निकलेंगे 9:00 बजे पापा जी और तुम्हारे भैया ऑफिस निकल जाते हैं हमको घर पहुंचते 11:00 बज जाएगा फिर किसी को शक भी नहीं होगा कि हम कहां से आए हैं
गीता आरती के इस idea पर बहुत खुश होती है नंगी गीता खुशी के मारे नंगी आरती को अपने सीने से लगा लेती है दोनों के दूध एक दूसरे में dhass जाते हैं
आरती अपने होंठ अपनी सास की तरफ बढ़ाती है
गीता तुरंत आपकी बहू की इच्छा समझ कर आरती के लबों को मुंह में भर कर पूरा चूस जाती है
रश्मि से अपनी मां और भाभी का यह रंडीपन्ना देखकर
कंट्रोल नहीं होता वह अपनी मम्मी रानी से कहती है क्यों मम्मी तुम तो तेरी भाभी से ही प्यार करती हो मुझसे नहीं
गीता- अभी कुछ घंटे पहले मैं पूरी नंगी होकर तुझे अपनी चूत पिला रही थी और तेरी चूत से तेरा पानी पी रही थी फिर भी तू कहती है रश्मि कि मैं तुझे प्यार नहीं करती आजा मेरी प्यारी बेटी मेरे सीने से लग जा रश्मि तुरंत भाग कर गीता रानी के सीने से लग जाती है क्या नजारा था पूरी नंगी गीता पूरी नंगी रश्मि और आरती को अपने बाहों में भरी हुई थी और रश्मि एक छोटी बच्ची की तरह अपनी मां के एक स्तन को चूस रही थी अपनी तीनों रंडियों को ऐसे देखकर अजय का लंड भीपुरी औकात में आने लगता है
लेकिन अजय खुद पर कंट्रोल करता है उसके पास अपनी तीनो रंडी घोड़ियों को चोदने के लिए पूरी रात पड़ी थी
गीता अपनी बहू और बेटी पर जी भर कर अपना प्यार लूट आने के बाद उनके माथे को चूम कर अपने कपड़ों में से ब्रा और पैंटी निकाल कर पहन लेती है रश्मि और आरती भी अपनी अपनी ब्रा पैंटी पहन लेती हैं गीता सभी के कपड़े
lekar धोने जा रही थी तभी आरती बीच में रूकती है मम्मी जी जी आप क्या कर रही हैं आप जाकर आराम कीजिए मैं और रश्मि कपड़े धो देते हैं गीता उसके बाद एक रूम में चली आती है और आराम करने लगती है उधर रश्मि कपड़े लेकर बाथरूम में चली जाती है और उन्हें dhone लगती है आती भी किचन में जाकर खाना बनाने लगती है
अजय वही डाइनिंग हॉल में बैठकर tv खोल देता है और tv देखने लगता है
गीता बिस्तर पर लेट कर आराम कर रही थी तभी उसे ख्याल आया क्यों न स्नेहा को फोन करके बोल दे वह स्नेहा को फोन लगाती है स्नेहा फोन उठाती है
गीता- स्नेहा मैं गीता बोल रही हूं
स्नेहा- हां गीता बोल आज बड़े दिन बाद अपनी सहेली की याद कैसे आई
गीता- मेरा एक काम है बोल करेगी
स्नेहा -बता क्या करना होगा
गीता- अगर राजेश का फोन आया तो कहना कि आज मैं तेरे घर पर हूं बस यही मेरा एक छोटा सा काम करते हैं
स्नेहा -ठीक है अगर राजेश फोन करता है तो मैं कह दूंगी कि तू मेरे घर पर है वैसे एक बात बता अभी तू कहां है
गीता -अभी मैं अपने एक दोस्त के यहां हूं
स्नेहा -दोस्त मर्द है या औरत
गीता- यह तो क्यों जानना चाहती है
स्नेहा -अरे मैं तो सिर्फ इतना जानना चाहती हूं कि तु अभी किसका बिस्तर गरम कर रही है
गीता -आज मेरी सहेली बड़ी चुदासी हो रही है
स्नेहा -बात पलट मत सही-सही बता गीता है कोई चाहने वाला mil gaya hai तू वहां तगड़े लंड से चुदवा रही है और यहां मेरी चूत की खुजली mit hi नहीं रही है शेखर को बिजनेस से फुर्सत ही नहीं मिलती तो वह मुझे टाइम ही नहीं देता पिछले 2 महीने में एक बार भी नहीं चुदी हूं लंड के लिए मेरी चूत तरस रही है
अपने यार से कहकर मेरी चूत की भी खुजली मिटा दे
गीता- ठीक है स्नेहा मैं जुगाड़ करती हूं अगर काम बनता है तो मैं तुझे बताती हूं तब तक तो मेरा काम जरूर कर देना ठीक है बाय
स्नेहा- बाय मैं राजेश को बोल दूंगी और तू बेफिक्रे reh जी भरकर अपने यार से अपनी चूत और गांड farwa और हां मेरी चूत की खुजली का भी ध्यान रख
गीता- ठीक है स्नेहा मैं तेरे लिए कुछ करती हूं और उसके बाद गीता फोन रख देती है
अपनी रंडी सहेली की चुदासी बातें सुनकर गीता की फटी हुई चूत पानी की धार छोड़ने लगती है

☆☆☆☆☆ Meethi Gaand ☆☆☆☆☆ Maa ka Agyakari Beta ☆☆☆☆☆
12-06-2016, 04:27 PM
Post: #6
RE: पिकनिक का दिन
तभी गीता के रूम में आरती आती है
आरती:: मम्मी जी मैंने पानी गर्म कर दिया है आप रश्मि के साथ नहा लीजिए
गीता:: मैं तेरे साथ नहा लेती हूं रश्मि अजय के साथ नहा लेगी
गीता और आरती दोनों मैं बाथरुम में जाती हैं
बाथरूम में जाने के बाद 30 सेकेंड के अंदर दोनों अपनी ब्रा और चड्डी उतारकर मादरजात नंगी हो जाती हैं दोनों के बदन पर एक सीट के बराबर भी कपड़ा नहीं था तब गीता आरती का हाथ पकड़कर उसे bathtub मेले जाती है आरती भी
गीता के साथ वाट tub में आ जाती है
गीता पीठ के बल बैठी थी और आरती की पीठ स गीता के दूध dab रहे थे
तब गीता कहती है
गीता:: मुझे तो यह सपना जैसा लग रहा है मुझे लगता है मैं जवान हो गई मुझे पंख लग गए हैं लगता है मैं अपना हनीमून मना रही हूं जब से मैं अजय के साथ सोई मेरी जिंदगी ही बदल गई तेरे पापा जी के पास मेरे लिए टाइम नहीं था लेकिन जब से मुझे आजाए और तुम दोनों का साथ मिला तब मेरी जिंदगी ही बदल गई अब तो मुझे लगता है कि मैं 18 साल की एक कुवारी लड़की हूं
आरती:: अजय मुझे कामदेव का अवतार लगता है मैं खुद को रोक नहीं पाई और अजय की बाहों में समा गई जब उसने कहा क्या आप के साथ सोना चाहता है तो मैंने अजय की मदद की आप खुश तो है ना मम्मी जी हम चारों एक ह
गीता:: तुमने बिलकुल सही किया मेरी प्यारी बहू तू सही कह रही है आज मैं तुझे अपने हाथों से नलाऊंगी
आरती:: मैं भी आपके बदन को अपने हाथों से साफ करुंगी मलमल के ragagungi
गीता साबुन उठाती है और आरती के बदन पर लगाने लगती है पहले उसकी छाती को साबुन से मल मल के साफ करती है फिर आरती की चूत पे साबुन लगा ती है आरती की चूत को अपने दोनों हाथों से फैला कर गीता साबुन से रगड़ रगड़ कर चमका देती हैं फिर आरती को छाती के बल लेटकर अपनी गांड उठाने के लिए कहती है
आरती की गांड गीता के सामने थी तब गीता आरती के गांड के छेद को अपने दोनों हाथों से फैलाती है गांड के छेद को खोलने के बाद
गीता उसमें पानी डालती है अपने हाथ में साबुन का झाग लेकर अपनी दोनों उंगलियों से आरती की गांड में आगे पीछे करके आरती की गांड को साफ करती है
आरती:: मम्मी जी aahhhh si बहुत अच्छा लग रहा है आपके हाथों में तो जादू है
गीता:: चल अब खड़ी हो जा
आरती जैसे ही खड़ी होती है गीता उसके गांड को अपने हाथों से फैला देती है जिससे आरती की गांड में भरा हुआ अजय का माल साबुन के साथ बाहर आ जाता है फिर भी का आरती की गांड में खूब सारा पानी डालकर उसकी गांड को साफ कर देती है
आरती तुरंत गीता को गले लगा लेती है और दोनों सास बहू bath tub मैं लेट जाती है
आरती अपनी सास के गालो को चूमना शुरू कर देती है puchhh puchhh
गीता अपनी नंगी बाहें आरती के नंगे बदन पर डालकर उसे पूरा जकड़ लेती है और अपने नंगे बदन से चिपका लेती है आरती अपने साथ के चेहरे को 10:00 मिनट तक खूब चाटती है चूमती है आरती के थूक से गीता का पूरा चेहरा गीला हो गया था
तभी गीता आरती से कुछ पूछती है
गीता:: बहु एक बात बता अजय ने तेरी गांड तीन चार बार मारी है फिर भी तेरी गांड का छेद मेरे और रश्मि की गांड ke chedd she bhi chaura ho gaya hai कहीं vijay भी toh तेरी गांड नहीं मारता
आरती:: शरमाते हुए ! हां मम्मी जी WO जब भी मुझे चोदते हैं तो मेरी गांड जरूर मारते हैं
गीता:: तो विजय को शक नहीं हुआ कि तूने पहले भी बहू गांड मरवाई है
आरती:: मम्मी जी एक बार विजय बहुत pk आए थे और कमरे में घुसते ही इन्होंने मुझे दबोच लिया थोड़ी ही देर में मुझे पूरी नंगी कर दिया फिर खुद भी नंगे होकर मेरी चुदाई करने लगे तब मैंने कहा कि मुझे गांड मरवानी ह ये एकदम खुश हो गए हैं जब ये मेरी गांड मारने लगे तो मैंने ऐसा नाटक किया की उन्हें लगा कि मैं अपनी गांड पहली बार मरवा रही हूं उसके बाद यह जब भी तुझे चोदते हैं मेरी गांड एक बार जरूर मारते हैं मैं तो कहती हूं मम्मी जी एक बार आप ही पापा जी का लंड अपनी गांड से खा लीजिए पापा जी आपको चोदते हैं उनको एक न एक दिन पता ही चल जाएगा कि आप गांड मरवाती है इसलिए एक बार पापा जी से गांड मरवा लीजिए इसके बाद अजय से आपको गांड मरवाने का लाइसेंस मिल जाएगा
गीता:: बात तो तू सही कह रही है बहू एक बार में इनसे गांड मरवा ही लेती हूं फिर इनको शक भी नहीं होगा कि मैं अजय से गांड मरवाती हूं
आरती:: चलिए मैं आपके बदन की साबुन लगा देती हूं
गीता खड़ी होती है तब आरती गीता के पूरे बदन पर साबुन लगा देती है उसके बाद दोनों सावन में जाते हैं और खुद चिपक चिपक कर नंगी नहाती है

गीता और आरती नहाने के बाद दूसरे के बदन को towel से pooch देती है फिर अपनी ब्रा और पेंटी पहनती है
दोनों ghodiya bistar पर लेट कर आराम कर रही थी
गीता प्यार से आरती के चेहरे पर अपना हाथ feer रही थी बीच-बीच में wo आरती के चेहरे को चूम लेती
जवाब में आरती ne bhi अपनी बाहों का हार गीता के बदन पर डाल गीता को जकड़ कर अपनी बदन से एकदम चिपका लिया गीता भी आरती से चिपक गई तब आरती ne गीता की ब्रा के दोनों cup को साइड में कर के गीता के दूध को एकदम नंगा कर दि फिर नीता की कच्छी में हाथ डालकर उसकी फटी हुई चूत को सहलाती हुई गीता के दोनों निप्पल को बारी-बारी से चाट के गीता से कहा
आरती:: मम्मी जी आपका आपका बदन कमाल का है आपको नंगी देखकर मेरी चूत पानी छोड़ने लगती है फिर तो आप मर्दों की बात ही छोड़ो
गीता:: अपनी तारीफ सुनकर खुश होती है वह आरती के माथे को चूमते हुए कहती है मुझे भी बहुत तेरा साथ बहुत अच्छा लगता है तेरे साथ बिताया हुआ समय मेरी जिंदगी का सबसे अच्छा समय है
यह सुनकर आरती बहुत खुश होती है और वो एक छोटी बच्ची की तरह अपने साथ से दूध को पीने लगती है और अपनी सास के मस्ताने भोसड़े को अपने हाथों में जकड़ लेती है गीता एकदम
जल बिन मछली की तरह मचल जाती है वह आहें भरने लगती है
तब आरती गीता से कहती है
मम्मी जी अगर आपको बुरा ना लगे तो एक बात कहूं
गीता:: आरती मैंने तेरी किसी बात का कभी बुरा माना है तू बिंदास होकर कह तुझे जो कहना है
आरती:: मम्मी जी मेरे पापा आप पर लट्टू है जब भी मैं जाती हूं घर हमेशा आपकी बात करते हैं आपके husnn ne उन्हें भी दीवाना कर दिया है मैं चाहती हूं मम्मी जी आप उन्हें एक बार चांस दे
गीता:: यह तू क्या कह रही है बहू मुझे अपने पापा के साथ सोने के लिए बोल रही है अगर अजय को पता चल गया तो और वह मेरे samdhi है मैं उनके साथ कैसे सो सकती हूं
आरती:: अपनी सास की फटी हुई चूत में तेजी से अपनी उंगली अंदर बाहर कर अपनी सास को गर्म करते हुए अरे मम्मी जी जब आप आजाए जो आपका बेटा है उसके साथ सो सकती हैं अपनी बहू यानी मैं मेरे साथ सो सकती है आपकी बेटी रश्मि उसके साथ सो सकती हैं तो मेरे पापा जी के साथ क्यों नहीं चिंता मत कीजिए रश्मि और अजय को कुछ पता नहीं चलेगा और पता चल भी गया तो मैं उन्हें मना लूंगी और एक बात मम्मी जी मैं आपको कहना चाहती हूं कि मेरे पापा का लंड अजय जितना ही बड़ा है पर अजय के लंड से मोटा है मेरे पापा का मोटा डंडा आपको खूब मजे देगा मैं तो कहती हूं मम्मी जी एक बार आप को ट्राई करना चाहिए
गीता:: आरती की गंदी बातें और अपनी फटी हुई चूत की उंगलियों से चुदाई गीता को एकदम चुदासी कर देती है उसको उसके दिमाग पर सिर्फ चुदाई का नशा सवार था ठीक है बहू तू जो कहती है वही होगा मैंने तेरी कोई बात के लिए मना किया है जो अब करूंगी एक बात बता बहू क्या तू ने अपने पापा का बिस्तर कभी गर्म किया है
आरती:: मम्मी जी मेरे पापा शादी से पहले मुझे और मेरी मम्मी को पूरी नंगी करके एक साथ सुलाते थे उनकी इच्छा मेरी गांड मारने की है इस बार आएंगे तो मैं उसे गांड जरूर मरऊंगी पापा जी रोमांटिक चुदाई के शौकीन है उनके साथ आपको भी अपनी जवानी के दिन याद आ जाएंगे मैं ऐसा करती हूं कि ससुर जी और विजय 3 दिन टूर पर रहेंगे उसी समय में पापा जी को बुला लेती हूं ताकि हम पूरी मस्ती कर सके और हां मम्मी जी रश्मि और अजय की चिंता मत कीजिएगा उनकी तरफ से आप एक दम बेफिक्र rahiye
गीता:: यह बहुत अच्छा आईडिया है मंडे को तेरे ससुर जी टूर पर निकल जाएंगे एक din baad vijay bhi
aapne office ke काम के silsile me bahar jaa raha raha . tab tu aapne papa ko bula Lena

आरती गीता को फोन la कर देती है
गीता:: बहू mai बात karu gita puchti hai
aarti:: haan mummy ji papa aapse hi baat karna chahte hai
gita phone lagati hai
ranjeet aarti ke papa phone receive large hai
hello kon bol raha hai
gita:: mai gita bol rahi hu kaise hai app ?
ranjeet:: mai mazee me hu . aap kaisi hai
itne me aarti gita ki chaddi utaar deti hai aur gita bhi pura randipana dikhate hue aapne chutaro ko uthate hue aapne chuttaro ko uthati hai jisse aarti gita ki chaddi usske pairo se nikal ke bed ke niche fek deti hai fir gita पूरा रंडी panaदिखाते हुए अपनी jangho को पूरा खोल देती है जिससे उसकी फटी हुई चूत एकदम आरती के सामने खुल जाती है आरती फिर मजे से अपनी सास की चूत को चूसते हुए अपनी सास का रस पीने लगती है गीता फोन बात करते करते गर्म होने लगती है
गीता:: मैं अच्छी हूं आपको तो हमारी याद ही नहीं आती इसलिए आप फोन भी नहीं करते हैं तो सोचा आज मैं ही फोन कर लूं
रंजीत:: यह क्या समधन जी आपकी याद हमें ना आए ऐसा हो नहीं सकता आपने हमें कभी मौका ही नहीं दिया
रंजीत अब गीता के सामने खुल रहा था
तब आरती गीता के हाथ से फोन ले लेती है गीता कुछ समझ नहीं पाती आरती मोबाइल का लाउड स्पीकर ऑन कर देती है और गीता को दे देती है
गीता ने फोन अपने कान के पास लगाया ही था की आरती ने गीता का आखिरी कपड़ा यानी उसकी ब्रा भी उतार के गीता को पूरी नंगी कर दिया फिर गीता के दोनों निप्पल को अपने दोनों हाथों से सहलाते हुए उसकी चूत पीने लगी वह अपनी रंडी सास को पूरी तरह गर्म कर di thi
गीता:: मौका दिया नहीं जाता रणजीत जी बनाया जाता है
रंजीत गीता के मुंह से अपना नाम सुनकर खुश होता है उसको पूरा यकीन हो जाता है की उसका गीता को चोदने का सपना अब जल्द ही पूरा होने वाला है उधर भी खुश होती है कि उसकी सास अब उसके पापा के सामने खुलने लगी है तब रंजीत गीता को छेड़ने के लिए उस से कहता है
लगता है राजेश जी आपको टाइम नहीं देते हैं
गीता:: गर्म सांसे लेते हुए उनके पास तो मेरे लिए टाइम ही नहीं है
रंजीत:: इसलिए तो मैं गीता जी खातिरदारी का एक मौका मांग रहा हूं हम लड़की वाले हैं इतना हक तो बनता है हमारा तो बोलिए हमारी प्यारी समधन
गीता:: तो ठीक है परसों आरती के ससुर 3 दिन के लिए बाहर जा रहे हैं विजय भी टूर पर है तब आप आ जाइए आपको मना भी तो नहीं कर सकती
इस बार गीता ने डायरेक्टली रंजीत को उसे चोदने के लिए कहा यह सुनकर रंजीत ka land पूरी औकात में आ जाता है
रंजीत कहता है आपको हमारी खातिरदारी जिंदगी भर याद रहेगी आप राजेश जी को भूल जाइएगा गीता रंजीत ki बात से शर्म आ जाती है
तब रंजीत कहता है अब बाकी बातें आपसे आपके घर में होंगी अपना ख्याल रखना गीता इस बार डायरेक्टली रंजीत ने गीता को उसके नाम से बुलाया था
गीता भी शर्मा के सिर्फ हां कह पाती है और फोन रख देती है फोन रखते हैं गीता आरती को अपने बदन के ऊपर खींच लेती है और जी भरकर उसके लाल सुर्ख होठों को अपने लाल सुर्ख होठों से चूसने लगती है 5 मिनट तक गीता आरती के होठों को चूस चूस कर उसका रस पीती रही
फिर आरती से कहती है तेरे पापा से बात करके मेरी चूत कितनी पानी छोड़ रही है जब वह मेरी चड्डी उतार के मुझे पूरी नंगी करेंगे तब तो मैं शर्म से मर जाऊंगी
आरती:: पापा जी रोमांटिक चुदाई के शौकीन हैं उनकी चुदाई की आप कायल हो जाएंगी वह तो आपके दीवाने हैं आपकी इस बड़ी गांड में उन्हें पागल कर दिया है आप उनसे गांड जरूर मरवाना
गीता:: हां आरती मैं इस बार तेरे पापा से इस बार गांड जरुर मर जाऊंगी मेरी चूत बहुत पानी छोड़ रही है मेरा पानी निकाल दे बहू
यह सुनकर आरती भी अपनी ब्रा और पेंटी निकाल कर अपनी सास की तरह पूरी नंगी हो जाती है फिर रूम में लैसबियन चुदाई का एक दौर चलता है और 30 मिनट बाद दोनों नंगी एक दूसरे की बाहों में हाफ रही होती हैं फिर दोनों रंडीया नींद की आगोश में चली जाती है

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12-06-2016, 04:27 PM
Post: #7
RE: पिकनिक का दिन
unn dono ghodiyo की नींद tab khulti hai jab rashmi unnhe uthati hai
rashmi:: hee hee mummy tumhari aur bhabhi
ki chut me hamesha khujli hoti rahti hai mummy bhabhi chaliye khana kha lo ab
गीता:: baatein na bana ab jaa मेरे और आरती के कपड़े ले आ sukh gaye honge
rashmi उन दोनों के कपड़े ले आती है फिर गीता और आरती अपने कपड़े पहन के डाइनिंग रूम में आती है वहां सब खाना खाते हैं फिर सोने चले जाते हैं अगली सुबह 10:00 बजे चारों घोड़ियां अजय के साथ घर आ जाती है घर में सब नॉर्मल था उसी रात आरती का पति विजय ऑफिस टूर में 10 दिन के लिए आउट ऑफ सिटी चला जाता है 2 दिन बाद गीता का पति राजेश भी अजय को लेकर 5 दिन के लिए अपने गांव चला जाता है वहां राजेश को जमीन जायदाद का कुछ काम था और घर में कोई मर्द भी नहीं था इसलिए वह अजय को लेकर गया घर में तीनों घोड़िया अकेली थी दूसरे दिन आरती के पापा रंजीत और गीता के समधी आने वाले थे गीता और आरती के मन में लड्डू फूट रहे थे खासकर गीता के चेहरे पर रंजीत से मिलने की खुशी saaf झलक रही थी
सुबह 10:00 बजे रंजीत आने वाला था गीता रंजीत के आने से पहले बाथरूम में जाकर सावर लेती है शावर लेने के बाद गीता अपने रूम में आ जाती है फिर आलमारी से एक लाल कलर की थोड़ी हल्की ट्रांसपेरेंट साड़ी निकालती है साथ में मैचिंग ब्लाउज पेटीकोट निकाल कर बेड पर रख देती है गीता फिर अपना तोलिया अपने बदन से हटाकर पूरी नंगी होती है पूरी नंगी होने के बाद वो अपनी जी-स्ट्रिंग कि ब्रा पेंटी पहनती है उसके बाद पेटीकोट ब्लाउज फिर साड़ी पहनती है गीता का ब्लाउज पूरा स्लीवलेस था साथ ही साथ बैकलेस भी था गीता के क्लीन सेव armpit एकदम एक्सपोस हो गए थे उसकी पूरी पीठ करीब-करीब नंगी थी साड़ी भी ट्रांसपेरेंट होने के कारण गीता का पूरा क्लीवेज एक्सपोज़ हो रहा था गीता ने अपने बालों को जूड़े में कस लिया था गीता अपने होठों पर डीप shade की लिपस्टिक लगाती है गीता का यह कातिल हुस्न आज किसी का भी लंड खड़ा कर सकता था
गीता जब अपने रुम से बाहर निकलती है तब उसे आरती देखती ही रह जाती है वह कहती है वह मम्मी जी आज तो आप स्वर्ग की अप्सरा लग रही है वह तुरंत अपनी सास के गले लग जाती है और गीता के गालों को चूम लेती है
गीता:: तेरे पापा जी अभी तक नहीं आए बहू
आरती:: स्टेशन आ गए हैं बस 10 मिनट में घर आने वाले हैं वैसे मम्मी जी एक बात पूछूं
गीता: बोल बहू
आरती:: मम्मीजी आप आज पापा जी के लिए तैयार हुई है
गीता:: अब तुमसे क्या छुपाना बहू तेरे पापा आने वाले हैं तो मैंने सोचा मैं भी सज सवर लूं
समधी जी को अच्छा लगेगा
आरती:: यह आपने बिल्कुल ठीक किया मम्मीजी है
उसके बाद गीता अपने रुम में चली जाती है और आरती घर के कामों में लग जाती है 20 मिनट बाद घर की डोर बेल बजती है आरती दरवाजा खोलती है तो सामने उसके पापा थे आरती तुरंत अपने बाप के पैर छूती है रंजीत उसको आशीर्वाद देता है फिर आरती रंजीत का सामान लेकर गेस्ट रुम में चली जाती है गेस्ट रूम में जाकर रंजीत tv खोलकर कर tv देखने लगता है तभी 10 मिनट बाद आरती फिर कमरे में आती है उसके हाथों में चाय की ट्रे थी वह रंजीत को चाय देती है
रंजीत:: बेटी तू भी चाय पीना
आरती:: पापा जी मैंने आधे घंटे पहले ही piया है
तभी आरती की नजर एक फूलों के गुलदस्ते पर पड़ती है wo रंजीत से पूछती है यह फूलों का गुलदस्ता किसके लिए
रंजीत:: मुस्कुराकर तेरी प्यारी सास गीता रानी के लिए स्टेशन से आते वक खरीद लिया
आरती:: यह आपने बहुत अच्छा किया मम्मी जी को गुलाब बहुत पसंद है यह गुलाब के फूलों का गुलदस्ता उन्हें बहुत पसंद आएगा और बताइए मेरी मम्मी जी कैसी हैं
रंजीत:: तेरी मम्मी जी बिल्कुल ठीक है विजय और तेरे को बहुत याद कर रही थी विजय और राजेश बाबू नहीं दिख रहे हैं यह बात रंजीत ने जानबूझ कर रही थी
आरती:: ये अपने ऑफिस टूर पर 10 दिन के लिए बाहर गए हैं ससुर जी और अजय 1 हफ्ते के लिए गांव गए हैं कोई जमीन जायदाद का जरूरी काम था
यह सुनके के रंजीत की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा
वह तुरंत अपनी बेटी आरती को अपनी बाहों में भर लेता है आरती भी अपने पापा के गले लग जाती है
रंजीत:: इसका मतलब बेटी अब एक हफ्ते तक तेरी सास और मुझे कोई डिस्टर्ब करने वाला नहीं है
आरती::हां आप बिल्कुल सही सही कह रहे हैं बेटी एक बात बता तेरी सास इस समय है कहां
aarti::वह अपने कमरे में hai
रंजीत:: मैं अपनी समधन जी से मिलकर आता हूं बेटी
और इसी के साथ रंजीत अपने हाथ में गुलाब का गुलदस्ता लेकर गीता के रूम की ओर जाने लगता है


रंजीत जब गीता के रूम में पहुंचता है तुम गीता को देखकर रंजीत का लंड पेंट में पूरी औकात में आ जाता है गीता के बड़े बड़े स्तन चौड़ी गांड मादक जिस्म उस साड़ी में पूरा एक्सपोज हो रहा था रंजीत को देखते हैं गीता एकदम खुश हो जाती है उसके चेहरे की मुस्कान बता रही थी कि वह रंजीत का बेसब्री से इंतजार कर रही थी रंजीत गीता के पास जाता है गीता को फूलों का गुलदस्ता देते हैं वह कहता है यह हमारी प्यारी समधन जी के लिए प्यारा सा फूलों का गुलदस्ता
फूलों का गुलदस्ता देख गीता खुश हो जाती है
गीता:: आपको कैसे पता कि मुझे गुलाब पसंद है
रंजीत:: इतना तो हमें पता ही है कि हमारी समधन जी को क्या पसंद है और क्या नहीं
गीता थोड़ा झेंप जाती है
गीता:: थोड़ा नखरा करते हुए जाइए हम आपसे बात नहीं करते आपको हमारी याद नहीं आती इतने दिनों ना कोई फोन और ना ही आप हमारे घर आए
रंजीत:: इसके लिए मैं माफी चाहता हूं गीता जी इस बार आया हूं तो आपके सारे गिले शिकवे दूर कर दूंगा
तभी आरती कमरे में आती है और चुपचाप कमरे में दो गिलास जूस रख कर चली जाती है वह अपने बाप को अपनी सास पर लाइन मारने का पूरा मौका दे रही थी
गीता जब जूस का गिलास देखती है तो वह रंजीत से कहती है समधी जी जूस पी लीजिए फिर गीता सोफे पर बैठ कर जूस का गिलास उठा लेती है रंजीत भी एकदम गीता के एकदम पास बैठ जाता है गीता जूस का एक घूंट पीकर गिलास वही रखती है रंजीत यह गौर से देख रहा था रंजीत गीता की नंगी बाहों को अपने हाथों से सहलाता है धीरे-धीरे गीता को यह बहुत अच्छा लगता है फिर गीता की कलाई को अपने एक हाथ से पकड़ लेता है गीता रंजीत की डेरिंग पर खुश होती है रंजीत गीता का झूठा ग्लास उठा लेता है और मजे से जूस पीते हुए जूस का गिलास खाली कर देता है तब गीता रंजीत से कहती है यह मेरा जूठा था आपने इसे क्यों पिया
रंजीत:: मुझे ज्यादा मीठा पसंद है और जूस आपने जूठा कर दिया था तो वो और भी मीठा हो गया
रंजीत का जवाब सुनकर गीता एक बार फिर शर्मा जाती है
गीता के गोरे गोरे पांव को अपने पैरों से सहलाने लगता है गीता को यह बहुत अच्छा लगता है वह जूस का गिलास उठाकर जूस पीने लगती है जब तक गीता जूस पी रही थी तब तक रंजीत उसके हाथों को थाम कर उसके पैरों को अपने पैरों से सहला रहा था ऐसा करते हुए रंजीत का लंड पैंट में अपनी पूरी औकात मैं आ जाता है गीता की नजर जब उस रंजीत के पेंट में पड़े हुए उभार पर पड़ती है गीता उसे देखती ही रह जाती है गीता को लगता है हो ना हो रंजीत का लंड अजय के लंड से जरूर बड़ा है और इस लंड से चुदवाने में बहुत मजा आने वाला है गीता एक एकटक रंजीत के पेंट में बने उभार को देख रही थी रंजीत गीता की नजर को पहचान जाता है वह थोड़ा खासने का नाटक करता है जिससे गीता को एकदम होश मैं आ जाती है गीता को जब मालूम पड़ता है कि उसकी चोरी पकड़ी गई है तो वह शर्म से पानी पानी होने लगती है तब रंजीत बात बदलने के लिए कहता है गीता आज तुम्हें घुमा कर लाता हूं वैसे भी तुम अकेली बोर हो रही हो थोड़ा घूमने से मन भी बहल जाएगा
इस बार रंजीत ने डायरेक्टली गीता को उसके नाम से बुलाया था जो गीता को बहुत अच्छा लगा
गीता:: आप थके हुए होंगे आराम कीजिए हम शाम को चलेंगे
रंजीत:: मैं थका हुआ नहीं हूं मैं ट्रेन में रात भर सो कर आया हूं मेरा घूमने का थोड़ा मन है तुम भी बोर हो रही हो गीता इसलिए घूमने चलते हैं और हां अकेले में हम एक दूसरे को उनके नाम से तो बुला ही सकते हैं
गीता को रंजीत की यह बात अच्छी लगती है
रंजीत आरती के पास जाता है
बेटी मेरा और अपनी सास का दोपहर और रात का खाना मत बनाना हम घूमने जा रहे हैं रात को दस 11:00 बजे लौटेंगे
आरती अपने पापा की इस बात पर खुश होती है वह कहती है वाह पापा जी आपने तो एक ही बार में पूरा मैदान मार लिया
रंजीत::अभी मैदान मारा नहीं है बेटी सिर्फ चारा डाला है शिकार तो रात में फसे गा
आरती रंजीत की इस बात पर खुश होती है वह गाड़ी की चाभियां रंजीत को देती है रणजीत गाड़ी निकालता है और गीता को बैठने के लिए बोलता है गीता पीछे बैठ रही थी तब रंजीत कहता है रानी पीछे नहीं मेरे पास आगे बैठो रंजीत के मुंह से रानी सुनकर गीता को बहुत अच्छा लगा वह ख़ुशी खुशी गाड़ी के आगे बैठ जाती है

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12-06-2016, 04:27 PM
Post: #8
RE: पिकनिक का दिन
रंजीत गीता को अपनी गाड़ी में बैठा कर मंदिर जाता है
gita:: हम मंदिर क्यों आए हैं
रंजीत:: कोई नया काम करने से पहले भगवान का आशीर्वाद ले लेना चाहिए
रंजीत और गीता एक दूसरे का हाथ पकड़ कर मंदिर जाते हैं वहां दोनों साथ साथ पूजा करते हैं तभी मंदिर का पुजारी गीता से कहता है यह लो बेटी प्रसाद अपने और अपने पति के लिए रंजीत यह सुनकर मुस्कुराने लगता है गीता शर्मा जाती है
तब रंजीत गीता के कंधे पर हाथ रख के मंदिर से आ जाता है गीता को अच्छा लगता है कि रंजीत जी ने उसके कंधे पर हाथ रखा गीता और रंजीत अपनी कार की तरफ जा रहे होते हैं कि तभी उन्हें एक आवाज सुनाई देती है वह एक गजरे वाला था वह रंजीत से कहता है भाभी जी के लिए गजरा ले लीजिए उन पर बहुत अच्छा लगेगा गीता यह सुनकर शर्म से पानी पानी हो जाती है रंजीत फिर मुस्कुराने लगता है वह गजरे वाले से एक गजरा लेकर गीता के पास आता है फिर गाड़ी का दरवाजा खोलता है गीता आगे की सीट पर बैठती है और रंजीत उसके बगल में है रंजीत गीता को छेड़ने के लिए कहता है यहां सब को लगता है कि हम पति पत्नी है पर उनको नहीं मालूम असल में गीता रानी मेरी pyaari samdhan है रंजीत की इस बात पर गीता शर्मा जाती है तब रंजीत कहता है
गीता मैंने तुम्हारे लिए गजरा खरीदा है तुम्हारे बालों में लगा देता हूं
Geeta पीछे मूर्ति और रंजीत उसके बालों में गजरा लगा देता है फिर गीता रंजीत से कहती है लो प्रसाद खा लो रंजीत:: अपने हाथ से खिलाओगी तो खाऊंगा
गीता:: लो अपने हाथों से खिलाती हूं रंजीत तुमको
गीता रंजीत को अपने हाथों से प्रसाद खिलाती है फिर रंजीत भी गीता को प्रसाद खिलाता है उसके बाद रंजीत गाड़ी स्टार्ट करता है फिर दोनों चले जाते हैं रंजीत उसके बाद गाड़ी को एक साड़ी की दुकान में खड़ी करता है
गीता:: यहां हम किस लिए आए हैं
रंजीत:: सोच रहा हूं तुम्हारे लिए कुछ नई साड़ी लेलु गीता आओ देखते हैं
गीता और रंजीत दुकान के अंदर आते हैं तब दुकानदार भी गीता को रंजीत की लुगाई समझ लेता है
रंजीत दुकानदार से कहता है इनके लिए अच्छी साड़ी दिखाइए दुकानदार साड़ी दिखाते हुए कहता है यह देखिए यह सभी बढ़िया है भाभी जी पर यह साड़ियां बहुत अच्छी लगेंगी रंजीत यह सुनकर फिर मुस्कुरा देता है और गीता अपनी नज़रें नीची कर लेती है
गीता दो तीन अच्छी साड़ियां पसंद करती है तभी दुकानदार गीता से कहता है भाभी जी हमारे पास अच्छे डिज़ाइनर ब्लाउज का स्टॉक है अगर आप अपना साइज़ बताएं तो मैं नया स्टॉक आपको दिखाता हूं
गीता सोच में पड़ जाती है क्योंकि वह अपने सारे ब्लाउज लेडीज टेलर के पास से सिलवाती थी रेडीमेड ब्लाउज नहीं पहनती थी
गीता:: असल में मैं अपने सारे ब्लाउज लेडीस टेलर के पास से सिल्वा आती हूं रेडीमेड ब्लाउज मैंने कभी नहीं पहना इसीलिए मुझे शायद मालूम नहीं
दुकानदार:: ऐसा कीजिए भाई साहब आप भाभी जी को चेंजिंग रूम में ले जाकर उनके ब्लाउज का नाप ले लीजिए तब मैं आपको नया स्टॉक दिखाता हूं
यह सुनकर रंजीत की खुशी का ठिकाना ही नहीं रहता लेकिन गीता के पैरों तले जमीन खिसक जाती है रंजीत गीता को फिर छेड़ने के लिए कहता है चलो भाग्यवान आओ चेंजिंग रूम में नाप ले लेते हैं दुकानदार रंजीत को एक मेजरिंग टेप पकड़ा देता है गीता चेंजिंग रूम मैं आती है पीछे पीछे रंजीत भी घुस जाता है
और चेंजिंग रूम के दरवाजे को बंद कर देता है फिर चिपकलि लगा देता है गीता का दिल जोरों से धड़क रहा था उसे मालूम नहीं था कि रंजीत उसके साथ क्या करने वाला है वही रंजीत के मन में लड्डू फूट रहे थे
रंजीत गीता की साड़ी का पल्लू हटाकर गीता के पूरे क्लीवेज को एक्सपोज कर देता है
गीता की दिल की धड़कनें तेज होती है रंजीत का हाथ पकड़ लेती है
गीता:: नहीं रंजीत मुझे बहुत शर्म आ रही है मेरे पास बहुत ब्लाउज हैं इसलिए ये रहने दो
रंजीत:: मैं क्या कोई गैर हु गीता फिर तुम मुझसे इतना क्यों शर्मा रही है एक काम कर अगर तुझे शर्म आ रही है तो अपनी आंखें बंद कर ले फिर मैं तेरा नाप ले लूंगा
गीता:: जैसी तुम्हारी मर्जी रंजीत गीता का दिल जोरों से धड़क रहा था गीता अपनी आंखे बंद कर लेती है
रंजीत गीता की साड़ी का पल्लू पूरा गिरा देता है गीता के बड़े बड़े स्तन रंजीत के सामने एकदम एक्सपोस हो गए थे जिसे देखकर पैंट के अंदर रंजीत का लंड एकदम औकात में आ गया रंजीत गीता के दोनों स्तनों को ब्लाउज के ऊपर से ही अपने हाथों में भरकर धीरे-धीरे उन्हें सहलाते हुए मजे लेने लगता है गीता के जिस्म की खुशबू रंजीत को दीवाना बना रही थी रंजीत की इन हरकतो से गीता के इस स्तनों के निप्पल एक दम तन जाते हैं
गीता मदहोशी में आहें भरने लगती है
गीता:: मत करो रंजीत कुछ-कुछ हो रहा है aahhhhh sssiiii
रंजीत:: गीता को छेड़ने के लिए मैं कहां कुछ कर रहा हूं मैं तो सिर्फ तेरा नाप ले रहा हूं रानी
चल अपने हाथ ऊपर कर मुझे नाप लेना है
गीता जैसे ही अपने हाथ ऊपर करती है उसके सेक्सी क्लीन शेव आर्मपिट रंजीत के सामने एकदम नंगे हो जाते हैं गीता के बदन की खुशबू रंजीत को पागल कर देती है वह तुरंत गीता को अपनी बाहों में भर कर गीता के क्लीन शेव आर्मपिट को बारी बारी से चूमने चाटने लगता है 2 मिनट के अंदर गीता के क्लीन शेव आर्मपिट रंजीत के थूक से पूरे गीले हो जाते हैं जीता जो पहले से रंजीत की हरकतों से गर्म हो गई थी वह भी रंजीत को अपनी बाहों में भर कर रंजीत को अपने बदन से चिपका लेती है रंजीत तुरंत गीता के लाल सुर्ख होठों को अपने होठों से चूसने लगता है गीता भी रंजीत के होंठों को पागलों की तरह चूस रही थी दोनों इसी तरह 3 मिनट तक एक दूसरे के होठों से एक दूसरे का रस पीते रहे तब गीता को होश आया व रंजीत से कहती है यहां नहीं रंजीत घर चलते हैं रंजीत भी मौके की नजाकत को समझ जाता है और दोनों अपने कपड़े ठीक करते हैं रंजीत अपने रुमाल से अपने होठों पर लगी लिपिस्टिक पहुंचता है फिर दोनों दुकानदार के पास आते हैं
दुकानदार:: हां भाई साहब साइज बताइए
रंजीत:: डबल x l
यह कहते ही रंजीत गीता की तरह देखते हुए मुस्कुरा देता है गीता तुरंत अपनी नज़रें नीची कर लेती है
रंजीता और गीता उस दुकान से चार साड़ी और 4 डिज़ाइनर ब्लाउज लेकर वहां से चले जाते हैं रंजीत और गीता गाड़ी पर बैठते हैं गीता अपनी नजरें रंजीत से नहीं मिला पा रही थी
तब रंजीत बात को बदलते हुए बड़ी जोरों की भूख लगी है चलो किसी रेस्टोरेंट में चल कर खाना खाते हैं रंजीत गीता को एक अच्छे से रेस्टोरेंट में ले जाता है वहां आकर बेटर उनसे ऑर्डर लेता है फिर खाना सर्व करता है रंजीत और गीता फैमिली केबिन में बैठे थे एक दूसरे के बिल्कुल आमने सामने फिर दोनों खाना शुरू करते है
गीता जब खाना खा रही होती है तब रंजीत उसके उसी हाथ को पकड़ लेता है जिस हाथ मेंniwala वाला था
गीता को कुछ समझ में नहीं आता तब रंजीत उसका हाथ अपने मुंह के पास ले जाता है और गीता के हाथों से निवाला खाता है यह देखकर गीता खुश हो जाती है और अपने हाथों से दूसरा निवाला बना कर रंजीत को खुद खिलाती है
रंजीत जी गीता को अपने हाथों से खिलाता है इस तरह आप दोनों लंच करते हैं लंच करने के बाद रंजीत होटल का बिल paid करता हैफिर दोनों गाड़ी में बैठकर निकल जाते हैं

gita ko Lee ke ranjit city k outer me aa jaata hai waha ek movie hall tha USS hall में ज्यादा भीड़ नहीं रहती थी
uss samay waha ek इंग्लिश पिक्चर लगी थी
ranjit gita ke sath masti karne ke irade se
hall me aata hai
रंजीत जानबूझकर बालकोनी के टिकट लेता है टिकट लेने के बाद रंजीत और गीता dono hall में आ जाते हैं
गीता hall में आती है तो देखती है hall में बिल्कुल
bhid nahi नहीं है sirf 3 log hai उनके अलावा geeta
ka dil zorse dhadkne lagta hai yaha iss movie hall me ab kya hone wala hai
ranjeet aur geeta balcony ki last row me
baithe the. unn dono ka picture me koi interest nahi tha . movie shuru hote hi hall me andhera hota hai गीता और रंजीत मजे से मूवी देखने लगते हैं मूवी देखते-देखते कभी रंजीत गीता की नंगी पीठ को सहला देता कभी उसकी छाती पर हाथ मार देता बीच-बीच में गीता के गालो को भी छूटा गीता को यह सब बहुत अच्छा लग रहा था फिर उसके बाद इंटरवल होता है मूवी बहुत बोरिंग थी इसलिए जो तीन चार लोग बालकोनी में गीता और रंजीत के साथ मूवी देख रहे थे वह इंटरवल में ही चले गए
मूवी इंटरवल में रंजीत और गीता कोलड्रिंक पी के जब अपनी सीट पर आते हैं तो गीता देखती है उस समय वहां उनके अलावा कोई नहीं था गीता का दिल जोरों से धड़क रहा था पर रंजीत के साथ इस मूवी हॉल में बिल्कुल अकेले सिर्फ वो दोनों यह सोचकर गीता के दिल में गुदगुदी होने लगी रंजीत को जब यह पता चलता है कि वह गीता इस हॉल में बिल्कुल अकेले हैं तू उसकी
खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा
वो फैसला कर लेता है इन एक डेढ़ घंटे में वह गीता के साथ जम के मजे लूटे गा
रंजीत अपना हाथ गीता की नंगी बाहों में डाल के गीता को अपनी तरफ खींचता है गीता भी रंजीत की तरफ अपने आप खिची चली जाती है रंजीत गीता के चेहरे से गीता की जुल्फों को हटाता है
फिर गीता के चेहरे को चूमने लगता है गीता के चेहरे को चूमते हुए रंजीत बीच-बीच में गीता के गुलाबी गालों को चाट भी लेता गीता की चूत पानी छोड़ने लगती है उसे लगता है कि हजारों चीटियां उसकी चूत में चल रही है
तब रंजीत गीता के चेहरे को पकड़कर उसके होठों को अपनी तरफ करता है और गीता के सुर्ख लाल होटो को चूसना शुरु कर देता है गीता को रंजीत से अपने होंठ चुसवाने में बड़ा मजा आ रहा था
तभी रंजीत अपनी बेल्ट खोलने लगता है गीता तुरंत रंजीत कां hath पकड़ लेती है
गीता:: यहां नहीं रंजीत कोई हमें देख लेगा चलो घर चलते हैं
रंजीत:: प्यार करने देना गीता यहां हम दोनों के अलावा कोई नहीं है मुझ पर विश्वास रख जान कुछ नहीं होगा
रंजीत के force करने पर गीता मान जाती है
रंजीत गीता के लाल-लाल होठों को अपने होठों से फिर चूसने लगता है गीता की नजर रंजीत की हरकतों पर थी रंजीत अपने एक हाथ से पैंट खोलता है पेंट खोलने के बाद वह अपनी पैंट को जांगो तक सरका देता है फिर अपने एक हाथ से अपना अंडरवियर अपनी जांगो तक कर देता है
रंजीत का लंड खुली हवा में सांस लेने लगता है रंजीत का लंड पूरी औकात में आ गया था पूरे 11 इंच लंबा और 3:30 इंच चौडi
गीता की नजर जब रंजीत के लंड पर पड़ती है तो उसकी बोलती ही बंद हो जाती है रंजीत का नंगा लंड देख कर नीता मदहोश होने लगती है उसकी चूत पूरी गीली हो गई थी उसकी चूत का पानी उसकी चूत से होते हुए जांगो तक chu गया था
गीता ने इतना बड़ा लंड अपनी जिंदगी में नहीं देखा था
गीता सोचती हैं कितना बड़ा है रंजीत का लंड है या लंड तो उसकी चूत की चटनी बना देगा
रंजीत का लंड तो अजय के लंड से भी बड़ा है और मोटा भी है गीता राजीव के लंड को खा जाने वाली नजरों से देख रही थी वह बिल्कुल चुदासी हो गई थी
रंजीत पहचान जाता है गीता आंखें फाड़-फाड़कर उसके नंगे लंड को ही देख रही है तब रंजीत गीता के होंठों से गीता का रस पीते हुए गीता की नंगी पीठ पर हाथ घुमाने लगता है हाथ घुमाते घुमाते रंजीत गीता की बैकलेस ब्लाउज के सभी धागे खोल देता है फिर गीता के ब्लाउज को उसके स्तनों से ऊपर करके ब्रा के दोनों का को साइड में करके गीता के बड़े-बड़े गोल-गोल स्तनों को पूरा नंगा करता है गीता के नंगे स्तनों को देख कर रंजीत का लंड एकदम उछलने लगता है गीता के स्तन बिल्कुल शेप मे
the और उन बड़े बड़े स्तनों पर तना हुआ गुलाबी निप्पल देखकर रंजीत के जिसमें वासना की लहर दौड़ गई वह तुरंत गीता के दूध के निप्पल को अपने मुंह में भरकर एक छोटे बच्चे की तरह चूसने लगता है
जिससे गीता तुरंत होश में आ जाती है गीता भी वासना की आग में जलने लगती ह वह wo रंजीत के लंड को अपनी एक हाथ से पकड़कर सहलाने लगती है दूसरे हाथ से उसने रंजीत के सर को अपने नंगे स्तनों पर दबाते हुए कहती है हां रंजीत बड़ा मजा आ रहा है ऐसे ही मेरी चूची को पी ओ गीता रंजीत के लंड को सहलाते हुए मजे से रंजीत को अपनी चूची pila रही थी
10:00 मिनट तक रंजीत गीता के निप्पल को पीते हुए उसका रस निकालता रहा फिर वह गीताकी दूसरी चूची के निप्पल को को अपने हाथों में लेकर अपने होठों से चूसते हुए फिर से गीता का रस पीने लगता है
10 मिनट निप्पल को पीके रंजीत गीता के निप्पल को रंजीत एकदम लाल कर देता है गीता के दोनों निप्पल रंजीत के थूक से एकदम चमक रहे
गीता ne मदहोशी में अपनी आंखें बंद कर ली थी वह रंजीत का लंड सहलाते हुए आहें भर रही थी
aag तरफ बराबर लगी थी रंजीत का लंड लोहे की तरह सख्त था और गीता की फटी हुई बुर उसी के पानी से पूरी गीली हो गई थी




तब रंजीत को लगता है कि गीता को यहां चोदना ठीक नहीं होगा यह उन्हें कोई देख सकता है इसलिए वह खुद पर कंट्रोल करता है गीता के ब्लाउज को सही करता है फिर उसकी ब्रा को भी ठीक करता है उसके बाद गीता के ब्लाउज की डोरी को बांधा ta है
फिर गीता की साड़ी के पल्लू को उसके सीने पर रखता है फिर अपनी पैंट पहनता है फिर गीता को अपने कंधे से टीका के मूवी देखने लगता हैं गीता भी रंजीत से बेल की तरह लिपट जाती है इस तरह समय कैसे बीत गया दोनों को पता ही नहीं चला मूवी खत्म होने के बाद रंजीत गीता को लेकर एक रेस्टोरेंट में जाता हैं जहां दोनों नाश्ता करते हैं उसके बाद गीता को लेकर रंजीत एक बुटीक में जाता है
गीता:: यहां हम क्यों आए हैं हमने तो पहले ही शॉपिंग कर ली
रंजीत:: हम डिस्को जाने वाले हैं अब inn कपड़ों में तो जा नहीं सकते हैं इसलिए यहां कपड़े लेने आए हैं
गीता अपनी जिंदगी में कभी डिस्को नहीं गई थी बस डिस्को के बारे में सुना था तो गीता के दिल में गुदगुदी होने लगी पर उस को मालूम था कि वहां मजा बहुत आने वाला है
रंजीत गीता के लिए एक legings एक पूरे खुले गले का इसकिन फिट स्लीवलेस टी शर्ट और एक जैकेट पसंद करता है अपने लिए रंजीत एक जींस और टीशर्ट लेता है
फिर दोनों चेंजिंग रूम में जाकर कपड़े बदलने लगते हैं रंजीत उन कपड़ों में जच रहा था गीता उसे देख कर खुश हो जाती है जब रंजीत गीता को देखता है तो देखते ही रह जाता है लेगिंग्स में गीता की गांड एक्सपोज हो गई थी और उसकी t-शर्ट में गीता के गोल-गोल दूध बाहर आने को बेताब थे लेकिन जैकेट ने गीता के बूब्स और गांड को ढका हुआ था
गीता ने पहली बार ऐसे कपड़े पहने थे इसलिए थोड़ा शर्म आ रही थी रंजीत के साथ गीता एक डिस्को क्लब में आ जाती है क्लब में अंधेरा था सिर्फ डिस्को लाइट चमक रही थी रंजीत और गीता एक किनारे वाले टेबल पर बैठ जाते हैं रंजीत चार बीयर का ऑर्डर देता है साथ में स्नैक्स दो गीता के लिए और दो अपने लिए
गीता अजय के साथ बियर पी चुकी थी लेकिन रंजीत के साथ पीने में उसे शर्म आ रही थी रंजीत से पूछती है यह सब किसके लिए है
रंजीत:: अब डिस्को आए हैं तो थोड़ी मौज मस्ती कर ले इसलिए मैंने मंगवाई है यह बीयर है शराब नहीं
इसी के साथ रंजीत बीयर का एक ढक्कन खोल कर बोतल गीता को पकड़ा देता है पर एक बोतल खुद ही पीने लगता है 20 मिनट में ही दोनों अपनी-अपनी बोतलें खाली कर देते हैं दोनों को हल्का शुरुर चला गया था रंजीत गीता के गले में अपनी बाहें डाल देता है गीता भी रंजीत से पूरी तरह सट जाती है जिसको का वातावरण बहुत मादक था कई जोड़े नाच रहे थे
रंजीत:: कैसा लग रहा है जानू रंजीत थोड़ा रोमांटिक होते हुए
गीता जिससे आप शराब का सुरूर अच्छा खासा चढ़ गया था आज तुमने गीता का दिल जीत लिया रंजीत तुम्हारे साथ समय बिताकर मुझे बहुत अच्छा लगा
रंजीत:: यह तो सिर्फ ट्रेलर है अभी पिक्चर बाकी है रानी आगे आगे देख क्या होता है
चल आ जा थोड़ा डांस करते हैं
इसके बाद रंजीत गीता को डांस फ्लोर पर ले जाता है गीता और रंजीत पूरी दुनिया से बेखबर एक दूसरे के गले में बाहें डाल गाने की धुन पर थिरक रहे थे
10:00 मिनट तक वह दोनों नाचते हैं फिर थक कर वापस अपनी जगह पर बैठ जाते हैं तब रंजीत गीता को दूसरी beer की 2ri बोतल खोल कर देता है
और खुद भी आखिरी बोतल से बीयर पीने लगता है
कुछ देर में दोनों अपनी-अपनी बोतलें खाली कर देते हैं दोनों पर शराब का नशा अच्छा खासा चढ़ गया था
गीता कुछ ज्यादा नशे में थी
रंजीत यहां-वहां देखता है सभी जोड़े अपने में ही मग्न थे तब रंजीत गीता के जैकेट के अंदर हाथ डाल देता है और टी शर्ट के ऊपर से गीता के स्तनों को बड़े प्यार से सहलाने लगता है गीता भी रंजीत के सर को पकड़कर रंजीत के होठों को अपने होठों के पास लाती है फिर रंजीत के होठों को चूसते हुए रंजीत का रस पीने लगती है
दोनों को यूं खुले में रोमांस करना बहुत अच्छा लग रहा था तब रंजीत गीता का हाथ अपने हाथ में लेते हुए
गीता को फिर से डांस फ्लोर पर ले आता है वहां सभी जोड़े एक दूसरे में मगन अपनी ही दुनिया में खोए हुए थे
रंजीत और गीता एक बार फिर एक दूसरे के गले में बाहें डाल गाने की धुनों पर थिरकने लगते हैं
तभी रंजीत को एक शरारत सूझती है
वह धीरे से अपने दोनों हाथ गीता की गांड पर रखता है फिर अपने हाथ को धीरे धीरे नीचे ले जाकर गीता की योनि को legings उस के ऊपर से ही सहलाने लगता है जिससे गीता एकदम गर्म हो जाती है वह रंजीत को पूरा अपनी बाहों में भर लेती है फिर धीरे से रंजीत के कान में कहती है चलो रंजीत अब घर चलो घर पर हम अपनी सुहागरात मनाएंगे
यह सुनकर रंजीत खुशी से पागल हो जाता है वह भी गीता को अपनी बाहों में भर लेता ह
रंजीत:: क्या रानी तू सच में मेरे साथ सुहागरात मनाना चाहती है
गीता::मैं रंजीत तुम्हें चाहने लगी हूं तुम्हें अपना सब कुछ सोचना चाहती हूं तुम्हारे जैसा मर्द मेरी जिंदगी में नहीं आया है
गीता के मुंह से यह सुनकर रंजीत एकदम खुशी से पागल हो जाता है वह भी गीता के गालो को चूमकर धीरे से गीता के कान में आई लव यू कहता है
गीता को यह 3 शब्द सुनने के बाद ऐसा लगता है कि उसे जन्नत मिल गई
गीता और रणजीत फिर उस क्लब से निकल जाते हैं और गाड़ी में बैठ कर वापस घर आने लगते हैं








घर आकर रंजीत गाड़ी पार्क करता है फिर आरती को को फोन लगाता है
रंजीत:: बेटी मैं और गीता घर आ गए हैं दरवाजा खोलना
आरती:: जी पापा जी
तब रंजीत गीता के पास जाता है और गीता का जैकेट निकाल देता है जैकेट निकलते ही गीता का पूरा फिगर एक्सपोज हो जाता है बड़े बड़े दूध बड़ी गांड सिर्फ एक लॉग इन और एक पतली सी स्लीवलेस टीशर्ट से ढकी हुई थी
फिर रंजीत गीता की कमर में हाथ डालता है गीता भी अपनी बाहें रंजीत की गर्दन में डाल देती है फिर दोनों सीढ़ियां चढ़ते हुए घर के अंदर आ जाते हैं वहां आरती
उन दोनों को देखकर खुश हो जाती है वह रंजीत से कहती है वह पापा जी आपने तो मैदान मार लिया एक ही बार में मेरी सासू मां का दिल जीत लिया रंजीता अपनी तारीफ सुनकर फूला नहीं समाता वह तुरंत गीता की बांह पकड़ कर उसे अपनी ओर खींचता है इससे पहले कुछ गीता समझ पाती रंजीत उसके होठों को अपने होठों से पीने लगता है फिर अपने एक हाथ से गीता के दूध दबा देता है गीता को अपने बहू के सामने उसी के पापा
के साथ रोमांस करते हुए एकदम शर्मा जाती है वह तुरंत भाग कर अपने रूम में चली जाती है
तब आरती रंजीत से कहती है सुहागरात मुबारक हो पापा तब रंजीत आरती को बाहों में भर कर उसके गालों को 2 मिनट तक चूम लेता है दोनों बाप बेटी के दिल में लड्डू फूट रहे थे उसके बाद आरती रंजीत को गीता के कमरे में जाने के लिए कहती है रंजीत गीता के रूप में पहुंचता है और रुम का दरवाजा बंद कर देता है गीता सिर्फ रंजीत को ही देख रही थी रंजीत गीता के पास आकर उसे अपनी बाहों में उठा लेता है गीता भी अपनी बाहें रंजीत के गले में डाल देती है रंजीत गीता को बेड पर लेटा देता है सबसे पहले वह उस का सैंडल निकालता है

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